Roznama Khabrein
No Result
View All Result
  • होम
  • समाचार
  • देश-विदेश
  • पड़ताल
  • एजुकेशन
  • विचार
  • हेट क्राइम
  • अन्य
  • रोजनामा खबरें विशेष
  • اردو
اردو
  • होम
  • समाचार
  • देश-विदेश
  • पड़ताल
  • एजुकेशन
  • विचार
  • हेट क्राइम
  • अन्य
  • रोजनामा खबरें विशेष
  • اردو
No Result
View All Result
No Result
View All Result
Home समाचार

लंदन में भागवत ने दी ‘हिंदू राष्ट्र’ की नई परिभाषा ! बोले- विविधता ही आधार

RK News by RK News
September 7, 2026
Reading Time: 1 min read
0
ज़ोहरान ममदानी के RSS कार्यक्रम के विरोध पर विवाद,RSS ने दिया जवाब

लंदन: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत ने लंदन में ‘हिंदू राष्ट्र’ और ‘हिंदुत्व’ की अवधारणा को लेकर अपनी व्याख्या सामने रखी है। 6 सितंबर को आयोजित ‘Celebration of Oneness’ कार्यक्रम में प्रवासी भारतीयों और ब्रिटिश हिंदू समुदाय के लोगों से संवाद करते हुए भागवत ने कहा कि हिंदू राष्ट्र की अवधारणा का आधार किसी एक धर्म, पूजा-पद्धति या जीवनशैली को थोपना नहीं, बल्कि विविधता को स्वीकार करना है। उन्होंने जोर देकर कहा कि समाज में एकता के लिए सभी लोगों का एक जैसा होना जरूरी नहीं है।

RELATED POSTS

महाराष्ट्र, बंगाल और तमिलनाडु में दोबारा चुनाव कराने की मांग; उद्धव, ममता और केजरीवाल क्या बोले?

14 बार उठी अंदर से आवाज… 10 महीने में दो Election Commissioners ने दर्ज कराई आपत्ति, चुनाव आयोग के भीतर क्या चल रहा था?

रूसी तेल खरीदने पर भारत पर 100% टैरिफ का खतरा, अमेरिका में प्रतिबंध वाला बिल आगे बढ़ा

भागवत ने कहा कि “विविधता स्वाभाविक है, एकता सत्य है” और हिंदू राष्ट्र की अवधारणा के पीछे इसी विचार को दुनिया के सामने रखने का उद्देश्य है। उनके मुताबिक अलग-अलग रास्ते, विचार और जीवन-पद्धतियां होने के बावजूद लोग एक साथ रह सकते हैं। उन्होंने इसे भारतीय सभ्यतागत दृष्टिकोण से जोड़ते हुए कहा कि विविधता को खत्म करके एकरूपता पैदा करना एकता की अनिवार्य शर्त नहीं है।

‘हिंदू’ केवल धर्म या पूजा-पद्धति नहीं- भागवत

भागवत ने हिंदू शब्द की व्याख्या करते हुए कहा कि इसे केवल किसी धार्मिक पहचान या पूजा-पद्धति के आधार पर नहीं समझा जाना चाहिए। उनके अनुसार हिंदू एक ऐसी प्रकृति और दृष्टिकोण को दर्शाता है, जो अलग-अलग प्रकार की विविधताओं को स्वीकार और उनका सम्मान करता है।

उन्होंने कहा कि अलग-अलग लोगों के रास्ते और विचार अलग हो सकते हैं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि उन्हें एक-दूसरे के जैसा बनाया जाए। भागवत के मुताबिक हिंदू विचार में विभिन्न रास्तों के अलग होने के बावजूद उनके अंतिम उद्देश्य में एकता देखी जाती है।

‘यूनिटी के लिए यूनिफॉर्मिटी जरूरी नहीं’

लंदन के कार्यक्रम में भागवत ने Unity in Diversity यानी विविधता में एकता के विचार पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि दुनिया में मौजूद विविधता स्वाभाविक है और लोगों को एक जैसा बनाने की कोई जरूरत नहीं है।

उनका कहना था कि समाज में अलग-अलग विचार, मान्यताएं और जीवनशैलियां मौजूद रह सकती हैं, फिर भी लोग साथ रह सकते हैं, साथ काम कर सकते हैं और एक-दूसरे का सम्मान कर सकते हैं। इसी संदर्भ में उन्होंने कहा कि एकता के लिए एकरूपता आवश्यक नहीं है।

‘हिंदू राष्ट्र’ का उद्देश्य क्या बताया?

