Roznama Khabrein
No Result
View All Result
  • होम
  • समाचार
  • देश-विदेश
  • पड़ताल
  • एजुकेशन
  • विचार
  • हेट क्राइम
  • अन्य
  • रोजनामा खबरें विशेष
  • اردو
اردو
  • होम
  • समाचार
  • देश-विदेश
  • पड़ताल
  • एजुकेशन
  • विचार
  • हेट क्राइम
  • अन्य
  • रोजनामा खबरें विशेष
  • اردو
No Result
View All Result
No Result
View All Result
Home समाचार

SIR से पहले ही दिल्ली में 11 लाख वोटरों के नाम हटे, जनवरी 2025 से जून 2026 तक बड़ा बदलाव

RK News by RK News
September 6, 2026
Reading Time: 1 min read
0
दिल्ली में SIR से पहले मतदाता सूची में करीब 11 लाख नाम कम हुए, जिसके बाद चुनावी प्रक्रिया को लेकर सवाल उठ रहे हैं।

नई दिल्ली: दिल्ली में विशेष गहन पुनरीक्षण यानी Special Intensive Revision (SIR) के तहत करीब 47.6 लाख मतदाताओं के नाम ड्राफ्ट मतदाता सूची से बाहर होने के बाद अब इससे पहले हुए बड़े पैमाने के बदलाव का आंकड़ा भी सामने आया है। चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार, जनवरी 2025 से जून 2026 के बीच दिल्ली की मतदाता सूची से करीब 11 लाख नाम हटाए गए थे, यानी यह कटौती दिल्ली में SIR की औपचारिक शुरुआत से पहले ही हो चुकी थी। इस अवधि में दिल्ली का मतदाता आंकड़ा करीब 1.56 करोड़ से घटकर 1.45 करोड़ रह गया।

RELATED POSTS

सुभाष चंद्रा पर CBI का शिकंजा, ₹1,322 करोड़ के LIC Housing Finance मामले में FIR

राहुल का डर या हमला? ‘दिमागी नक्सल’ से ‘झूठ की गूंज’ तक, राहुल गांधी और कांग्रेस पर मोदी का हमला

‘बुलडोजर बदले की राजनीति का हथियार बन रहे हैं’, सहारनपुर में ढहाई गई मस्जिद पर मौलाना अरशद मदनी ने उठाए सवाल

यह आंकड़ा इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि दिल्ली में SIR की औपचारिक प्रक्रिया 30 जून 2026 से शुरू हुई थी। यानी जनवरी 2025 से जून 2026 के बीच हुई करीब 11 लाख नामों की कटौती को SIR के दौरान हुई करीब 47.6 लाख की कटौती से अलग देखना होगा। हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, जनवरी 2025 में मतदाता सूची में 1,56,14,000 मतदाता थे, जो जून 2026 तक घटकर 1,45,10,299 रह गए।

11 लाख नाम कब और कैसे हटे?

चुनाव आयोग के अनुसार मतदाता सूची में नाम जोड़ने और हटाने की प्रक्रिया सामान्य तौर पर पूरे साल चलती रहती है। नए मतदाताओं को जोड़ने के लिए Form 6 और नाम हटाने के लिए Form 7 का इस्तेमाल किया जाता है। लेकिन जनवरी 2025 से जून 2026 के बीच हटाए गए नामों की संख्या पिछले वर्षों की तुलना में असामान्य रूप से अधिक बताई जा रही है।

आंकड़ों के मुताबिक, इन करीब 11 लाख हटाए गए नामों में से लगभग 3 लाख नाम मई और जून 2026 के दौरान कम हुए। यह वही अवधि थी जब दिल्ली में SIR से पहले मतदाता सूची की मैपिंग की जा रही थी। हालांकि अधिकारियों और बूथ लेवल अधिकारियों के बयानों में इस अवधि में नाम हटाने की प्रक्रिया को लेकर अंतर दिखाई देता है।

दिल्ली की मतदाता सूची में कितना बदलाव आया?

