नई दिल्ली: पंजाब में एक ग्रामीण की मौत को लेकर आम आदमी पार्टी की भगवंत मान सरकार विपक्ष के निशाने पर है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने संगरूर के गुलजार सिंह की मौत को लेकर पंजाब सरकार पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की नीतियों या नाकामी पर सवाल उठाने वालों को धमकी और प्रताड़ना का सामना करना पड़ रहा है। राहुल गांधी ने इस घटनाक्रम को पंजाब में उभरता हुआ ‘खतरनाक पैटर्न’ बताया और मुख्यमंत्री भगवंत मान से वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा का इस्तीफा मांगने को कहा।
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट में गुलजार सिंह का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने अपने इलाके में ड्रग्स के कथित कारोबार को लेकर वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा से सवाल किया था। राहुल गांधी का आरोप है कि इसके बाद गुलजार सिंह पर माफी मांगने का दबाव बनाया गया और उनके साथ कथित तौर पर मारपीट तथा अपमान किया गया। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है और मामले की जांच जारी है।
गुलजार सिंह कौन थे और पूरा मामला क्या है?
गुलजार सिंह संगरूर जिले के दिरबा इलाके के रहने वाले करीब 47 वर्षीय व्यक्ति थे और अनुसूचित जाति समुदाय से आते थे। रिपोर्टों के मुताबिक, उनके परिवार का आरोप है कि गुलजार सिंह ने 6 सितंबर को एक कार्यक्रम के दौरान पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा से उनके क्षेत्र में नशे की समस्या को लेकर सवाल किया था। उनका कहना था कि इलाके में ‘चिट्टा’ यानी सिंथेटिक ड्रग्स की समस्या गंभीर है और सरकार इसे रोकने में पर्याप्त कार्रवाई नहीं कर रही।
परिवार के मुताबिक, इस सवाल के बाद गुलजार सिंह पर कथित रूप से माफी मांगने का दबाव बनाया गया। परिवार ने यह भी आरोप लगाया है कि उन्हें कथित तौर पर अपमानित और प्रताड़ित किया गया। इसके बाद सोमवार रात उन्होंने कथित तौर पर जहरीला पदार्थ खा लिया। इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
राहुल गांधी ने क्या आरोप लगाए?
राहुल गांधी ने कहा कि गुलजार सिंह ने सरकार से सिर्फ यह पूछा था कि उसके क्षेत्र में ड्रग्स के कारोबार को रोकने में नाकामी क्यों हो रही है। कांग्रेस नेता के मुताबिक, इस सवाल के बाद उनके साथ कथित तौर पर ऐसा व्यवहार किया गया कि वह माफी मांगने के लिए दबाव में आ गए और अंततः उन्होंने जहरीला पदार्थ खा लिया।
राहुल गांधी ने इसे पंजाब की AAP सरकार के खिलाफ एक बड़े राजनीतिक सवाल के रूप में पेश किया। उन्होंने आरोप लगाया कि अगर कोई व्यक्ति सरकार की नाकामी पर सवाल उठाता है तो उसे जवाब देने के बजाय धमकी और प्रताड़ना का सामना करना पड़ता है।
हालांकि, राहुल गांधी के आरोपों को जांच का निष्कर्ष नहीं माना जा सकता। गुलजार सिंह की मौत के पीछे कथित दबाव की भूमिका, किसने दबाव बनाया और क्या इसका उनकी मौत से सीधा संबंध था—इन सवालों का जवाब जांच के बाद ही स्पष्ट होगा।
हरपाल सिंह चीमा के इस्तीफे की मांग
राहुल गांधी ने मुख्यमंत्री भगवंत मान से मांग की कि वह वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा का इस्तीफा लें। उन्होंने मामले की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच कराने तथा FIR में चीमा का नाम दर्ज किए जाने की मांग भी की है।
