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‘Small potatoes’: “18 अमेरिकी सैनिकों की मौत बड़ी बात नहीं !”, ट्रंप ने ईरान युद्ध को बताया मामूली,

RK News by RK News
September 5, 2026
Reading Time: 1 min read
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मुजतबा खामेनेई और डोनाल्ड ट्रंप

ट्रंप के 'डील खत्म' बयान के बाद ईरान ने अमेरिका को कड़ी चेतावनी देते हुए जवाबी कार्रवाई की बात कही।

वॉशिंगटन: अमेरिका और ईरान के बीच जारी सैन्य संघर्ष के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने युद्ध की गंभीरता को कम करके पेश करते हुए इसे “Small potatoes” यानी अमेरिका के लिए मामूली मामला बताया है। शुक्रवार, 4 सितंबर को पत्रकारों से बातचीत में ट्रंप ने कहा कि वह इसे पूर्ण युद्ध के बजाय “military conflict” कहना पसंद करते हैं। उन्होंने संघर्ष को “बहुत सीमित” और रुक-रुककर होने वाली सैन्य कार्रवाई के रूप में पेश किया। ट्रंप की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब क्षेत्र में अमेरिकी और ईरानी सैन्य गतिविधियां जारी हैं और संघर्ष में 18 अमेरिकी सैन्यकर्मियों की मौत की रिपोर्ट सामने आ चुकी है।

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ट्रंप ने क्यों कहा ‘Small potatoes’?

ट्रंप से जब ईरान के साथ चल रही लड़ाई की प्रकृति और उसकी गंभीरता के बारे में सवाल किया गया, तो उन्होंने संघर्ष की तुलना अमेरिका के पिछले बड़े युद्धों से करते हुए इसकी तीव्रता को कम बताया। उनका कहना था कि मौजूदा स्थिति को उन लंबे और बड़े सैन्य अभियानों के बराबर नहीं रखा जा सकता, जिनमें अमेरिका ने अतीत में भारी संख्या में सैनिक गंवाए थे। इसी संदर्भ में ट्रंप ने इसे “Small potatoes” कहा। यह अमेरिकी अंग्रेजी का मुहावरा है, जिसका अर्थ किसी चीज को अपेक्षाकृत छोटा या कम महत्व वाला बताना होता है। ट्रंप ने यह भी कहा कि ईरान के साथ मौजूदा स्थिति को युद्ध कहने के बजाय सैन्य संघर्ष कहना अधिक उचित होगा।

JD Vance के बयान का भी किया बचाव

ट्रंप का बयान अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस की उस टिप्पणी के बाद आया जिसमें वेंस ने कहा था कि वह ईरान के साथ जारी अमेरिकी सैन्य अभियान को “war” नहीं कहेंगे। वेंस ने इसे सैन्य कार्रवाई या संघर्ष के रूप में देखने की बात कही थी।

ट्रंप ने वेंस के आकलन का समर्थन किया और कहा कि दोनों देशों के बीच लगातार चल रहे हमलों के बावजूद मौजूदा स्थिति को पूर्ण पैमाने के युद्ध के रूप में परिभाषित करना उचित नहीं है। प्रशासन की ओर से इस शब्दावली का इस्तेमाल संघर्ष की राजनीतिक और सार्वजनिक धारणा को प्रभावित करने वाला महत्वपूर्ण संकेत माना जा रहा है।

18 अमेरिकी सैनिकों की मौत के बीच आया बयान

ट्रंप की “Small potatoes” टिप्पणी का सबसे महत्वपूर्ण संदर्भ अमेरिकी सैनिकों की मौत है। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक ईरान संघर्ष में अब तक 18 अमेरिकी सैन्यकर्मी मारे गए हैं। इसी वजह से ट्रंप की टिप्पणी अमेरिका में राजनीतिक और सार्वजनिक बहस का विषय बन गई है।

ट्रंप ने हालांकि मौतों की गंभीरता से इनकार नहीं किया, लेकिन उनका तर्क रहा कि पिछली अमेरिकी जंगों की तुलना में मौजूदा सैन्य नुकसान और संघर्ष का स्तर काफी कम है। इस तरह उन्होंने संघर्ष की व्यापकता को उसके मानवीय और सैन्य नुकसान के बजाय पिछले युद्धों के पैमाने से तुलना करके पेश किया।