जनवरी 2025 में दिल्ली की मतदाता सूची में करीब 1.56 करोड़ मतदाता दर्ज थे। जून 2026 में यह संख्या घटकर 1,45,10,299 रह गई। यानी लगभग 11 लाख मतदाताओं की कमी आई। यह जनवरी 2025 के मतदाता आधार का करीब 7.07 प्रतिशत और जून 2026 की सूची के मुकाबले करीब 11.32 प्रतिशत के बराबर है। इसके बाद SIR की पहली प्रक्रिया पूरी होने पर दिल्ली की ड्राफ्ट मतदाता सूची में केवल 97,53,577 मतदाता रह गए। यानी जून की सूची से भी लगभग 47.6 लाख नाम ड्राफ्ट रोल में शामिल नहीं किए गए। चुनाव आयोग के आंकड़ों के मुताबिक इनमें अनुपस्थित, स्थायी रूप से स्थानांतरित, मृत, डुप्लीकेट और अन्य श्रेणियों में आने वाले मतदाता शामिल हैं।

SIR से पहले नाम कटने का असर क्या हुआ?

SIR की प्रक्रिया के दौरान बूथ लेवल अधिकारियों यानी BLOs को घर-घर जाकर मतदाताओं के enumeration forms से जुड़ी प्रक्रिया पूरी करनी थी। लेकिन जिन लोगों के नाम पहले ही जनवरी 2025 से जून 2026 के बीच मतदाता सूची से हट चुके थे, उन्हें कई मामलों में SIR फॉर्म नहीं मिला।

हिंदुस्तान टाइम्स ने दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में कम से कम 15 ऐसे लोगों से बात की, जिन्होंने दावा किया कि उन्हें पहले हुई नाम कटौती की जानकारी नहीं थी। इनमें से कुछ लोगों को SIR के दौरान अपने परिवार के अन्य सदस्यों की तुलना में फॉर्म नहीं मिला और बाद में उन्हें नए मतदाता के रूप में Form 6 के जरिए पंजीकरण कराने के लिए कहा गया।

मसलन, उत्तर-पश्चिम दिल्ली की पूजा देवी ने बताया कि उनके परिवार के बाकी सदस्यों को SIR फॉर्म मिला, लेकिन उनका नाम सूची में नहीं था। रिपोर्ट के अनुसार वह 2020 के विधानसभा और 2024 के लोकसभा चुनाव में मतदान कर चुकी थीं। इसी तरह आदर्श नगर के एक मतदाता ने बताया कि वह वर्षों से उसी पते पर रह रहे हैं, लेकिन उनका नाम सूची में नहीं मिला और उन्हें नए मतदाता के रूप में Form 6 भरने को कहा गया।

चुनाव अधिकारी ने क्या कहा?

दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय के अधिकारियों ने इन करीब 11 लाख नामों की कटौती को मुख्य रूप से नियमित त्रैमासिक मतदाता सूची संशोधन और BLO स्तर पर हुई संभावित गलतियों से जोड़ा है।

एक वरिष्ठ अधिकारी के हवाले से रिपोर्ट में कहा गया कि संख्या भले ही काफी अधिक है, लेकिन एक साल के दौरान नियमित संशोधन में इतने नाम हटना संभव है। अधिकारी ने यह भी कहा कि मई-जून में SIR से पहले की मैपिंग के दौरान कुछ नाम हटाए गए हो सकते हैं और जिन लोगों के नाम हट गए हैं, वे Form 6 के जरिए दोबारा मतदाता सूची में शामिल हो सकते हैं।

हालांकि, कुछ BLOs ने इस दावे पर अलग तस्वीर पेश की। उनका कहना था कि SIR से पहले की मैपिंग के दौरान उन्हें नाम हटाने के लिए नहीं कहा गया था। उनका काम घर-घर जाकर मौजूदा मतदाताओं की जानकारी को पुराने रिकॉर्ड से मैप करना था। यदि कोई व्यक्ति पते पर नहीं मिलता था या उसका नाम पुराने रिकॉर्ड से मैप नहीं हो पाता था, तो रिपोर्ट वरिष्ठ अधिकारियों को भेजी जानी थी।

किस इलाके में सबसे ज्यादा नाम घटे?

