बरेली बवाल में दर्ज हुई धाराएं यह दिखाती हैं कि कानून व्यवस्था बिगाड़ने वालों के लिए भारतीय न्याय संहिता 2023 बेहद सख्त है। दंगा फैलाने से लेकर सरकारी कर्मचारियों पर हमला करने तक, हर अपराध के लिए अलग-अलग कठोर सजा और जुर्माने का प्रावधान है। वहीं, यदि अदालत में दोष सिद्ध हो जाता है, तो दोषियों को एक साथ कई धाराओं के तहत सजा मिल सकती है। ऐसे मामलों में कुल सजा और जुर्माना बहुत भारी हो सकता है।
**मौलाना तौकीर रजा पर लगाई गईं धाराएं
Ittehad e millat counsil के अध्यक्ष और जाने माने मुस्लिम नेता मौलाना तौकीर रजा को गिरफ्तार कर के जेल भेज दिया गया है उन पर संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है |आए जानते हैं कि उन पर क्या धाराऐ लगाई गई है
**धारा 191(2)दंगा:दंगा करने का मतलब है कि लोग एक साथ मिलकर हिंसा या अशांति फैलाएं। इसमें सार्वजनिक संपत्ति या लोगों की जान-माल को खतरा होता है। इसमें अधिकतम 2 साल की कैद और जुर्माना परिस्थितियों के अनुसार लगाया जाता है।
*”धारा 61(2) आपराधिक षड्यंत्र: जब दो या अधिक लोग किसी अपराध को करने के लिए आपस में मिलकर योजना बनाते हैं, तो यह षड्यंत्र कहलाता है। इसमें सजा और जुर्माना अपराध की गंभीरता देखकर कोर्ट तय करती है।
**धारा 49– दुष्प्रेरण: यदि कोई व्यक्ति दूसरों को उकसाकर अपराध कराता है, तो उसे अपराध की गंभीरता को देखकर सजा और जुर्माना स्थिति देखकर तभी तय होता है।
*”धारा 223 – लोक सेवक के आदेश का उल्लंघन: जब प्रशासन या पुलिस द्वारा लगाए गए आदेश जैसे कर्फ्यू या धारा 144 का उल्लंघन किया जाए, तो यह अपराध है। इसमें 1 साल तक की कैद और अधिकतम जुर्माना 5,000 तक होता है।
*”धारा 221 – लोक सेवक के कार्य में बाधा डालना: यदि कोई पुलिस या सरकारी कर्मचारी के काम में रुकावट पैदा करता है, तो यह अपराध माना जाता है। इसमें 3 महीने तक की कैद और अधिकतम जुर्माना 2,500 तक का होता है।
*”धारा 121 – लोक सेवक को चोट पहुंचाना: पुलिस या सरकारी कर्मचारी को चोट पहुंचाना गंभीर अपराध है। इसमें मामूली चोट पर 5 साल तक की कैद और गंभीर चोट पर 10 साल तक की कैद के साथ-साथ जुर्माना अदालत की विवेकाधीन से तय होता है।
**धारा 132 – लोक सेवक पर हमला: किसी भी सरकारी अधिकारी, पुलिस या प्रशासनिक कर्मचारी पर हमला करना इस धारा के अंतर्गत आता है। इसमें 2 साल तक की कैद और जुर्माना तय सीमा के अनुसार अदालत लगाएगी।
**धारा 324 – संपत्ति को नुकसान पहुंचाना: संपत्ति को जानबूझकर नुकसान पहुंचाना यानी तोड़फोड़, आगजनी, गाड़ियों को क्षतिग्रस्त करना आदि। इसमें नुकसान की गंभीरता के अनुसार 1 से 5 साल तक की कैद हो सकती है और जुर्माना नुकसान की भरपाई के बराबर या उससे अधिक राशि का लग सकता है।
**धारा 252 – चोरी की संपत्ति से जुड़ा अपराध यदि कोई व्यक्ति चोरी की गई वस्तु को छुपाता है, खरीदता है या उसका इस्तेमाल करता है, तो वह दोषी है। इसमें 2 साल तक की कैद और जुर्माना अदालत अपराध की गंभीरता देखकर तय करती है।
*”धारा 351(2) – आपराधिक धमकी: यदि कोई व्यक्ति किसी को डराने, धमकाने या जान से मारने की धमकी देता है तो यह अपराध है। इसमें 2 साल तक की कैद और जुर्माना कोर्ट परिस्थितियों देखकर लगाता है।( हिन्दुस्तान के इनपुट के साथ)












