Roznama Khabrein
No Result
View All Result
  • होम
  • समाचार
  • देश-विदेश
  • पड़ताल
  • एजुकेशन
  • विचार
  • हेट क्राइम
  • अन्य
  • रोजनामा खबरें विशेष
  • اردو
اردو
  • होम
  • समाचार
  • देश-विदेश
  • पड़ताल
  • एजुकेशन
  • विचार
  • हेट क्राइम
  • अन्य
  • रोजनामा खबरें विशेष
  • اردو
No Result
View All Result
No Result
View All Result
Home समाचार

ट्रंप ने वेनेजुएला के साथ ‘दुनिया के इतिहास की सबसे बड़ी ऑयल डील’ का ऐलान किया।

RK News by RK News
August 29, 2026
Reading Time: 1 min read
0
डोनाल्ड ट्रंप

वॉशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वेनेजुएला के साथ एक बड़े तेल समझौते का ऐलान करते हुए इसे “दुनिया के इतिहास की सबसे बड़ी ऑयल डील” बताया है। ट्रंप के मुताबिक, इस समझौते के तहत अमेरिकी कंपनियों को वेनेजुएला के 65 अरब बैरल से अधिक प्रमाणित तेल भंडार पर बहुमत नियंत्रण हासिल होगा। ट्रंप ने दावा किया कि यह ऐतिहासिक लेन-देन अमेरिकी तेल भंडार को दोगुने से भी अधिक कर देगा और इससे अमेरिका में पेट्रोल तथा गैस की कीमतों को कम करने में मदद मिलेगी। हालांकि, ट्रंप ने अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया है कि समझौते की कानूनी और कारोबारी संरचना क्या होगी, किन तेल क्षेत्रों को इसमें शामिल किया गया है और अमेरिका वास्तव में इन भंडारों पर किस तरह का नियंत्रण हासिल करेगा।

RELATED POSTS

‘सरकार की नाकामी पर सवाल करोगे तो धमकी और टॉर्चर मिलेगा’, गुलजार सिंह की मौत पर राहुल गांधी का हमला

‘मजिस्ट्रेट की हिम्मत कैसे हुई…’ जंतर-मंतर मामले में छात्र को नोटिस पर CJI सूर्यकांत नाराज

होर्मुज में फिर बारूदी जंग, अमेरिका ने 5 ईरानी टैंकर किए तबाह; ईरान ने जवाबी कार्रवाई की तेज

ट्रंप ने कहा- अमेरिकी टैक्सपेयर्स पर नहीं पड़ेगा बोझ

डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर इस समझौते की जानकारी देते हुए कहा कि अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो और अमेरिकी युद्ध मंत्री पीट हेगसेथ ने वेनेजुएला की अंतरिम राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज के साथ मिलकर इस समझौते को आगे बढ़ाया है। ट्रंप के अनुसार, निजी क्षेत्र की कंपनियों के साथ साझेदारी में अमेरिका को वेनेजुएला के 65 अरब बैरल से अधिक प्रमाणित तेल भंडार पर बहुमत नियंत्रण मिलेगा और इसके लिए अमेरिकी करदाताओं पर कोई खर्च नहीं आएगा। ट्रंप ने इसे अमेरिका की ऊर्जा सुरक्षा के लिए बड़ा कदम बताते हुए कहा कि इससे देश के पास उपलब्ध तेल संसाधनों में भारी वृद्धि होगी और आने वाले समय में अमेरिकी उपभोक्ताओं को कम कीमतों का फायदा मिल सकता है।

वेनेजुएला को करीब 209 अरब डॉलर मिलने की उम्मीद

वेनेजुएला की अंतरिम राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज ने भी इस समझौते का स्वागत किया है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, इस डील से वेनेजुएला की सरकार को करीब 209 अरब डॉलर तक की राशि मिलने की उम्मीद है। दोनों देशों के बीच कई सप्ताह से इस समझौते को लेकर बातचीत चल रही थी। प्रस्तावित व्यवस्था के तहत अमेरिकी कंपनियों को वेनेजुएला के चुनिंदा तेल क्षेत्रों में लंबे समय तक तेल की खोज और उत्पादन का अधिकार मिल सकता है। वेनेजुएला के अधिकारी अगले सप्ताह कई कंपनियों को नए तेल अन्वेषण और उत्पादन अधिकार देने से जुड़े समझौतों पर हस्ताक्षर करने की तैयारी कर रहे हैं। इनमें खास तौर पर अमेरिकी कंपनियों की भूमिका महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

