Roznama Khabrein
No Result
View All Result
  • होम
  • समाचार
  • देश-विदेश
  • पड़ताल
  • एजुकेशन
  • विचार
  • हेट क्राइम
  • अन्य
  • रोजनामा खबरें विशेष
  • اردو
اردو
  • होम
  • समाचार
  • देश-विदेश
  • पड़ताल
  • एजुकेशन
  • विचार
  • हेट क्राइम
  • अन्य
  • रोजनामा खबरें विशेष
  • اردو
No Result
View All Result
No Result
View All Result
Home समाचार

BSP प्रमुख मायावती ने UP के मदरसों का मुद्दा फिर क्यों उठाया?

RK News by RK News
October 26, 2022
Reading Time: 1 min read
0
BSP प्रमुख मायावती ने UP के मदरसों का मुद्दा फिर क्यों उठाया?

नई दिल्ली: बीएसपी प्रमुख मायावती अब लगातार यूपी के मुसलमानों से जुड़े मुद्दे उठा रही है। उन्होंने गैर मान्यता प्राप्त मदरसों का मुद्दा फिर से उठाया है। इस बार उनकी भाषा तीखी है। उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब यूपी सरकार ने सुन्नी मुसलमानों के सबसे बड़े मदरसे दारुल उलूम देवबंद को अवैध घोषित कर दिया। हालांकि यह मदरसा अंग्रेजों के समय से कायम है, देश की आजादी की लड़ाई में इसका बड़ा योगदान रहा है।

RELATED POSTS

“हम इनकी सांसें दबा लेंगे”… सलमान खान के बाद आमिर खान को मिली धमकी!

सोनम वांगचुक को जंतर-मंतर से अस्पताल ले गई पुलिस, अभिजीत दीपके ने शुरू किया अनशन

SIR मामले पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा बयान, वोटर लिस्ट से नाम हटने पर नहीं जाएगी नागरिकता

सत्या डॉटकाम की एक रिपोर्ट के मुताबिक यूपी की बीजेपी सरकार ने सारे तथ्यों को दरकिनार कर इतने बड़े मदरसे को अवैध घोषित किया है। यूपी में 7500 निजी मदरसों को गैर मान्यता प्राप्त पाया गया है।

मायावती ने यूपी सरकार के एक सर्वे का उल्लेख करते हुए बुधवार को पूछा कि क्या राज्य अब इन्हें अपनी अनुदान सूची में शामिल करेगा और उन्हें अपने दायरे में लाएगा।

बता दें कि योगी की सरकार ने पिछले महीने राज्य के सभी निजी मदरसों के सर्वे का आदेश दिया था, जिसमें कहा गया था कि इसके आधार पर इन संस्थानों में आवश्यक सुविधाएं प्रदान की जाएंगी।

मायावती ने कहा, राज्य सरकार ने एक विशेष टीम बनाकर लोगों के चंदे पर निर्भर निजी मदरसों के बहुप्रचारित सर्वे का काम पूरा कर लिया है और इसके अनुसार, 7,500 से अधिक ‘गैर-मान्यता प्राप्त’ मदरसे गरीब बच्चों को शिक्षा देने में लगे हुए हैं। ये गैर सरकारी मदरसे सरकार पर बोझ नहीं बनना चाहते, फिर दखल क्यों?

राज्य के सभी 75 जिलों में सर्वे लगभग पूरा हो चुका है। मदरसों के सर्वे के लिए गठित टीमें अतिरिक्त जिलाधिकारी के माध्यम से 31 अक्टूबर तक जिलाधिकारियों को अपनी रिपोर्ट देने वाली हैं।

बीएसपी प्रमुख ने कहा जबकि मदरसा बोर्ड द्वारा संचालित सरकारी मदरसों के शिक्षकों और कर्मचारियों के वेतन के लिए विशेष रूप से बजट प्रावधान के लिए एक सर्वे किया जाता है, क्या उत्तर प्रदेश सरकार इन निजी मदरसों को अपनी अनुदान सूची में शामिल करेगी और उन्हें सरकारी मदरसा बनाएगी?मायावती ने दावा किया कि बीएसपी सरकार ऐसे 100 मदरसों को बोर्ड के दायरे में लाई थी।

 

 

ShareTweetSend
RK News

RK News

Related Posts

आमिर खान को धमकी
समाचार

“हम इनकी सांसें दबा लेंगे”… सलमान खान के बाद आमिर खान को मिली धमकी!

