रियाद: यमन के हूती विद्रोहियों और सऊदी अरब के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। सऊदी अधिकारियों के मुताबिक, हूतियों की ओर से देश के अलग-अलग हिस्सों में मिसाइल और ड्रोन हमले किए गए हैं। इसी बीच सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने दावा किया कि उसकी वायु रक्षा ने मक्का के दक्षिण में एक हूती ड्रोन को उस समय नष्ट कर दिया, जब वह पवित्र शहर के प्रतिबंधित हवाई क्षेत्र की ओर बढ़ रहा था। हालांकि हूती अधिकारियों ने मक्का या किसी अन्य इस्लामी पवित्र स्थल को निशाना बनाने के आरोप को खारिज कर दिया है।
मक्का के पास ड्रोन गिराने का सऊदी दावा
सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन के प्रवक्ता तुर्की अल-मलिकी के मुताबिक, सऊदी एयर डिफेंस ने मक्का के दक्षिण में एक ड्रोन को इंटरसेप्ट कर नष्ट कर दिया। उन्होंने कहा कि ड्रोन को पवित्र शहर के प्रतिबंधित हवाई क्षेत्र में प्रवेश करने से पहले ही रोक लिया गया।
सऊदी पक्ष ने मक्का की सुरक्षा को अपनी प्राथमिकता बताते हुए इसे “रेड लाइन” करार दिया है। रॉयटर्स के अनुसार, सऊदी अधिकारियों ने इसे 2017 के बाद मक्का की दिशा में हूती हमले की दूसरी कथित कोशिश बताया है।
हूतियों ने मक्का को निशाना बनाने से किया इनकार
सऊदी दावे के बाद हूती अधिकारियों ने मक्का को निशाना बनाने की बात से इनकार किया। हूती पक्ष का कहना है कि सऊदी अरब की ओर से लगाया गया यह आरोप गलत है और उन्होंने किसी इस्लामी पवित्र स्थल को निशाना नहीं बनाया।
इस तरह फिलहाल मक्का को निशाना बनाए जाने का दावा दोनों पक्षों के बयानों में विवादित है। सऊदी अरब इसे हूती ड्रोन से जुड़ी सुरक्षा घटना बता रहा है, जबकि हूती पक्ष ने मक्का को निशाना बनाने की बात खारिज की है।
सऊदी अरब के पश्चिमी और दक्षिणी इलाकों में हमले
मक्का के घटनाक्रम से अलग, हाल के दिनों में हूतियों ने सऊदी अरब के कई हिस्सों को निशाना बनाने वाले मिसाइल और ड्रोन हमलों की जिम्मेदारी ली है। रॉयटर्स के मुताबिक, हूतियों ने दक्षिणी सऊदी शहरों पर बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन से हमले किए हैं। अब ताजा घटनाक्रम में मक्का, जेद्दा और ताइफ समेत कई इलाकों में सुरक्षा अलर्ट जारी किए जाने की खबरें हैं। सऊदी अधिकारियों के अनुसार, हालिया हमलों में कुछ नागरिक भी घायल हुए हैं। ताजा रिपोर्टों में तीन सऊदी शहरों पर मिसाइल और ड्रोन हमलों में 13 नागरिकों के घायल होने की जानकारी सामने आई है।
क्षेत्र में क्यों बढ़ रहा है तनाव?
हूतियों और सऊदी अरब के बीच तनाव यमन युद्ध से जुड़ा हुआ है, लेकिन मौजूदा हालात व्यापक मध्य-पूर्व संघर्ष से भी प्रभावित हैं। हूती समूह ईरान के साथ गठबंधन रखने वाला संगठन है और उसने हालिया हमलों को सऊदी अरब की ओर से यमन में की जा रही सैन्य कार्रवाई के जवाब के रूप में पेश किया है।
सऊदी अरब के लिए यह स्थिति इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि देश के पश्चिमी और दक्षिणी हिस्सों में मक्का, मदीना, जेद्दा और अन्य महत्वपूर्ण शहर स्थित हैं। किसी भी हवाई हमले या ड्रोन गतिविधि के कारण इन इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था और हवाई निगरानी बढ़ानी पड़ रही है।
मक्का की सुरक्षा को लेकर सऊदी अरब का सख्त रुख
मक्का इस्लाम का सबसे पवित्र शहर है और यहां हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु उमरा और हज के लिए पहुंचते हैं। सऊदी गठबंधन ने कहा है कि पवित्र शहर की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा और ऐसे किसी भी खतरे के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल मक्का को कथित तौर पर निशाना बनाने की घटना पर सऊदी अरब और हूतियों के दावे एक-दूसरे से अलग हैं। इसलिए यह स्पष्ट रूप से कहना कि ड्रोन का उद्देश्य मक्का पर हमला करना था, अभी केवल सऊदी पक्ष के दावे पर आधारित होगा। क्षेत्र में मिसाइल और ड्रोन हमलों का सिलसिला जारी रहने से मध्य-पूर्व में तनाव और बढ़ने की आशंका बनी हुई है।











