नई दिल्ली: मशहूर स्टैंड-अप कॉमेडियन समय रैना को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। अदालत ने कथित तौर पर झूठा बयान देने और पहले दिए गए निर्देशों का पालन न करने पर उन्हें कड़ी फटकार लगाई। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने सवाल उठाते हुए कहा, “समझ नहीं आता कि ये कौन से यूथ आइकन हैं, सोचकर ही डर लगता है।”
पहले ₹10 लाख का जुर्माना, बाद में घटाकर ₹3 लाख
सुप्रीम कोर्ट ने शुरुआत में समय रैना पर 10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया। हालांकि बाद में उनकी ओर से की गई अपील पर अदालत ने जुर्माने की राशि घटाकर 3 लाख रुपये कर दी। कोर्ट ने निर्देश दिया कि यह राशि निर्धारित समय के भीतर जमा कराई जाए।
कोर्ट ने जताई नाराजगी
सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा कि समय रैना ने न्यायालय के समक्ष कथित रूप से गलत जानकारी प्रस्तुत की और अदालत को गुमराह करने का प्रयास किया। कोर्ट ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों का पालन करना प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है और इसे हल्के में नहीं लिया जा सकता।कोर्ट ने कड़ी नाराजगी जताते हुए कहा कि कॉमेडियन ने अदालत को गुमराह करने की कोशिश की है.
15 दिन में हलफनामा दाखिल करने का आदेश
अदालत ने समय रैना को निर्देश दिया कि वे 15 दिनों के भीतर अनुपालन संबंधी हलफनामा भी दाखिल करें। हालांकि, बाद में सुनवाई के दौरान कोर्ट से अपील करने के बाद उस रकम को कम करके तीन लाख रुपये कर दिया गया है कोर्ट ने स्पष्ट किया कि यदि आदेश का पालन नहीं किया गया तो उनके खिलाफ आगे कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
इंडियाज गॉट लेटेंट विवाद से जुड़ा मामला
यह मामला चर्चित शो ‘इंडियाज गॉट लेटेंट’ से जुड़े विवाद और उससे संबंधित न्यायिक कार्यवाही से जुड़ा है। उन्होंने अपने शो इंडियाज गॉट लेटेंट में एक ‘स्पाइनल मस्कुलर एट्रोफी’ (SMA) से पीड़ित लोगों पर कमेंट किया था, जिसके बाद ये मामला कोर्ट पहुंचा था. हालांकि, पहले सुप्रीम कोर्ट ने समय रैना को सार्वजनिक माफी मांगने और दिव्यांगों के लिए फंडरेंज करने को कहा था, लेकिन अब कोर्ट ने सख्ती दिखाई है. सुप्रीम कोर्ट इसी मामले में समय रैना के आचरण और अदालत के समक्ष दिए गए बयानों पर सुनवाई कर रही थी।