अमेरिकी कंपनियों को मिलेगा वेनेजुएला के तेल क्षेत्रों तक लंबा एक्सेस

इस समझौते का एक महत्वपूर्ण हिस्सा वेनेजुएला के तेल क्षेत्रों में अमेरिकी कंपनियों की दीर्घकालिक मौजूदगी से जुड़ा है। रिपोर्टों के मुताबिक, एक संभावित मॉडल के तहत तेल क्षेत्रों को लीज पर देने या उन्हें अमेरिकी उत्पादकों के लिए नीलामी के जरिए उपलब्ध कराने पर विचार किया गया है। हालांकि, इस मॉडल को वेनेजुएला में कानूनी और संवैधानिक चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। इसकी वजह यह है कि देश के तेल उद्योग की प्रमुख गतिविधियों पर राज्य का नियंत्रण बना हुआ है। ऐसे में अमेरिकी कंपनियों को बहुमत नियंत्रण देने की व्यवस्था किस कानूनी ढांचे के तहत लागू होगी, यह अभी स्पष्ट नहीं है।

दुनिया में सबसे ज्यादा तेल भंडार, फिर भी उत्पादन क्षमता से काफी कम

वेनेजुएला के पास दुनिया का सबसे बड़ा प्रमाणित कच्चे तेल का भंडार है, लेकिन देश अपनी वास्तविक क्षमता के मुकाबले काफी कम तेल का उत्पादन करता है। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, वेनेजुएला इस समय करीब 12.5 लाख बैरल प्रतिदिन तेल का उत्पादन कर रहा है। लंबे समय से चले आ रहे निवेश की कमी, कुप्रबंधन और अमेरिकी प्रतिबंधों ने देश के ऊर्जा क्षेत्र की क्षमता को प्रभावित किया है। ट्रंप प्रशासन अब वेनेजुएला के तेल उद्योग में अमेरिकी भूमिका बढ़ाकर उत्पादन को दोबारा मजबूत करने और अमेरिकी रिफाइनरियों के लिए कच्चे तेल की आपूर्ति सुरक्षित करने की कोशिश कर रहा है।

मार्को रुबियो ने बताया दोनों देशों के लिए फायदे का सौदा

अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भी इस समझौते को अमेरिका और वेनेजुएला दोनों के लिए फायदे का सौदा बताया है। रुबियो ने कहा कि इससे अमेरिका को स्थिर और कम लागत वाला तेल मिल सकेगा, जिससे पेट्रोल की कीमतों को नीचे लाने में मदद मिल सकती है। वहीं वेनेजुएला के लिए इस समझौते का अर्थ बड़े पैमाने पर विदेशी निवेश और ऊर्जा क्षेत्र के पुनर्निर्माण से जुड़ा है। रुबियो के मुताबिक, इस डील से वेनेजुएला में करीब 100 अरब डॉलर का निजी निवेश आ सकता है, जिससे हजारों अच्छी तनख्वाह वाली नौकरियां पैदा होंगी और देश की अर्थव्यवस्था को दोबारा खड़ा करने में मदद मिलेगी।

सबसे बड़ा सवाल- अमेरिका को ‘बहुमत नियंत्रण’ कैसे मिलेगा?

ट्रंप के ऐलान के बावजूद समझौते को लेकर कई महत्वपूर्ण सवाल अभी अनुत्तरित हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति ने यह नहीं बताया कि 65 अरब बैरल के प्रमाणित भंडार में से किन तेल क्षेत्रों को इस व्यवस्था में शामिल किया जाएगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट नहीं किया कि किन अमेरिकी कंपनियों को अधिकार मिलेगा और अमेरिका इन तेल भंडारों पर बहुमत नियंत्रण किस कानूनी या कारोबारी व्यवस्था के जरिए हासिल करेगा। यही वजह है कि समझौते के वास्तविक स्वरूप की तस्वीर संबंधित दस्तावेजों और अगले सप्ताह होने वाले संभावित समझौतों के बाद ही साफ हो सकेगी।

अमेरिका की ऊर्जा नीति में बड़ा बदलाव

वेनेजुएला के साथ यह समझौता ट्रंप प्रशासन की ऊर्जा नीति में महत्वपूर्ण बदलाव का संकेत भी माना जा रहा है। दुनिया के सबसे बड़े प्रमाणित तेल भंडार वाले वेनेजुएला में अमेरिकी कंपनियों की भागीदारी बढ़ने से वैश्विक तेल बाजार पर भी असर पड़ सकता है। अगर अमेरिकी निवेश के जरिए वेनेजुएला का उत्पादन उसकी मौजूदा क्षमता से काफी ऊपर जाता है, तो आने वाले वर्षों में वैश्विक कच्चे तेल की आपूर्ति बढ़ सकती है। हालांकि, उत्पादन बढ़ाने के लिए बड़े पैमाने पर निवेश, बुनियादी ढांचे के पुनर्निर्माण और तकनीकी क्षमता की जरूरत होगी।