भागवत से जब हिंदू राष्ट्र की अवधारणा को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने इसे किसी एक धार्मिक व्यवस्था तक सीमित करने के बजाय एक व्यापक सभ्यतागत विचार के रूप में पेश किया।

उन्होंने कहा कि हिंदू राष्ट्र का उद्देश्य दुनिया को यह समझाना है कि विविधता प्राकृतिक है और एकता ही सत्य है। उनके अनुसार यही विचार वैश्विक समाज के लिए भी उपयोगी हो सकता है।

RSS की ओर से जारी बयान के मुताबिक भागवत ने अपने संबोधन में लोगों को विभाजित करने वाली बातों के बजाय उन्हें जोड़ने वाले तत्वों पर जोर देने की आवश्यकता बताई। संघ ने उनके लंदन कार्यक्रम को अपनी शताब्दी वर्ष की वैश्विक गतिविधियों और सभ्यतागत संवाद का हिस्सा बताया है।

हिंदुत्व को ‘Oneness’ से जोड़ा

भागवत ने हिंदुत्व की व्याख्या भी ‘Oneness’ यानी एकत्व के विचार से की। उन्होंने कहा कि लोगों को अलग-अलग रहने के बजाय साथ चलना, साथ काम करना और साथ रहना चाहिए।

उनके अनुसार हिंदुत्व का मूल विचार अलगाव नहीं बल्कि लोगों के बीच जुड़ाव पैदा करना है। उन्होंने सेवा को भी RSS की कार्यप्रणाली का महत्वपूर्ण हिस्सा बताते हुए आने वाली पीढ़ियों की भूमिका पर विश्वास जताया।

ब्रिटिश हिंदुओं की ‘कर्मभूमि’ को लेकर भी दिया बड़ा बयान

लंदन में भागवत से ब्रिटेन में रहने वाले हिंदुओं की भारत और ब्रिटेन के प्रति निष्ठा को लेकर भी सवाल किया गया। इस पर उन्होंने कहा कि हिंदुत्व के अनुसार व्यक्ति की ‘कर्मभूमि’ वही होती है जहां उसकी निष्ठा और कर्तव्य जुड़े होते हैं।

उन्होंने स्पष्ट किया कि ब्रिटिश हिंदुओं के लिए उनकी कर्मभूमि ब्रिटेन है और हिंदुत्व उनसे अपनी कर्मभूमि के प्रति निष्ठा छोड़ने की अपेक्षा नहीं करता। उनके अनुसार जन्मभूमि से मिलने वाले मूल्य व्यक्ति को उसकी कर्मभूमि में अपने कर्तव्यों को निभाने में मार्गदर्शन कर सकते हैं।

RSS के 100 साल पूरे होने के बीच भागवत का विदेश दौरा

भागवत का लंदन कार्यक्रम RSS के शताब्दी वर्ष के दौरान चल रहे उनके तीन देशों के अंतरराष्ट्रीय दौरे का हिस्सा था। इससे पहले उन्होंने न्यूयॉर्क और टोरंटो में भी कार्यक्रमों में हिस्सा लिया था। RSS के अनुसार इस वैश्विक संपर्क अभियान का उद्देश्य संगठन के काम, सेवा, सामाजिक समरसता और भारतीय सभ्यतागत विचारों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रस्तुत करना है।

भागवत के बयान का राजनीतिक और वैचारिक महत्व

भागवत का यह बयान इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि ‘हिंदू राष्ट्र’ RSS की वैचारिक बहस का एक प्रमुख विषय रहा है और इस अवधारणा को लेकर भारत में लंबे समय से राजनीतिक तथा वैचारिक विवाद भी रहा है। लंदन में भागवत ने इसकी व्याख्या धार्मिक एकरूपता के बजाय विविधता और एकता के संबंध में की है।

हालांकि, उनके इस बयान को RSS की विचारधारा में औपचारिक बदलाव की घोषणा के रूप में पेश करना उचित नहीं होगा। भागवत ने स्वयं हिंदू राष्ट्र और हिंदुत्व की अपनी वैचारिक व्याख्या प्रस्तुत की है। दूसरी ओर, RSS और हिंदुत्व के आलोचक इन बयानों को संगठन की व्यापक वैचारिक राजनीति के संदर्भ में देखते हैं।

Tags: Celebration of OnenessDiversityHindu RashtraHindutvamohan bhagwatRSSUnity in Diversityमोहन भागवतराष्ट्रीय स्वयंसेवक संघलंदनहिंदुत्वहिंदू राष्ट्र
ShareTweetSend
RK News

RK News

Related Posts

समाचार

महाराष्ट्र, बंगाल और तमिलनाडु में दोबारा चुनाव कराने की मांग; उद्धव, ममता और केजरीवाल क्या बोले?

September 24, 2026
14 बार उठी अंदर से आवाज… 10 महीने में दो Election Commissioners ने दर्ज कराई आपत्ति, चुनाव आयोग के भीतर क्या चल रहा था?
समाचार

14 बार उठी अंदर से आवाज… 10 महीने में दो Election Commissioners ने दर्ज कराई आपत्ति, चुनाव आयोग के भीतर क्या चल रहा था?

