Roznama Khabrein
No Result
View All Result
  • होम
  • समाचार
  • देश-विदेश
  • पड़ताल
  • एजुकेशन
  • विचार
  • हेट क्राइम
  • अन्य
  • रोजनामा खबरें विशेष
  • اردو
اردو
  • होम
  • समाचार
  • देश-विदेश
  • पड़ताल
  • एजुकेशन
  • विचार
  • हेट क्राइम
  • अन्य
  • रोजनामा खबरें विशेष
  • اردو
No Result
View All Result
No Result
View All Result
Home समाचार

विश्व कप की हार और ‘पनौती’ की बहस

RK News by RK News
November 23, 2023
Reading Time: 1 min read
0

भारत में नेता और उनके समर्थक कभी भी देश के लोगों को निराश नहीं करते है। वे हर घटना को चाहे वह खेल से जुड़ी हो या फिल्म से या किसी और क्षेत्र से उसमें राजनीति खोज लेते हैं या राजनीतिक लाभ-हानि के लिए उसका इस्तेमाल शुरू कर देते हैं। विश्व कप में भारत की हार पर भी राजनीति चल रही है। लेकिन इसका संबंध न तो राजनीति से है और न खेल से है। इसका संबंध टोटके और पनौती से है। सोचें, देश की दो सबसे बड़ी पार्टियों भाजपा और कांग्रेस के बीच इस बात पर बहस चल रही है कि कौन सा नेता ‘पनौती’ है यानी बुरे प्रभाव वाला है, जिसकी वजह से भारतीय टीम हार गई। सोशल मीडिया में भी इस बात को लेकर खूब आरोप-प्रत्यारोप चल रहे हैं।
भारत के मैच हारने के बाद रविवार की रात को करीब सवा 11 बजे भाजपा की आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा का एक भाषण ट्विट किया। प्रियंका रविवार को तेलंगाना में थीं और उन्होंने 1983 में भारत के विश्व कप जीतने का एक किस्सा साझा करते हुए कहा कि तब की प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी जीत से इतनी खुश थीं कि उन्होंने पूरी टीम को मिलने के लिए बुलाया और उन्हें बधाई दी। आगे प्रियंका ने कहा कि रविवार को इंदिरा गांधी की जयंती है इसलिए इस बार भी भारतीय टीम जरूर जीतेगी। यह भाषण ट्विट करके अमित मालवीय ने लिखा- इंदिरा गांधी को लोग अब पनौती बोलेंगे! सोचें, देश की सत्तारूढ़ और दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी के आईटी सेल के प्रमुख की इस टिप्पणी के बारे में! देश की पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की 1984 में हत्या हुई थी। यानी उनकी मृत्यु के करीब 40 साल बाद भाजपा उनको ‘पनौती’ बता रही है।
ऐसा बताने का कारण यह है कि सोशल मीडिया में कई लोग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ‘पनौती’ बता रहे थे। असल में भारत की टीम के फाइनल में पहुंचने के बाद ही तमाम तरह के टोटके पर बहस शुरू हो गई थी। जब से यह खबर आई कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी मैच देखने जाएंगे। भाजपा और मोदी विरोधियों ने सोशल मीडिया में यह प्रचार शुरू कर दिया कि उनको मैच देखने नहीं जाना चाहिए क्यों उनका प्रभाव अच्छा नहीं होता है। इसके लिए लोग 2020 के चंद्रयान-दो की लॉन्चिंग की मिसाल दे रहे थे, जब प्रधानमंत्री मोदी इसरो के कमांड सेंटर पहुंच  गए थे और लॉन्च फेल हो गया था। चंद्रयान-दो की सॉफ्ट लैंडिंग नहीं हो पाई थी। चंद्रयान-तीन के समय प्रधानमंत्री विदेश में थे और वह लैंडिंग सफल रही थी।
इसकी मिसाल देकर लोग प्रधानमंत्री को बुरे प्रभाव वाला बता रहे थे। इसमें कुछ तो भाजपा और मोदी विरोधी थे और कुछ आम लोग थे, जिनको राजनीति से ज्यादा मतलब नहीं होता है। उनके निशाने पर सिर्फ प्रधानमंत्री थे। अमित शाह के लिए लोग कुछ नहीं कह रहे थे क्योंकि वे नरेंद्र मोदी स्टेडियम में पाकिस्तान के साथ हुए विश्व कप मुकाबले में भी मौजूद थे और भारत ने शानदार जीत दर्ज की थी। बहरहाल, प्रधानमंत्री मोदी को ऐसे निशाना बनाया जाना भाजपा को पसंद नहीं आया। हालांकि भारत में इस तरह के बहुत टोटके होते हैं। मैच के दौरान घरों में भी अगर किसी के आने से विकट गिर जाए तो लोग उसे ‘पनौती’ बता कर दूर भगा देते हैं। अगर टीम अच्छा खेल रही तो जो जहां बैठा होता है वहीं बैठा रहता है। विश्व कप जीतने वाली टीम के कप्तान रहे महेंद्र सिंह धोनी की मां उनका कोई मैच नहीं देखती थीं। अमिताभ बच्चन ने भी कहा हुआ है कि मैच देखते हैं तो भारत हार जाता है।

RELATED POSTS

धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद प्रह्लाद जोशी बने नए शिक्षा मंत्री

