नई दिल्ली: भगोड़े आर्थिक अपराधी घोषित किए जा चुके कारोबारी विजय माल्या ने अपने खिलाफ चल रही कानूनी कार्रवाई और बैंक बकाया को लेकर एक बार फिर सोशल मीडिया पर नाराजगी जाहिर की है। माल्या ने X पर एक पोस्ट में तंज करते हुए कहा कि उन्हें लगातार झेल रहे ‘अन्याय’ के बीच लगता है कि उन्हें कॉकरोच बन जाना चाहिए, क्योंकि शायद कॉकरोच की जिंदगी बेहतर हो।
माल्या ने लिखा, “With all the injustices I have faced and continue to face, I wonder if I should become a cockroach. Maybe a better life on the cockroach side.” उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब वह भारत में अपने खिलाफ चल रही कानूनी कार्रवाई, बैंक बकाया और उन्हें ‘भगोड़ा’ कहे जाने को लेकर लगातार सोशल मीडिया पर अपना पक्ष रख रहे हैं।
₹14,131 करोड़ की रिकवरी का हवाला देकर क्या बोले माल्या?
विजय माल्या ने अपनी एक अन्य पोस्ट में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की ओर से बॉम्बे हाई कोर्ट में दाखिल किए गए कथित हलफनामे का हवाला दिया। उन्होंने दावा किया कि हलफनामे में ₹14,131.60 करोड़ की रिकवरी का उल्लेख है और यह रकम 2021 में ही बैंकों को सौंपे जाने की बात कही गई थी। माल्या ने सवाल उठाया कि इतनी बड़ी रकम की रिकवरी का उल्लेख होने के बावजूद उन्हें अब भी ऐसे व्यक्ति के रूप में पेश किया जाता है जिसने बैंकों को धोखा दिया।
माल्या ने अपने पोस्ट में कथित हलफनामे के अलग-अलग पैराग्राफ का भी जिक्र किया और कहा कि यदि लोग उनके दावे पर भरोसा नहीं करते तो उन्हें उनके बयान के बजाय ED के अदालत में दिए गए दस्तावेज पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अगर बैंकों का पैसा वसूल किया जा चुका है तो उनसे संबंधित मामले और उन्हें लेकर सार्वजनिक धारणा अब भी उसी तरह क्यों बनी हुई है।
‘क्या मुझे रिफंड के बारे में सवाल करना चाहिए?’
माल्या ने अपने पोस्ट के साथ एक टेबल भी साझा की, जिसे उन्होंने अपने मामले में हुई रिकवरी का विवरण बताया। उन्होंने सवाल किया कि अगर बैंकों को बड़ी रकम वापस मिल चुकी है तो मीडिया में उन्हें हर खबर की शुरुआत में ‘fraudster’ के तौर पर क्यों पेश किया जाता है।
उन्होंने आगे पूछा कि क्या अब यह सवाल नहीं किया जाना चाहिए कि उन्हें किसी रकम का रिफंड मिलना चाहिए या नहीं। यह माल्या का व्यक्तिगत दावा और उनका कानूनी पक्ष है; इससे यह निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता कि भारतीय अदालतों या जांच एजेंसियों ने उनके खिलाफ सभी आरोप खत्म कर दिए हैं।
‘मैं भगोड़ा बनकर भारत आने से इनकार नहीं कर रहा’
माल्या ने इससे पहले भी ‘भगोड़ा’ कहे जाने पर आपत्ति जताई थी। उन्होंने X पर दावा किया कि वह 1992 से ब्रिटेन के स्थायी निवासी हैं और फिलहाल ब्रिटेन छोड़ने पर कानूनी पाबंदी है। उनका कहना था कि भारत नहीं लौटने की स्थिति को केवल इस रूप में नहीं देखा जाना चाहिए कि वह जानबूझकर भारत आने से बच रहे हैं।
माल्या ने भारत सरकार पर भी उनके मामले में ‘grossly unjust’ यानी बेहद अन्यायपूर्ण तरीके से कार्रवाई करने का आरोप लगाया। यह उनका आरोप है और इसे सरकारी या न्यायिक निष्कर्ष के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।
माल्या के खिलाफ क्या मामला है?
विजय माल्या की कंपनी Kingfisher Airlines से जुड़े बैंक लोन और कथित वित्तीय अनियमितताओं को लेकर भारत में लंबे समय से कानूनी कार्रवाई चल रही है। माल्या को भारत में Fugitive Economic Offender घोषित किया जा चुका है और वह लंबे समय से ब्रिटेन में रह रहे हैं।
माल्या लगातार अपने खिलाफ लगे आरोपों और सार्वजनिक तौर पर इस्तेमाल किए जाने वाले ‘fraudster’ तथा ‘bhagoda’ जैसे शब्दों पर आपत्ति जताते रहे हैं। वह अपने मामले में बैंकों को हुई कथित रिकवरी और बकाया रकम के हिसाब-किताब को लेकर भी सवाल उठाते रहे हैं।
कॉकरोच वाले बयान का क्या मतलब?
माल्या का ‘कॉकरोच’ वाला बयान सीधे तौर पर उनके खिलाफ चल रही कानूनी और सार्वजनिक बहस पर व्यंग्य के तौर पर आया है। उन्होंने अपनी पोस्ट में यह नहीं बताया कि वह वास्तव में किसी राजनीतिक संगठन से जुड़ने की बात कर रहे हैं। यह बयान ऐसे समय आया है जब Cockroach Janta Party (CJP) नाम का एक व्यंग्यात्मक राजनीतिक संगठन भी सोशल मीडिया पर चर्चा में है। कुछ रिपोर्टों ने माल्या के बयान को उसी संदर्भ से जोड़ा है, लेकिन माल्या ने अपने पोस्ट में CJP से जुड़ने की कोई औपचारिक घोषणा नहीं की।
₹14 हजार करोड़ की रिकवरी और माल्या का दावा
माल्या की ताजा पोस्ट का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा ₹14,131.60 करोड़ की कथित रिकवरी का उनका हवाला है। उनका तर्क है कि यदि बैंकों को उनके मामले में इतनी बड़ी रकम वापस मिल चुकी है तो उनके खिलाफ बकाया और धोखाधड़ी से जुड़े नैरेटिव को नए सिरे से देखा जाना चाहिए।
हालांकि, रिकवरी की रकम और माल्या के खिलाफ आपराधिक/आर्थिक अपराध से जुड़े कानूनी मामलों को एक ही चीज मानना सही नहीं होगा। किसी संपत्ति या रकम की वसूली होने से अपने आप किसी व्यक्ति के खिलाफ सभी कानूनी कार्यवाही समाप्त नहीं हो जाती। माल्या का दावा उनके कानूनी विवाद के एक हिस्से—बैंक रिकवरी और उनके खिलाफ सार्वजनिक धारणा—से जुड़ा है।
फिलहाल विजय माल्या की ताजा सोशल मीडिया पोस्ट ने उनके पुराने बैंक बकाया, ED की कार्रवाई और भारत में उनकी कानूनी स्थिति को फिर चर्चा में ला दिया है। माल्या इसे ‘अन्याय’ बता रहे हैं, जबकि उनके खिलाफ भारत में कानूनी स्थिति और Fugitive Economic Offender का दर्जा कायम है।