ईरान पर अमेरिकी हमले लगातार जारी

ट्रंप के बयान के बावजूद अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम होने के संकेत नहीं हैं। हाल के अमेरिकी हमलों में ईरान के एयर डिफेंस सिस्टम, रडार, समुद्री संसाधनों, माइन बिछाने की क्षमता और संचार से जुड़े ठिकानों को निशाना बनाए जाने की जानकारी अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने दी है।

इसके जवाब में ईरान ने क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी ठिकानों और अमेरिका के सहयोगी देशों को निशाना बनाया है। ईरानी मिसाइल और ड्रोन हमलों के बाद खाड़ी क्षेत्र में तनाव और बढ़ा है। अमेरिका ने पहले ही चेतावनी दी थी कि ईरान की ओर से जवाबी हमला होने पर वह और कड़ी सैन्य कार्रवाई कर सकता है।

ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर ट्रंप का नया खतरा

ट्रंप ने संघर्ष को छोटा बताने के साथ ही ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर अपना सख्त रुख भी दोहराया। उन्होंने ईरान के एक बेहद सुरक्षित भूमिगत परमाणु स्थल, जिसे “Pickaxe Mountain” के नाम से संदर्भित किया जा रहा है, पर जल्द कार्रवाई किए जाने की संभावना जताई। रिपोर्टों के मुताबिक ट्रंप ने कहा कि अमेरिका इस ठिकाने को “very soon” निशाना बना सकता है। इससे एक तरफ जहां ट्रंप मौजूदा संघर्ष को सीमित बता रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ उनका बयान संभावित रूप से आगे और सैन्य कार्रवाई की ओर भी संकेत करता है।

हॉर्मुज संकट भी संघर्ष का अहम हिस्सा

अमेरिका-ईरान संघर्ष का एक बड़ा केंद्र आबनाए हर्मुज बना हुआ है। यह समुद्री मार्ग वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। संघर्ष के दौरान यहां जहाजों की आवाजाही बुरी तरह प्रभावित हुई है और इसके चलते तेल बाजार तथा अंतरराष्ट्रीय अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ा है।

अमेरिकी कार्रवाई का एक उद्देश्य ईरान की समुद्री और सैन्य क्षमताओं को कमजोर करना भी बताया गया है। दूसरी ओर ईरान इस रणनीतिक जलमार्ग को अमेरिका पर दबाव बनाने के लिए इस्तेमाल कर रहा है। इससे संघर्ष केवल दोनों देशों तक सीमित न रहकर पूरे पश्चिम एशिया और वैश्विक ऊर्जा बाजार के लिए चिंता का विषय बन गया है।

अमेरिका में भी बढ़ रहा है युद्ध को लेकर दबाव

ट्रंप की टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब अमेरिका में भी ईरान संघर्ष की राजनीतिक कीमत को लेकर सवाल बढ़ रहे हैं। Reuters/Ipsos के हालिया सर्वेक्षण के मुताबिक केवल 25 प्रतिशत अमेरिकी नागरिकों ने कहा कि ईरान के साथ युद्ध अमेरिका के लिए सार्थक है। यह आंकड़ा दिखाता है कि संघर्ष को लेकर अमेरिकी जनता के बीच समर्थन सीमित है।

नवंबर के मध्यावधि चुनाव भी करीब हैं। ऐसे में ट्रंप प्रशासन के लिए युद्ध की अवधि, अमेरिकी सैनिकों की मौत और आर्थिक असर राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण मुद्दे बन सकते हैं। ट्रंप ने हालांकि यह संकेत दिया है कि उनका ईरान संबंधी फैसला चुनावी राजनीति से प्रभावित नहीं है।

Tags: Donald TrumpDonald Trump StatementIran CrisisIran US WarIran WarMiddle East WarSmall PotatoesStrait of HormuzTrump Iran WarUS Iran ConflictUS Military
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