धर्मेंद्र प्रधान के बाद कौन बनेगा शिक्षा मंत्री? जयंत चौधरी से लेकर राघव चड्ढा तक कई नामों पर चर्चा

क्या CJP के 72 घंटे के अल्टीमेटम ने ली धर्मेंद्र प्रधान की कुर्सी? जानिए इस्तीफे के पीछे की पूरी इनसाइड स्टोरी

ShareTweetSend
RK News

RK News

Related Posts

धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया।
समाचार

धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद प्रह्लाद जोशी बने नए शिक्षा मंत्री

July 25, 2026
धर्मेंद्र प्रधान के बाद कौन बनेगा शिक्षा मंत्री? जयंत चौधरी से लेकर राघव चड्ढा तक कई नामों पर चर्चा
समाचार

धर्मेंद्र प्रधान के बाद कौन बनेगा शिक्षा मंत्री? जयंत चौधरी से लेकर राघव चड्ढा तक कई नामों पर चर्चा

July 25, 2026
क्या CJP के 72 घंटे के अल्टीमेटम ने ली धर्मेंद्र प्रधान की कुर्सी? जानिए इस्तीफे के पीछे की पूरी इनसाइड स्टोरी
समाचार

क्या CJP के 72 घंटे के अल्टीमेटम ने ली धर्मेंद्र प्रधान की कुर्सी? जानिए इस्तीफे के पीछे की पूरी इनसाइड स्टोरी

July 25, 2026
CJP संसद मार्च के बीच सरकार की पहल, जेपी नड्डा से मिलने पहुंचे प्रतिनिधि
समाचार

“…तब तक कहीं नहीं जाएंगे”: धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद CJP का बड़ा बयान

July 25, 2026
झुकती है दुनिया… Gen-Z ने लिया पहला विकेट! NEET विवाद के बीच शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा
समाचार

झुकती है दुनिया… Gen-Z ने लिया पहला विकेट! NEET विवाद के बीच शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा

July 25, 2026
जंतर मंतर प्रोटेस्ट में हजारों युवाओं पर पैलेट गन चलाई गई: राहुल
समाचार

जंतर मंतर प्रोटेस्ट में हजारों युवाओं पर पैलेट गन चलाई गई: राहुल

July 24, 2026
Next Post

मोदी को पनौती कहने पर राहुल को चुनाव आयोग का नोटिस

हलाल पर अभी फैसला नहीं हुआः अमित शाह

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recommended Stories

जामिया हिंसा मामले में बरी करते हुए कोर्ट ने शरजील इमाम को ‘बलि का बकरा’ बताया

February 5, 2023

Breaking: विनेश फोगाट सहित 8 पहलवान पहुंचे SC, बृज भूषण के खिलाफ FIR की मांग

April 24, 2023

इतना मतदान प्रतिशत कैसे बढ़ा?” 11 दिन देरी से जारी आंकड़ों पर विपक्ष ने उठाए सवाल

May 1, 2024

Popular Stories

  • दिल्ली में 1396 कॉलोनियां हैं अवैध, देखें इनमें आपका इलाका भी तो नहीं शामिल ?

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • मेवात के नूह में तनाव, 3 दिन इंटरनेट सेवा बंद, 600 परFIR

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • कौन हैं जामिया मिलिया इस्लामिया के नए चांसलर डॉक्टर सैय्यदना सैफुद्दीन?

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • NCERT Recruitment 2023 में नौकरी पाने का जबरदस्त मौका, कल से शुरू होगा आवेदन, जानें तमाम डिटेल

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • पकिस्तान के लिए जासूसी के आरोप में महिला यूट्यूबर ज्योति गिरफ्तार, पूछताछ में किए बड़े खुलासे

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • हमारे  पास ठोस सबूत नहीं, कनाडा  ने माना|भारत ने कहा- हमारे आरोपों की पुष्टि

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
Roznama Khabrein

The Roznama Khabrein advocates rule of law, human rights, minority rights, national interests, press freedom, and transparency on which the newspaper and newsportal has never compromised and will never compromise whatever the costs.

More... »

Recent Posts

  • धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद प्रह्लाद जोशी बने नए शिक्षा मंत्री
  • धर्मेंद्र प्रधान के बाद कौन बनेगा शिक्षा मंत्री? जयंत चौधरी से लेकर राघव चड्ढा तक कई नामों पर चर्चा
  • क्या CJP के 72 घंटे के अल्टीमेटम ने ली धर्मेंद्र प्रधान की कुर्सी? जानिए इस्तीफे के पीछे की पूरी इनसाइड स्टोरी

Categories

  • Uncategorized
  • अन्य
  • एजुकेशन
  • देश-विदेश
  • पड़ताल
  • रोजनामा खबरें विशेष
  • विचार
  • समाचार
  • हेट क्राइम

Quick Links

  • About Us
  • Support Us
  • Terms & Conditions
  • Privacy Policy
  • Grievance
  • Contact Us

© 2021 Roznama Khabrein Hindi

No Result
View All Result
  • होम
  • समाचार
  • देश-विदेश
  • पड़ताल
  • एजुकेशन
  • विचार
  • हेट क्राइम
  • अन्य
  • रोजनामा खबरें विशेष
  • اردو

© 2021 Roznama Khabrein Hindi