September 24, 2026
रूसी तेल खरीदने पर भारत पर 100% टैरिफ का खतरा, अमेरिका में प्रतिबंध वाला बिल आगे बढ़ा
समाचार

रूसी तेल खरीदने पर भारत पर 100% टैरिफ का खतरा, अमेरिका में प्रतिबंध वाला बिल आगे बढ़ा

September 16, 2026
हूतियों का सऊदी अरब पर मिसाइल-ड्रोन हमला, मक्का की ओर ड्रोन भेजने से इनकार; बढ़ा तनाव
समाचार

हूतियों का सऊदी अरब पर मिसाइल-ड्रोन हमला, मक्का की ओर ड्रोन भेजने से इनकार; बढ़ा तनाव

September 16, 2026
गुरुग्राम में महिला बाइकर का पीछा, ‘दूर रहो’ कहने पर कार से मारी टक्कर
समाचार

गुरुग्राम में महिला बाइकर का पीछा, ‘दूर रहो’ कहने पर कार से मारी टक्कर

September 14, 2026
मोहसिन नकवी को फिर ट्रॉफी देने से भारत का इनकार, BCCI के फैसले के बावजूद क्यों पहुंचे मंच पर?
समाचार

मोहसिन नकवी को फिर ट्रॉफी देने से भारत का इनकार, BCCI के फैसले के बावजूद क्यों पहुंचे मंच पर?

September 14, 2026
Next Post
सत्य निकेतन में PG बिल्डिंग गिरने के बाद डरे छात्र अब अपनी इमारतों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठा रहे हैं।

दिल्ली में छात्रों की PG बनी मौत का मलबा! 5 मंजिला इमारत ढही

JNU में प्रोफेसर पर यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोप, 11 छात्राओं की शिकायत से मचा हड़कंप

JNU में प्रोफेसर पर यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोप, 11 छात्राओं की शिकायत से मचा हड़कंप

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recommended Stories

भारत में किन-किन संगठनों पर है प्रतिबंध, जानिए पूरी लिस्ट

भारत में किन-किन संगठनों पर है प्रतिबंध, जानिए पूरी लिस्ट

September 28, 2022
बीजेपी के पसमांदा मुस्लिम कार्ड की परीक्षा दिल्ली निकाय चुनाव में होगी

बीजेपी के पसमांदा मुस्लिम कार्ड की परीक्षा दिल्ली निकाय चुनाव में होगी

November 17, 2022
एम वेंकैया नायडू: आडवाणी टीम के आखिरी सदस्य की विदाई

एम वेंकैया नायडू: आडवाणी टीम के आखिरी सदस्य की विदाई

August 7, 2022

Popular Stories

  • दिल्ली में 1396 कॉलोनियां हैं अवैध, देखें इनमें आपका इलाका भी तो नहीं शामिल ?

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • मेवात के नूह में तनाव, 3 दिन इंटरनेट सेवा बंद, 600 परFIR

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • हमारे  पास ठोस सबूत नहीं, कनाडा  ने माना|भारत ने कहा- हमारे आरोपों की पुष्टि

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • कौन हैं जामिया मिलिया इस्लामिया के नए चांसलर डॉक्टर सैय्यदना सैफुद्दीन?

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • NCERT Recruitment 2023 में नौकरी पाने का जबरदस्त मौका, कल से शुरू होगा आवेदन, जानें तमाम डिटेल

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • पकिस्तान के लिए जासूसी के आरोप में महिला यूट्यूबर ज्योति गिरफ्तार, पूछताछ में किए बड़े खुलासे

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
Roznama Khabrein

The Roznama Khabrein advocates rule of law, human rights, minority rights, national interests, press freedom, and transparency on which the newspaper and newsportal has never compromised and will never compromise whatever the costs.

More... »

Recent Posts

  • महाराष्ट्र, बंगाल और तमिलनाडु में दोबारा चुनाव कराने की मांग; उद्धव, ममता और केजरीवाल क्या बोले?
  • 14 बार उठी अंदर से आवाज… 10 महीने में दो Election Commissioners ने दर्ज कराई आपत्ति, चुनाव आयोग के भीतर क्या चल रहा था?
  • रूसी तेल खरीदने पर भारत पर 100% टैरिफ का खतरा, अमेरिका में प्रतिबंध वाला बिल आगे बढ़ा

Categories

  • Uncategorized
  • अन्य
  • एजुकेशन
  • देश-विदेश
  • पड़ताल
  • रोजनामा खबरें विशेष
  • विचार
  • समाचार
  • हेट क्राइम

Quick Links

  • About Us
  • Support Us
  • Terms & Conditions
  • Privacy Policy
  • Grievance
  • Contact Us

© 2021 Roznama Khabrein Hindi

No Result
View All Result
  • होम
  • समाचार
  • देश-विदेश
  • पड़ताल
  • एजुकेशन
  • विचार
  • हेट क्राइम
  • अन्य
  • रोजनामा खबरें विशेष
  • اردو

© 2021 Roznama Khabrein Hindi