तेहरान: ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई के राजकीय अंतिम संस्कार के दूसरे दिन राजधानी तेहरान में लाखों लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। पूरे शहर में शोक और गुस्से का माहौल देखने को मिला। अंतिम यात्रा के दौरान अमेरिका और इजरायल के खिलाफ जमकर नारेबाजी हुई, जबकि कई स्थानों पर भीड़ ने “किल ट्रंप” और “प्रतिशोध, प्रतिशोध” के नारे लगाए।
अमेरिका और इजरायल के खिलाफ गूंजे नारे
जनाज़े के दौरान भीड़ में अमेरिका और इजरायल के खिलाफ तीखा विरोध देखने को मिला। कई स्थानों पर प्रदर्शनकारियों ने “किल ट्रंप”, “अमेरिका मुर्दाबाद” और “प्रतिशोध” जैसे नारे लगाए। सुरक्षा एजेंसियों ने पूरे कार्यक्रम के दौरान व्यापक सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखी।
राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई
अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हवाई हमलों में मारे गए 86 वर्षीय अयातुल्लाह अली खामेनेई के पार्थिव शरीर को तेहरान स्थित इमाम खुमैनी ग्रैंड मोसल्ला में आम लोगों के अंतिम दर्शन के लिए रखा गया। उनका ताबूत ईरानी राष्ट्रीय ध्वज में लिपटा हुआ था और उसके ऊपर उनकी पहचान मानी जाने वाली काली पगड़ी रखी गई थी।
खामेनेई के साथ उनके परिवार के चार अन्य सदस्यों के ताबूत भी वहीं रखे गए, जिनकी भी हमलों में मौत हुई थी। इन ताबूतों को एक विशेष काले मंच पर सजाया गया, जिसे इस्लामी परंपरा के अनुरूप तैयार किया गया था।
लाखों लोगों की भीड़, तीन दिन में करोड़ों के पहुंचने का दावा
ईरानी अधिकारियों के अनुसार, अंतिम संस्कार कार्यक्रम में पहले ही लाखों लोग शामिल हो चुके हैं। सरकार का दावा है कि अगले तीन दिनों के भीतर तेहरान में करीब 1.5 से 2 करोड़ लोगों के श्रद्धांजलि देने पहुंचने की संभावना है।
शिया परंपरा के अनुसार, बड़ी संख्या में लोग मातम मनाते हुए रोते दिखाई दिए। श्रद्धालु हाथों में अयातुल्लाह खामेनेई की तस्वीरें और बैनर लिए अंतिम विदाई में शामिल हुए।