आंकड़ों के मुताबिक, जनवरी 2025 से जून 2026 के बीच आदर्श नगर में मतदाता संख्या में सबसे बड़ा प्रतिशत गिरावट दर्ज हुई। वहां करीब एक चौथाई मतदाता सूची से कम हुए। इसके बाद दिल्ली कैंट और उत्तम नगर का स्थान रहा, जहां क्रमशः करीब 19.03 प्रतिशत और 18.78 प्रतिशत की कमी दर्ज हुई।

पूर्ण संख्या के लिहाज से बवाना में सबसे बड़ी गिरावट दर्ज हुई। यहां जनवरी 2025 के 3,84,849 मतदाताओं की संख्या जून 2026 में घटकर 3,15,737 रह गई, यानी 69,112 मतदाताओं की कमी। उत्तम नगर में 59,484 और नांगलोई जाट में 50,356 मतदाताओं की कमी दर्ज की गई।

इसके बाद SIR में करीब 47.6 लाख नाम बाहर हुए

दिल्ली में SIR की औपचारिक शुरुआत 30 जून को हुई और घर-घर enumeration की प्रक्रिया 17 अगस्त तक चली। इसके बाद 31 अगस्त को जारी ड्राफ्ट मतदाता सूची में करीब 47.56 लाख नाम शामिल नहीं किए गए। 1.45 करोड़ के पुराने मतदाता आधार में से 97.53 लाख नाम ड्राफ्ट रोल में रहे। दिल्ली के ड्राफ्ट रोल में करीब 43.33 लाख मतदाताओं को स्थायी रूप से स्थानांतरित या अनुपस्थित श्रेणी में रखा गया, जबकि करीब 2.82 लाख को मृत और 1.42 लाख को एक से अधिक जगह पंजीकृत पाया गया।

क्या 11 लाख और 47.6 लाख की कटौती को एक ही माना जा सकता है?

नहीं। दोनों आंकड़े अलग-अलग प्रक्रियाओं से संबंधित हैं। करीब 11 लाख नाम जनवरी 2025 से जून 2026 के बीच नियमित मतदाता सूची संशोधनों और SIR से पहले की अवधि में हटे थे। इसके बाद SIR के enumeration चरण के आधार पर करीब 47.6 लाख नाम दिल्ली की 2026 ड्राफ्ट मतदाता सूची में शामिल नहीं किए गए। इसलिए यह कहना कि SIR ने अकेले दिल्ली के करीब 58 लाख मतदाताओं के नाम “डिलीट” कर दिए, प्रक्रियात्मक रूप से सही नहीं होगा। 11 लाख और 47.6 लाख के आंकड़ों को अलग-अलग चरणों के रूप में समझना जरूरी है।

SIR पर पहले से चल रहा है विवाद

दिल्ली में SIR के ड्राफ्ट रोल में करीब एक-तिहाई मतदाताओं के बाहर होने के बाद राजनीतिक विवाद भी तेज हुआ है। विपक्षी दलों ने प्रक्रिया में संभावित गलतियों और वास्तविक मतदाताओं के नाम छूटने को लेकर सवाल उठाए हैं, जबकि भाजपा और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि SIR का उद्देश्य मतदाता सूची को सत्यापित और साफ करना है तथा गलत तरीके से बाहर हुए पात्र मतदाताओं को दावे और आपत्तियों के जरिए नाम शामिल कराने का अवसर दिया गया है।

सुप्रीम कोर्ट ने मई 2026 में चुनाव आयोग के SIR कराने के अधिकार को बरकरार रखा था और प्रक्रिया को वैध तथा गैर-मनमाना माना था। हालांकि वास्तविक मतदाता सूची में नामों की गलत कटौती से जुड़े व्यक्तिगत मामलों को दावे और आपत्तियों की प्रक्रिया में ठीक किया जाना है।

जिनका नाम नहीं है, वे क्या कर सकते हैं?