डील के सामने कानूनी और संवैधानिक चुनौतियां

इस पूरे समझौते की सबसे बड़ी चुनौती वेनेजुएला के मौजूदा कानून और तेल उद्योग पर राज्य के नियंत्रण से जुड़ी हो सकती है। अगर अमेरिकी कंपनियों को तेल क्षेत्रों में बहुमत नियंत्रण या दीर्घकालिक अधिकार दिए जाते हैं, तो यह देखना होगा कि ऐसी व्यवस्था वेनेजुएला के संवैधानिक और कानूनी प्रावधानों के अनुरूप कैसे लागू की जाती है। फिलहाल ट्रंप प्रशासन ने समझौते का पूरा ढांचा सार्वजनिक नहीं किया है। इसलिए आने वाले दिनों में होने वाले आधिकारिक समझौतों और उनके विवरण से यह तय होगा कि ट्रंप का दावा व्यावहारिक रूप से किस रूप में लागू होता है।

वेनेजुएला के लिए आर्थिक पुनर्निर्माण का मौका

वेनेजुएला के लिए यह समझौता लंबे आर्थिक संकट के बाद तेल उद्योग को दोबारा खड़ा करने का बड़ा अवसर हो सकता है। देश की अर्थव्यवस्था लंबे समय से तेल उत्पादन में गिरावट, निवेश की कमी और अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों से प्रभावित रही है। अमेरिकी कंपनियों के बड़े निवेश से तेल क्षेत्रों की उत्पादन क्षमता बढ़ाने, पुराने बुनियादी ढांचे को आधुनिक बनाने और निर्यात बढ़ाने में मदद मिल सकती है। दूसरी ओर, अमेरिका को वेनेजुएला से अतिरिक्त कच्चे तेल की आपूर्ति मिलने से उसकी ऊर्जा सुरक्षा मजबूत हो सकती है। हालांकि, इस डील का वास्तविक आर्थिक प्रभाव इस बात पर निर्भर करेगा कि समझौते की शर्तें क्या हैं और वेनेजुएला के तेल उत्पादन को कितनी तेजी से बढ़ाया जा सकता है।

फिलहाल ट्रंप का यह ऐलान दोनों देशों के ऊर्जा और आर्थिक संबंधों में बड़े बदलाव का संकेत दे रहा है। लेकिन 65 अरब बैरल तेल भंडार पर अमेरिकी ‘बहुमत नियंत्रण’ की वास्तविक प्रकृति, संबंधित कंपनियों और समझौते की कानूनी शर्तों का खुलासा होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि यह डील वास्तव में कितनी बड़ी और ऐतिहासिक है।

Tags: 65 Billion BarrelsDelcy RodriguezDonald TrumpMarco RubioUS Control Venezuela OilUS Oil DealVenezuela Oil DealVenezuela Oil Reserves
ShareTweetSend
RK News

RK News

Related Posts

‘सरकार की नाकामी पर सवाल करोगे तो धमकी और टॉर्चर मिलेगा’, गुलजार सिंह की मौत पर राहुल गांधी का हमला
समाचार

‘सरकार की नाकामी पर सवाल करोगे तो धमकी और टॉर्चर मिलेगा’, गुलजार सिंह की मौत पर राहुल गांधी का हमला

September 9, 2026
‘मजिस्ट्रेट की हिम्मत कैसे हुई…’ जंतर-मंतर मामले में छात्र को नोटिस पर CJI सूर्यकांत नाराज
समाचार

‘मजिस्ट्रेट की हिम्मत कैसे हुई…’ जंतर-मंतर मामले में छात्र को नोटिस पर CJI सूर्यकांत नाराज

September 9, 2026
होर्मुज में फिर बारूदी जंग, अमेरिका ने 5 ईरानी टैंकर किए तबाह;  ईरान ने जवाबी कार्रवाई की तेज
समाचार

होर्मुज में फिर बारूदी जंग, अमेरिका ने 5 ईरानी टैंकर किए तबाह; ईरान ने जवाबी कार्रवाई की तेज

September 9, 2026
हॉर्मुज संकट पर कतर की बड़ी चेतावनी, दुनिया पर बढ़ा तेल-गैस संकट का खतरा
समाचार

हॉर्मुज संकट पर कतर की बड़ी चेतावनी, दुनिया पर बढ़ा तेल-गैस संकट का खतरा

September 8, 2026
सहारनपुर में ढहाई गई मस्‍ज‍िद के के नीचे म‍िले कुएं से ASI को क्‍या म‍िला? क्या है इसका इतिहास?
समाचार

सहारनपुर में ढहाई गई मस्‍ज‍िद के के नीचे म‍िले कुएं से ASI को क्‍या म‍िला? क्या है इसका इतिहास?

