Roznama Khabrein
No Result
View All Result
  • होम
  • समाचार
  • देश-विदेश
  • पड़ताल
  • एजुकेशन
  • विचार
  • हेट क्राइम
  • अन्य
  • रोजनामा खबरें विशेष
  • اردو
اردو
  • होम
  • समाचार
  • देश-विदेश
  • पड़ताल
  • एजुकेशन
  • विचार
  • हेट क्राइम
  • अन्य
  • रोजनामा खबरें विशेष
  • اردو
No Result
View All Result
No Result
View All Result
Home समाचार

हरियाणा:केजरीवाल की रिहाई कांग्रेस के लिए आफत ‘BJP के लिए मौका? मगर कैसे

RK News by RK News
September 13, 2024
Reading Time: 2 mins read
0

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने आबकारी नीति ‘घोटाले’ के संबंध में CBI द्वारा दर्ज भ्रष्टाचार के मामले में शुक्रवार को दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को जमानत दे दी। केजरीवाल को जमानत दिए जाने के तुरंत बाद आम आदमी पार्टी की हरियाणा इकाई के प्रमुख सुशील गुप्ता ने शुक्रवार को कहा कि पार्टी प्रमुख राज्य में चुनाव प्रचार करेंगे जहां लोग बदलाव की उम्मीद कर रहे हैं। सुशील गुप्ता के बयान से समझा जा सकता है कि अब AAP हरियाणा में पहले से कहीं ज्यादा मजबूती से चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही है। इतिहास देखा जाए तो जिन राज्यों में AAP मजबूती से लड़ी है, वहां कांग्रेस का नुकसान होता रहा है, और यह बात देश की सबसे पुरानी पार्टी को परेशानी में डाल सकती है।

RELATED POSTS

संसद में अकेले मोदी सरकार को घेरेगी कांग्रेस, खड़गे ने पीएम मोदी को लिखा पत्र;

हॉर्मुज़ से दूर रहें भारतीय नाविक! ईरान युद्ध के बीच भारत सरकार का बड़ा आदेश

“क्या तुम मुस्लिम हो?” पूछकर भारतीय युवक पर 15 बार चाकू से हमला, अमेरिका के मॉल में दिल दहला देने वाली वारदात

‘चुनाव प्रचार करेंगे केजरीवाल’

हरियाणा AAP के अध्यक्ष गुप्ता ने दिल्ली के मुख्यमंत्री को जमानत देने के सुप्रीम कोर्ट के फैसले की सराहना करते हुए कहा, ‘हम अब दोगुनी ताकत के साथ चुनाव लड़ेंगे। केजरीवाल जी जल्द ही हरियाणा में अपना अभियान शुरू करेंगे।’ हरियाणा में 5 अक्टूबर को होने वाले विधानसभा चुनाव में AAP अकेले अपने दम पर लड़ रही है। गुप्ता ने कहा कि लोग BJP को सत्ता से बाहर करने का इंतजार कर रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘भाजपा काल में विकास ठप हो गया है। लोग उन्हें सत्ता से बाहर करने के लिए 5 अक्टूबर का इंतजार कर रहे हैं। लोग बदलाव चाहते हैं, वे एक ईमानदार सरकार चुनना चाहते हैं।’
त्रिकोणीय मुकाबले की संभावना?
राजनीति के एक्सपर्ट्स की मानें तो भले ही AAP का हरियाणा में पिछले विधानसभा चुनावों में खास रिकॉर्ड नहीं रहा हो, इस बार वह अपने वोट बेस में बढ़ोत्तरी कर सकती है। उसकी तरफ गया एक-एक वोट नतीजों को बुरी तरह प्रभावित कर सकता है। हालांकि हरियाणा में अधिकांश सीटों पर मुकाबला बीजेपी और कांग्रेस के बीच ही होने की संभावना है। इसके अलावा दुष्यंत चौटाला की जननायक जनता पार्टी जैसे छोटे-छोटे दल भी कुछ हद तक असर रखते हैं लेकिन वे भी शायद ही मुख्य लड़ाई में नजर आएं। इस तरह हरियाणा में AAP एक महत्वपूर्ण फैक्टर तो है, लेकिन मुकाबले को त्रिकोणीय करने की हद तक उसकी ताकत नजर नहीं आ रही।

*कांग्रेस को नुकसान, बीजेपी को फायदा!