दिल्ली के ड्राफ्ट SIR रोल में नाम नहीं मिलने वाले पात्र मतदाताओं को Form 6, Declaration Form और आवश्यक दस्तावेजों के साथ दावा दाखिल करने का अवसर दिया गया है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार यह प्रक्रिया 30 सितंबर 2026 तक चलेगी। दावों और आपत्तियों की जांच के बाद अंतिम मतदाता सूची जारी की जाएगी। दिल्ली की अंतिम SIR मतदाता सूची 4 नवंबर 2026 को जारी होनी है। चुनाव आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर मतदाता अपना नाम और चुनावी रिकॉर्ड भी जांच सकते हैं तथा मतदाता सूची में नाम जोड़ने या सुधार से संबंधित आवेदन कर सकते हैं।

अब सबसे बड़ा सवाल क्या है?

दिल्ली में SIR को लेकर असली सवाल सिर्फ यह नहीं है कि कितने नाम हटे, बल्कि यह भी है कि हटाए गए नामों में कितने लोग वास्तव में मृत, स्थानांतरित या डुप्लीकेट थे और कितने पात्र मतदाता प्रशासनिक या डेटा संबंधी गलती के कारण सूची से बाहर हुए।

जनवरी 2025 से जून 2026 के बीच करीब 11 लाख नामों की कटौती और उसके बाद SIR ड्राफ्ट में करीब 47.6 लाख नामों का बाहर होना इस सवाल को और महत्वपूर्ण बनाता है। चुनाव आयोग के पास दावे और आपत्तियों के माध्यम से गलत तरीके से बाहर हुए मतदाताओं को वापस जोड़ने की प्रक्रिया मौजूद है, लेकिन अंतिम तस्वीर 4 नवंबर को जारी होने वाली अंतिम मतदाता सूची के बाद ही स्पष्ट होगी।

Tags: delhi electionDelhi Electoral RollDelhi SIR 2026Delhi Voter ListECIelection commissionSIR DelhiSpecial Intensive RevisionVoter DeletionVoter List Deletion
ShareTweetSend
RK News

RK News

Related Posts

₹22,006 करोड़ के दावे पर सिर्फ ₹6.5 करोड़! सुभाष चंद्रा केस के फैसले को HDFC बैंक देगा चुनौती
समाचार

सुभाष चंद्रा पर CBI का शिकंजा, ₹1,322 करोड़ के LIC Housing Finance मामले में FIR

September 6, 2026
ट्रंप के टैरिफ का जवाब देने के लिए PM मोदी की नई रणनीति?
समाचार

राहुल का डर या हमला? ‘दिमागी नक्सल’ से ‘झूठ की गूंज’ तक, राहुल गांधी और कांग्रेस पर मोदी का हमला

September 6, 2026
‘बुलडोजर बदले की राजनीति का हथियार बन रहे हैं’, सहारनपुर में ढहाई गई मस्जिद पर मौलाना अरशद मदनी ने उठाए सवाल
समाचार

‘बुलडोजर बदले की राजनीति का हथियार बन रहे हैं’, सहारनपुर में ढहाई गई मस्जिद पर मौलाना अरशद मदनी ने उठाए सवाल

September 6, 2026
मुजतबा खामेनेई और डोनाल्ड ट्रंप
समाचार

‘Small potatoes’: “18 अमेरिकी सैनिकों की मौत बड़ी बात नहीं !”, ट्रंप ने ईरान युद्ध को बताया मामूली,

September 5, 2026
सहारनपुर कलेक्ट्रेट की मस्जिद पर चला बुलडोजर, सपा सांसद इकरा हसन हाउस अरेस्ट
समाचार

सहारनपुर कलेक्ट्रेट की मस्जिद पर चला बुलडोजर, सपा सांसद इकरा हसन हाउस अरेस्ट

September 5, 2026
खड़गे की रैली के बाद ‘शुद्धिकरण’ पर BJP नेताओं के खिलाफ Zero FIR
समाचार

