नई दिल्ली: देश की शिक्षा व्यवस्था, पेपर लीक और भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ जंतर-मंतर पर चल रहा ‘कॉकरोच जनता पार्टी (CJP)’ का विरोध प्रदर्शन मंगलवार को 25वें दिन भी जारी रहा। इस आंदोलन के समर्थन में प्रसिद्ध पर्यावरणविद् सोनम वांगचुक पिछले 17 दिनों से आमरण अनशन पर बैठे हैं। लगातार भूख हड़ताल के कारण उनकी सेहत बिगड़ने की खबरों के बीच विपक्षी नेताओं ने उनसे अनशन समाप्त करने की अपील की है।
कई नेताओं को भेजे गए पत्र
CJP की ओर से 9 और 10 जुलाई को विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं को पत्र भेजकर जंतर-मंतर पहुंचने और आंदोलन का समर्थन करने का आग्रह किया गया।
इन पत्रों में कांग्रेस नेता राहुल गांधी, भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा समेत कई प्रमुख नेताओं को भी शामिल किया गया।
विपक्ष ने जताई चिंता
शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने फोन पर आंदोलनकारियों से बातचीत कर समर्थन जताया और सोनम वांगचुक से स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए अनशन समाप्त करने की अपील की।
समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने भी वांगचुक से भूख हड़ताल खत्म करने का आग्रह किया।
तृणमूल कांग्रेस सांसद महुआ मोइत्रा ने सोशल मीडिया पर लिखा कि सोनम वांगचुक का आंदोलन देश के युवाओं को एकजुट करने में सफल रहा है और उनका जीवन देश के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने भी उनसे अनशन समाप्त करने की अपील की।
इसके अलावा आम आदमी पार्टी की वरिष्ठ नेता आतिशी के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल और माकपा सांसद अमरा राम ने भी प्रदर्शन स्थल पहुंचकर आंदोलन के प्रति समर्थन व्यक्त किया।
शिक्षा व्यवस्था को लेकर जारी है आंदोलन
प्रदर्शनकारी शिक्षा व्यवस्था में सुधार, पेपर लीक की घटनाओं पर सख्त कार्रवाई और भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग कर रहे हैं। आंदोलनकारियों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा।