हरियाणा चुनावों में आम आदमी पार्टी के पूरी ताकत से उतरने से कांग्रेस को नुकसान पहुंच सकता है। पड़ोसी राज्य पंजाब में सरकार बनाने के बाद से ही AAP के हौसले बुलंद हैं और अपने नेता अरविंद केजरीवाल के जेल से रिहा होने के बाद उसके कार्यकर्ता और भी ज्यादा जोश में नजर आ रहे हैं। साथ ही दिल्ली के सीएम की पत्नी सुनीता केजरीवाल के साथ-साथ पार्टी के बाकी नेता भी प्रचार-प्रसार में कोई कमी नहीं छोड़ रहे हैं। सियासी पंडितों का मानना है कि AAP के प्रचार अभियान को जितनी गति मिलेगी, बीजेपी विरोधी वोट उतना ही बंटेगा जिससे कांग्रेस को नुकसान और भगवा दल को फायदा हो सकता है

*अब तक की लड़ाई में कौन जीता?

दिल्ली से लेकर पंजाब तक, गोवा से गुजरात तक, हर चुनाव नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने आबकारी नीति ‘घोटाले’ के संबंध में CBI द्वारा दर्ज भ्रष्टाचार के मामले में शुक्रवार को दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को जमानत दे दी। केजरीवाल को जमानत दिए जाने के तुरंत बाद आम आदमी पार्टी की हरियाणा इकाई के प्रमुख सुशील गुप्ता ने शुक्रवार को कहा कि पार्टी प्रमुख राज्य में चुनाव प्रचार करेंगे जहां लोग बदलाव की उम्मीद कर रहे हैं। सुशील गुप्ता के बयान से समझा जा सकता है कि अब AAP हरियाणा में पहले से कहीं ज्यादा मजबूती से चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही है। इतिहास देखा जाए तो जिन राज्यों में AAP मजबूती से लड़ी है, वहां कांग्रेस का नुकसान होता रहा है, और यह बात देश की सबसे पुरानी पार्टी को परेशानी में डाल सकती है।

‘चुनाव प्रचार करेंगे केजरीवाल’

हरियाणा AAP के अध्यक्ष गुप्ता ने दिल्ली के मुख्यमंत्री को जमानत देने के सुप्रीम कोर्ट के फैसले की सराहना करते हुए कहा, ‘हम अब दोगुनी ताकत के साथ चुनाव लड़ेंगे। केजरीवाल जी जल्द ही हरियाणा में अपना अभियान शुरू करेंगे।’ हरियाणा में 5 अक्टूबर को होने वाले विधानसभा चुनाव में AAP अकेले अपने दम पर लड़ रही है। गुप्ता ने कहा कि लोग BJP को सत्ता से बाहर करने का इंतजार कर रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘भाजपा काल में विकास ठप हो गया है। लोग उन्हें सत्ता से बाहर करने के लिए 5 अक्टूबर का इंतजार कर रहे हैं। लोग बदलाव चाहते हैं, वे एक ईमानदार सरकार चुनना चाहते हैं।’

त्रिकोणीय मुकाबले की संभावना?

राजनीति के एक्सपर्ट्स की मानें तो भले ही AAP का हरियाणा में पिछले विधानसभा चुनावों में खास रिकॉर्ड नहीं रहा हो, इस बार वह अपने वोट बेस में बढ़ोत्तरी कर सकती है। उसकी तरफ गया एक-एक वोट नतीजों को बुरी तरह प्रभावित कर सकता है। हालांकि हरियाणा में अधिकांश सीटों पर मुकाबला बीजेपी और कांग्रेस के बीच ही होने की संभावना है। इसके अलावा दुष्यंत चौटाला की जननायक जनता पार्टी जैसे छोटे-छोटे दल भी कुछ हद तक असर रखते हैं लेकिन वे भी शायद ही मुख्य लड़ाई में नजर आएं। इस तरह हरियाणा में AAP एक महत्वपूर्ण फैक्टर तो है, लेकिन मुकाबले को त्रिकोणीय करने की हद तक उसकी ताकत नजर नहीं आ रही।

*कांग्रेस को नुकसान, बीजेपी को फायदा!

हरियाणा चुनावों में आम आदमी पार्टी के पूरी ताकत से उतरने से कांग्रेस को नुकसान पहुंच सकता है। पड़ोसी राज्य पंजाब में सरकार बनाने के बाद से ही AAP के हौसले बुलंद हैं और अपने नेता अरविंद केजरीवाल के जेल से रिहा होने के बाद उसके कार्यकर्ता और भी ज्यादा जोश में नजर आ रहे हैं। साथ ही दिल्ली के सीएम की पत्नी सुनीता केजरीवाल के साथ-साथ पार्टी के बाकी नेता भी प्रचार-प्रसार में कोई कमी नहीं छोड़ रहे हैं। सियासी पंडितों का मानना है कि AAP के प्रचार अभियान को जितनी गति मिलेगी, बीजेपी विरोधी वोट उतना ही बंटेगा जिससे कांग्रेस को नुकसान और भगवा दल को फायदा हो सकता है

*अब तक की लड़ाई में कौन जीता?