खड़गे की रैली के बाद ‘शुद्धिकरण’ पर BJP नेताओं के खिलाफ Zero FIR

September 5, 2026
Next Post
‘बुलडोजर बदले की राजनीति का हथियार बन रहे हैं’, सहारनपुर में ढहाई गई मस्जिद पर मौलाना अरशद मदनी ने उठाए सवाल

‘बुलडोजर बदले की राजनीति का हथियार बन रहे हैं’, सहारनपुर में ढहाई गई मस्जिद पर मौलाना अरशद मदनी ने उठाए सवाल

ट्रंप के टैरिफ का जवाब देने के लिए PM मोदी की नई रणनीति?

राहुल का डर या हमला? ‘दिमागी नक्सल’ से ‘झूठ की गूंज’ तक, राहुल गांधी और कांग्रेस पर मोदी का हमला

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recommended Stories

संस्कृत स्कूलों में मुसलमान को नहीं एडमिशन

“सरकारी स्कूलों में हिंदू प्रार्थनाएं अनिवार्य नहीं “:छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट का सरकार को झटका

July 3, 2026
नूपुर शर्मा को राहत: गिरफ्तारी पर रोक जारी, SC ने सभी FIR  दिल्ली ट्रांसफर कीं

नूपुर शर्मा को राहत: गिरफ्तारी पर रोक जारी, SC ने सभी FIR दिल्ली ट्रांसफर कीं

August 10, 2022

BJP की 450 सीटों पर लड़ने की तैयारी?

January 18, 2024

Popular Stories

  • दिल्ली में 1396 कॉलोनियां हैं अवैध, देखें इनमें आपका इलाका भी तो नहीं शामिल ?

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • मेवात के नूह में तनाव, 3 दिन इंटरनेट सेवा बंद, 600 परFIR

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • कौन हैं जामिया मिलिया इस्लामिया के नए चांसलर डॉक्टर सैय्यदना सैफुद्दीन?

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • हमारे  पास ठोस सबूत नहीं, कनाडा  ने माना|भारत ने कहा- हमारे आरोपों की पुष्टि

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • NCERT Recruitment 2023 में नौकरी पाने का जबरदस्त मौका, कल से शुरू होगा आवेदन, जानें तमाम डिटेल

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • पकिस्तान के लिए जासूसी के आरोप में महिला यूट्यूबर ज्योति गिरफ्तार, पूछताछ में किए बड़े खुलासे

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
Roznama Khabrein

The Roznama Khabrein advocates rule of law, human rights, minority rights, national interests, press freedom, and transparency on which the newspaper and newsportal has never compromised and will never compromise whatever the costs.

More... »

Recent Posts

  • सुभाष चंद्रा पर CBI का शिकंजा, ₹1,322 करोड़ के LIC Housing Finance मामले में FIR
  • राहुल का डर या हमला? ‘दिमागी नक्सल’ से ‘झूठ की गूंज’ तक, राहुल गांधी और कांग्रेस पर मोदी का हमला
  • ‘बुलडोजर बदले की राजनीति का हथियार बन रहे हैं’, सहारनपुर में ढहाई गई मस्जिद पर मौलाना अरशद मदनी ने उठाए सवाल

Categories

  • Uncategorized
  • अन्य
  • एजुकेशन
  • देश-विदेश
  • पड़ताल
  • रोजनामा खबरें विशेष
  • विचार
  • समाचार
  • हेट क्राइम

Quick Links

  • About Us
  • Support Us
  • Terms & Conditions
  • Privacy Policy
  • Grievance
  • Contact Us

© 2021 Roznama Khabrein Hindi

No Result
View All Result
  • होम
  • समाचार
  • देश-विदेश
  • पड़ताल
  • एजुकेशन
  • विचार
  • हेट क्राइम
  • अन्य
  • रोजनामा खबरें विशेष
  • اردو

© 2021 Roznama Khabrein Hindi