September 8, 2026
सत्य निकेतन में PG बिल्डिंग गिरने के बाद डरे छात्र अब अपनी इमारतों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठा रहे हैं।
समाचार

“यूक्रेन-गाजा से बदहाल है सत्य निकेतन”; PG में रहने वाले छात्रों का छलका डर

September 8, 2026
Next Post
ज़ोहरान ममदानी के RSS कार्यक्रम के विरोध पर विवाद,RSS ने दिया जवाब

'जो हिंदू माने कि भारत में मुस्लिम...', न्यूयॉर्क में मोहन भागवत का मुस्लिमों पर बड़ा बयान

₹22,006 करोड़ के दावे पर सिर्फ ₹6.5 करोड़! सुभाष चंद्रा केस के फैसले को HDFC बैंक देगा चुनौती

₹22,006 करोड़ के दावे पर सिर्फ ₹6.5 करोड़! सुभाष चंद्रा केस के फैसले को HDFC बैंक देगा चुनौती

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recommended Stories

BJP की पहली लिस्ट – 1 मुस्लिम को टिकट, 42 MP का ‘पत्ता साफ’, साउथ पर नजर

March 3, 2024
संसद में चौथे दिन भी हंगामा, NDA और INDIA गठबंधन आमने-सामने

संसद में चौथे दिन भी हंगामा, NDA और INDIA गठबंधन आमने-सामने

July 23, 2026
बिहार में भी मिल गए थे “एकनाथ शिंदे” पर नीतीश ने बाजी पलट दी

बिहार में भी मिल गए थे “एकनाथ शिंदे” पर नीतीश ने बाजी पलट दी

June 24, 2022

Popular Stories

  • दिल्ली में 1396 कॉलोनियां हैं अवैध, देखें इनमें आपका इलाका भी तो नहीं शामिल ?

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • मेवात के नूह में तनाव, 3 दिन इंटरनेट सेवा बंद, 600 परFIR

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • कौन हैं जामिया मिलिया इस्लामिया के नए चांसलर डॉक्टर सैय्यदना सैफुद्दीन?

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • हमारे  पास ठोस सबूत नहीं, कनाडा  ने माना|भारत ने कहा- हमारे आरोपों की पुष्टि

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • NCERT Recruitment 2023 में नौकरी पाने का जबरदस्त मौका, कल से शुरू होगा आवेदन, जानें तमाम डिटेल

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • पकिस्तान के लिए जासूसी के आरोप में महिला यूट्यूबर ज्योति गिरफ्तार, पूछताछ में किए बड़े खुलासे

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
Roznama Khabrein

The Roznama Khabrein advocates rule of law, human rights, minority rights, national interests, press freedom, and transparency on which the newspaper and newsportal has never compromised and will never compromise whatever the costs.

More... »

Recent Posts

  • ‘सरकार की नाकामी पर सवाल करोगे तो धमकी और टॉर्चर मिलेगा’, गुलजार सिंह की मौत पर राहुल गांधी का हमला
  • ‘मजिस्ट्रेट की हिम्मत कैसे हुई…’ जंतर-मंतर मामले में छात्र को नोटिस पर CJI सूर्यकांत नाराज
  • होर्मुज में फिर बारूदी जंग, अमेरिका ने 5 ईरानी टैंकर किए तबाह; ईरान ने जवाबी कार्रवाई की तेज

Categories

  • Uncategorized
  • अन्य
  • एजुकेशन
  • देश-विदेश
  • पड़ताल
  • रोजनामा खबरें विशेष
  • विचार
  • समाचार
  • हेट क्राइम

Quick Links

  • About Us
  • Support Us
  • Terms & Conditions
  • Privacy Policy
  • Grievance
  • Contact Us

© 2021 Roznama Khabrein Hindi

No Result
View All Result
  • होम
  • समाचार
  • देश-विदेश
  • पड़ताल
  • एजुकेशन
  • विचार
  • हेट क्राइम
  • अन्य
  • रोजनामा खबरें विशेष
  • اردو

© 2021 Roznama Khabrein Hindi