दिल्ली से लेकर पंजाब तक, गोवा से गुजरात तक, हर चुनाव में आम आदमी पार्टी ने कांग्रेस की कीमत पर ही अपनी जमीन तैयार की है। दिल्ली और पंजाब में पार्टी ने प्रचंड जीत हासिल करते हुए कांग्रेस को जहां सत्ता से बाहर कर दिया, वहीं गोवा और गुजरात में उसकी दुर्गति का बड़ा कारण बनी। दिल्ली का उदाहरण लें तो 2020 के विधानसभा चुनावों में AAP को 70 में से 62 और बीजेपी को 8 सीटें मिली थीं, जबकि 2013 तक सूबे की सत्ता में रही कांग्रेस लगातार दूसरी बार शून्य पर सिमट गई थी। वहीं, 2022 के पंजाब चुनावों में जहां AAP 117 में से 92 सीटें जीतकर सत्ता में आई, वहीं मात्र 18 सीटें लाकर कांग्रेस सत्ता से बाहर हो गई। बीजेपी हालांकि 2 ही सीटें जीत पाई लेकिन उसका वोट प्रतिशत यहां भी बढ़ा।

*AAP क्या गुल खिलाएगी?

अब सवाल यह उठता है कि क्या हरियाणा में भी AAP और कांग्रेस के बीच मुकाबले का पुराना इतिहास दोहराया जाएगा? एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर AAP हरियाणा में मजबूती से लड़ाई लड़ती है तो यह कांग्रेस के लिए खतरनाक साबित हो सकता है। गोवा और गुजरात में यह देखा जा चुका है कि भले ही AAP ने इन राज्यों में हुए विधानसभा चुनावों में बहुत ज्यादा सीटें न जीती हों, लेकिन सेंध कांग्रेस के वोट बैंक में ही लगी और BJP फायदे में रही। गोवा में 2022 में हुए चुनावों में AAP को 6.8 फीसदी वोट मिले थे जबकि गुजरात में उसे 12.92 फीसदी लोगों ने वोट किया था। इन दोनों ही चुनावों में जहां कांग्रेस का वोट शेयर घटा था वहीं बीजेपी के वोट बढ़े थे और उसने दोनों ही राज्यों में सरकार बनाई थी। अब देखना यह है कि हरियाणा के चुनावों में AAP बनाम कांग्रेस की लड़ाई क्या गुलखिलाती है।(आभार indiatv)में आम आदमी पार्टी ने कांग्रेस की कीमत पर ही अपनी जमीन तैयार की है। दिल्ली और पंजाब में पार्टी ने प्रचंड जीत हासिल करते हुए कांग्रेस को जहां सत्ता से बाहर कर दिया, वहीं गोवा और गुजरात में उसकी दुर्गति का बड़ा कारण बनी। दिल्ली का उदाहरण लें तो 2020 के विधानसभा चुनावों में AAP को 70 में से 62 और बीजेपी को 8 सीटें मिली थीं, जबकि 2013 तक सूबे की सत्ता में रही कांग्रेस लगातार दूसरी बार शून्य पर सिमट गई थी। वहीं, 2022 के पंजाब चुनावों में जहां AAP 117 में से 92 सीटें जीतकर सत्ता में आई, वहीं मात्र 18 सीटें लाकर कांग्रेस सत्ता से बाहर हो गई। बीजेपी हालांकि 2 ही सीटें जीत पाई लेकिन उसका वोट प्रतिशत यहां भी बढ़ा।
(आभार indiatv)

ShareTweetSend
RK News

RK News

Related Posts

संसद में अकेले मोदी सरकार को घेरेगी कांग्रेस, खड़गे ने पीएम मोदी को लिखा पत्र;
समाचार

संसद में अकेले मोदी सरकार को घेरेगी कांग्रेस, खड़गे ने पीएम मोदी को लिखा पत्र;

July 16, 2026
हॉर्मुज़ से दूर रहें भारतीय नाविक! ईरान युद्ध के बीच भारत सरकार का बड़ा आदेश
समाचार

हॉर्मुज़ से दूर रहें भारतीय नाविक! ईरान युद्ध के बीच भारत सरकार का बड़ा आदेश

July 16, 2026
“क्या तुम मुस्लिम हो?” पूछकर भारतीय युवक पर 15 बार चाकू से हमला, अमेरिका के मॉल में दिल दहला देने वाली वारदात
समाचार