राहुल गांधी ने यह भी कहा कि सरकार का काम जनता के सवालों का जवाब देना है, सवाल पूछने वालों को दबाना नहीं। उन्होंने गुलजार सिंह के परिवार को न्याय दिलाने की मांग की।
पंजाब पुलिस ने बनाई SIT
मामले की गंभीरता को देखते हुए पंजाब पुलिस ने जांच के लिए एक विशेष जांच दल यानी SIT गठित किया है। रिपोर्टों के मुताबिक, SIT का नेतृत्व अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक स्तर के अधिकारी को दिया गया है। इसका उद्देश्य गुलजार सिंह की मौत की परिस्थितियों और उससे पहले सामने आए घटनाक्रम की जांच करना है।
जांच में यह महत्वपूर्ण होगा कि गुलजार सिंह ने किन परिस्थितियों में जहरीला पदार्थ लिया, उनसे किस-किस व्यक्ति ने संपर्क किया था और क्या उन्हें वास्तव में किसी तरह का दबाव या धमकी दी गई थी।
मामला पंजाब के ड्रग्स संकट से भी जुड़ा
गुलजार सिंह का मामला ऐसे समय सामने आया है जब पंजाब में ड्रग्स की समस्या एक बड़ा राजनीतिक मुद्दा बनी हुई है। उनका अपने बेटे के नशे की गिरफ्त में आने को लेकर दर्द और इलाके में ड्रग्स की कथित उपलब्धता को लेकर सवाल उठाना इस मामले का महत्वपूर्ण हिस्सा बन गया है।
यही वजह है कि विपक्ष इस घटना को सिर्फ एक व्यक्ति की मौत का मामला नहीं बल्कि पंजाब में नशे की समस्या और सरकार की जवाबदेही से जोड़ रहा है।
राहुल गांधी ने एक और मामले का भी जिक्र किया
राहुल गांधी ने अपने बयान में मोहन्जीत सिंह नाम के एक अन्य युवक का भी जिक्र किया। उन्होंने आरोप लगाया कि इस युवक को मुख्यमंत्री भगवंत मान के खिलाफ विरोध करने के कारण कथित तौर पर प्रताड़ित किया गया था। राहुल गांधी ने दोनों घटनाओं को जोड़ते हुए दावा किया कि पंजाब में आलोचना और विरोध से निपटने का एक खतरनाक तरीका विकसित हो रहा है। यह आरोप भी फिलहाल राहुल गांधी के बयान के रूप में ही देखा जाना चाहिए। इसके स्वतंत्र सत्यापन या किसी न्यायिक निष्कर्ष को लेकर उपलब्ध रिपोर्टों में अंतिम पुष्टि नहीं है।
बीजेपी और विपक्ष ने भी AAP को घेरा
गुलजार सिंह की मौत के बाद पंजाब में राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं। बीजेपी ने मुख्यमंत्री भगवंत मान के इस्तीफे की मांग की है और आरोप लगाया है कि AAP से जुड़े लोगों ने गुलजार सिंह पर दबाव बनाया। राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग ने भी पंजाब सरकार से गुलजार सिंह की मौत के संबंध में रिपोर्ट मांगी है। इससे मामले का राजनीतिक और संस्थागत महत्व और बढ़ गया है।
अब जांच पर टिकी नजर
गुलजार सिंह की मौत के मामले में फिलहाल सबसे अहम सवाल यह है कि क्या उन्हें वास्तव में राजनीतिक या सामाजिक दबाव का सामना करना पड़ा था और क्या उस दबाव का उनकी मौत से सीधा संबंध था। इन सवालों का जवाब SIT की जांच और उपलब्ध साक्ष्यों से मिलना बाकी है।
राहुल गांधी ने इस घटना को लेकर AAP सरकार पर हमला बोलते हुए इसे ‘खतरनाक पैटर्न’ बताया है और हरपाल सिंह चीमा के इस्तीफे की मांग की है। दूसरी ओर, आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। ऐसे में गुलजार सिंह की मौत अब पंजाब में ड्रग्स, सरकार की जवाबदेही और नागरिकों के सवाल पूछने के अधिकार से जुड़ा बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन गई है।