July 18, 2026
सोनम वांगचुक को जंतर-मंतर से अस्पताल ले गई पुलिस, अभिजीत दीपके ने शुरू किया अनशन
समाचार

सोनम वांगचुक को जंतर-मंतर से अस्पताल ले गई पुलिस, अभिजीत दीपके ने शुरू किया अनशन

July 18, 2026
SC ने UPSC इंजीनियरिंग सेवा परीक्षा को स्थगित करने की मांग वाली याचिका को किया खारिज
समाचार

SIR मामले पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा बयान, वोटर लिस्ट से नाम हटने पर नहीं जाएगी नागरिकता

July 17, 2026
RBI प्लास्टिक नोट
समाचार

अब जेब में होंगे प्लास्टिक के नोट! RBI ने जारी किया ग्लोबल टेंडर

July 17, 2026
आमिर खान को धमकी
समाचार

‘”चतुर” ने जो कहा वह गलत है…’ आमिर खान का बड़ा बयान- 3 Idiots सोनम वांगचुक की कहानी नहीं

July 17, 2026
सोनम वांगचुक के अनशन पर मोदी सरकार की पहली प्रतिक्रिया, दिल्ली हाईकोर्ट को बताया ‘…के रूप में हस्तक्षेप करेंगे'”
समाचार

“20 जुलाई तक किसी भी कीमत पर जिंदा रहूंगा …” सोनम वांगचुक का बड़ा ऐलान

July 17, 2026
Next Post
दो गज जमीन के मोहताज बादशाह का कर्जदार है यह मुल्क

दो गज जमीन के मोहताज बादशाह का कर्जदार है यह मुल्क

जामिया के 12 रिसर्च स्कॉलर्स का पीएमआरएफ के लिए चयन

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recommended Stories

आपातकाल नहीं चाहिए तो फिर कुछ बोलते रहना बेहद ज़रूरी है! ~ श्रवण गर्ग 

आपातकाल नहीं चाहिए तो फिर कुछ बोलते रहना बेहद ज़रूरी है! ~ श्रवण गर्ग 

June 28, 2022
कितने मुस्लमानों को फ़ायदा पहुंचाया? सरकारी ऑडिट के दौरान एनजीओज़ से तीखे सवाल

कितने मुस्लमानों को फ़ायदा पहुंचाया? सरकारी ऑडिट के दौरान एनजीओज़ से तीखे सवाल

July 10, 2021

“जब 2012 से 2023 तक इनके साथ ग़लत होता रहा तो ये सब चुप क्यों थे, FIR क्यों नहीं की”:बृजभूषण शरण सिंह

April 29, 2023

Popular Stories

  • दिल्ली में 1396 कॉलोनियां हैं अवैध, देखें इनमें आपका इलाका भी तो नहीं शामिल ?

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • मेवात के नूह में तनाव, 3 दिन इंटरनेट सेवा बंद, 600 परFIR

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • कौन हैं जामिया मिलिया इस्लामिया के नए चांसलर डॉक्टर सैय्यदना सैफुद्दीन?

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • NCERT Recruitment 2023 में नौकरी पाने का जबरदस्त मौका, कल से शुरू होगा आवेदन, जानें तमाम डिटेल

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • पकिस्तान के लिए जासूसी के आरोप में महिला यूट्यूबर ज्योति गिरफ्तार, पूछताछ में किए बड़े खुलासे

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • हमारे  पास ठोस सबूत नहीं, कनाडा  ने माना|भारत ने कहा- हमारे आरोपों की पुष्टि

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
Roznama Khabrein

The Roznama Khabrein advocates rule of law, human rights, minority rights, national interests, press freedom, and transparency on which the newspaper and newsportal has never compromised and will never compromise whatever the costs.

More... »

Recent Posts

  • “हम इनकी सांसें दबा लेंगे”… सलमान खान के बाद आमिर खान को मिली धमकी!
  • सोनम वांगचुक को जंतर-मंतर से अस्पताल ले गई पुलिस, अभिजीत दीपके ने शुरू किया अनशन
  • SIR मामले पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा बयान, वोटर लिस्ट से नाम हटने पर नहीं जाएगी नागरिकता

Categories

  • Uncategorized
  • अन्य
  • एजुकेशन
  • देश-विदेश
  • पड़ताल
  • रोजनामा खबरें विशेष
  • विचार
  • समाचार
  • हेट क्राइम

Quick Links

  • About Us
  • Support Us
  • Terms & Conditions
  • Privacy Policy
  • Grievance
  • Contact Us

© 2021 Roznama Khabrein Hindi

No Result
View All Result
  • होम
  • समाचार
  • देश-विदेश
  • पड़ताल
  • एजुकेशन
  • विचार
  • हेट क्राइम
  • अन्य
  • रोजनामा खबरें विशेष
  • اردو

© 2021 Roznama Khabrein Hindi