“क्या तुम मुस्लिम हो?” पूछकर भारतीय युवक पर 15 बार चाकू से हमला, अमेरिका के मॉल में दिल दहला देने वाली वारदात

July 16, 2026
सोनम वांगचुक के अनशन पर मोदी सरकार की पहली प्रतिक्रिया, दिल्ली हाईकोर्ट को बताया ‘…के रूप में हस्तक्षेप करेंगे'”
समाचार

सोनम वांगचुक के अनशन पर मोदी सरकार की पहली प्रतिक्रिया, दिल्ली हाईकोर्ट को बताया ‘…के रूप में हस्तक्षेप करेंगे'”

July 16, 2026
आजम खान की जौहर यूनिवर्सिटी पर बुलडोजर की तैयारी, 40 में से 38 भवनों को अवैध घोषित
समाचार

आजम खान की जौहर यूनिवर्सिटी पर बुलडोजर की तैयारी, 40 में से 38 भवनों को अवैध घोषित

July 15, 2026
शालिग्राम गर्ग गिरफ्तार
समाचार

बागेश्वर धाम में मची हलचल! धीरेंद्र शास्त्री के भाई शालिग्राम गर्ग गिरफ्तार, कोर्ट ने भेजा जेल

July 15, 2026
Next Post

इस्लामोफोबिया से मुकाबला बहुत पहले शुरू हो जाना था:–राम पुनियानी

एक देश एक चुनाव लागू करने को लेकर मोदी सरकार एक्टिव

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recommended Stories

आजम खान की जौहर यूनिवर्सिटी पर बुलडोजर की तैयारी, 40 में से 38 भवनों को अवैध घोषित

आजम खान की जौहर यूनिवर्सिटी पर बुलडोजर की तैयारी, 40 में से 38 भवनों को अवैध घोषित

July 15, 2026
जितेंद्र त्यागी की किताब “मोहम्मद” पर पाबंदी लगाने से सुप्रीम कोर्ट का इंकार

जितेंद्र त्यागी की किताब “मोहम्मद” पर पाबंदी लगाने से सुप्रीम कोर्ट का इंकार

September 3, 2022

जामिया के 21 शोधकर्ता स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी की शीर्ष 2% वैज्ञानिक सूची में शामिल

October 13, 2022

Popular Stories

  • दिल्ली में 1396 कॉलोनियां हैं अवैध, देखें इनमें आपका इलाका भी तो नहीं शामिल ?

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • मेवात के नूह में तनाव, 3 दिन इंटरनेट सेवा बंद, 600 परFIR

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • कौन हैं जामिया मिलिया इस्लामिया के नए चांसलर डॉक्टर सैय्यदना सैफुद्दीन?

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • NCERT Recruitment 2023 में नौकरी पाने का जबरदस्त मौका, कल से शुरू होगा आवेदन, जानें तमाम डिटेल

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • पकिस्तान के लिए जासूसी के आरोप में महिला यूट्यूबर ज्योति गिरफ्तार, पूछताछ में किए बड़े खुलासे

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • हमारे  पास ठोस सबूत नहीं, कनाडा  ने माना|भारत ने कहा- हमारे आरोपों की पुष्टि

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
Roznama Khabrein

The Roznama Khabrein advocates rule of law, human rights, minority rights, national interests, press freedom, and transparency on which the newspaper and newsportal has never compromised and will never compromise whatever the costs.

More... »

Recent Posts

  • संसद में अकेले मोदी सरकार को घेरेगी कांग्रेस, खड़गे ने पीएम मोदी को लिखा पत्र;
  • हॉर्मुज़ से दूर रहें भारतीय नाविक! ईरान युद्ध के बीच भारत सरकार का बड़ा आदेश
  • “क्या तुम मुस्लिम हो?” पूछकर भारतीय युवक पर 15 बार चाकू से हमला, अमेरिका के मॉल में दिल दहला देने वाली वारदात

Categories

  • Uncategorized
  • अन्य
  • एजुकेशन
  • देश-विदेश
  • पड़ताल
  • रोजनामा खबरें विशेष
  • विचार
  • समाचार
  • हेट क्राइम

Quick Links

  • About Us
  • Support Us
  • Terms & Conditions
  • Privacy Policy
  • Grievance
  • Contact Us

© 2021 Roznama Khabrein Hindi

No Result
View All Result
  • होम
  • समाचार
  • देश-विदेश
  • पड़ताल
  • एजुकेशन
  • विचार
  • हेट क्राइम
  • अन्य
  • रोजनामा खबरें विशेष
  • اردو

© 2021 Roznama Khabrein Hindi