Roznama Khabrein
No Result
View All Result
  • होम
  • समाचार
  • देश-विदेश
  • पड़ताल
  • एजुकेशन
  • विचार
  • हेट क्राइम
  • अन्य
  • रोजनामा खबरें विशेष
  • اردو
اردو
  • होम
  • समाचार
  • देश-विदेश
  • पड़ताल
  • एजुकेशन
  • विचार
  • हेट क्राइम
  • अन्य
  • रोजनामा खबरें विशेष
  • اردو
No Result
View All Result
No Result
View All Result
Home समाचार

जंतर-मंतर पर घिरी बीजेपी, झारखंड को बनाया ढाल ? संसद में NDA-INDIA आमने-सामने

RK News by RK News
August 12, 2026
Reading Time: 1 min read
0
जंतर-मंतर पर घिरी बीजेपी, झारखंड को बनाया ढाल ? संसद में NDA-INDIA आमने-सामने

नई दिल्ली: संसद के मानसून सत्र के आखिरी सप्ताह में छात्र आंदोलनों पर पुलिस कार्रवाई का मुद्दा राजनीतिक टकराव का नया केंद्र बन गया है। दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेतृत्व में हुए छात्र आंदोलन और 20 जुलाई के संसद मार्च के दौरान पुलिस कार्रवाई को लेकर कांग्रेस और INDIA गठबंधन लगातार केंद्र सरकार तथा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से जवाब मांग रहे हैं। अब सत्ता पक्ष ने झारखंड में JPSC-JSSC अभ्यर्थियों के आंदोलन और वहां हुई पुलिस कार्रवाई को मुद्दा बनाकर राहुल गांधी और कांग्रेस पर निशाना साधा है। मंगलवार को संसद के मकर द्वार के बाहर NDA और INDIA गठबंधन के सांसद आमने-सामने आ गए। दोनों पक्षों ने पोस्टर और नारेबाजी के जरिए एक-दूसरे को घेरने की कोशिश की। स्थिति तनावपूर्ण होने पर सुरक्षा कर्मियों ने दोनों समूहों के बीच मानव श्रृंखला बनाकर उन्हें अलग किया।

RELATED POSTS

अभिजीत दीपके का बीजेपी पर बड़ा हमला, बोले- ‘RSS की वजह से सत्ता में है BJP’

खड़गे के ‘शुद्धिकरण’ विवाद में नया मोड़, राहुल गांधी पर FIR

दिल्ली SIR: ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी, 47.7 लाख नाम बाहर

जंतर-मंतर से झारखंड तक पहुंचा छात्र आंदोलन का मुद्दा

पूरे विवाद की राजनीतिक पृष्ठभूमि शिक्षा और भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर चल रहे छात्र आंदोलनों से जुड़ी है। दिल्ली में CJP के आंदोलन ने NEET-UG और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों तथा शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही का मुद्दा राष्ट्रीय राजनीति के केंद्र में ला दिया था। 20 जुलाई को CJP के संसद मार्च के दौरान दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोकने के लिए आंसू गैस और बल प्रयोग किया था। इसके बाद राहुल गांधी ने पुलिस कार्रवाई की आलोचना करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से छात्रों से माफी मांगने और जिम्मेदारी तय करने की मांग की थी।

इसी बीच झारखंड में भी JPSC और JSSC से जुड़ी कथित अनियमितताओं को लेकर छात्रों और अभ्यर्थियों का आंदोलन तेज हुआ। राज्य में छात्रों ने भर्ती परीक्षाओं की पारदर्शिता और कथित गड़बड़ियों की जांच की मांग को लेकर प्रदर्शन किए। बीजेपी ने इस मुद्दे को विधानसभा और संसद दोनों स्तरों पर उठाना शुरू किया और JPSC-JSSC से जुड़े मामलों की जांच की मांग की।

NDA ने राहुल गांधी को क्यों घेरा?

मकर द्वार पर प्रदर्शन के दौरान NDA सांसदों ने राहुल गांधी पर “दोहरा रवैया” अपनाने का आरोप लगाया। उनका सवाल था कि जब राहुल गांधी दिल्ली में छात्रों पर पुलिस कार्रवाई के खिलाफ केंद्र सरकार और गृह मंत्री अमित शाह से जवाब मांग रहे हैं, तो झारखंड में छात्रों के खिलाफ हुई पुलिस कार्रवाई पर उन्होंने उसी स्तर पर सवाल क्यों नहीं उठाए।

NDA सांसदों ने प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी के खिलाफ नारे लगाए और उनसे झारखंड के छात्रों के मुद्दे पर जवाब देने की मांग की। बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने झारखंड के छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो का उल्लेख करते हुए राज्य में आंदोलन के दौरान उनके साथ कथित मारपीट का मुद्दा उठाया। वहीं अनुराग ठाकुर ने भी झारखंड के युवाओं के साथ न्याय की मांग करते हुए राहुल गांधी और कांग्रेस पर निशाना साधा। हालिया रिपोर्टिंग में बीजेपी सांसदों द्वारा झारखंड में JPSC-JSSC भर्ती परीक्षाओं से जुड़ी कथित गड़बड़ियों पर संसद परिसर में प्रदर्शन और CBI जांच की मांग किए जाने का उल्लेख है।

क्या बीजेपी ने जंतर-मंतर के मुद्दे का जवाब झारखंड से दिया?

यही इस पूरे टकराव का सबसे बड़ा राजनीतिक सवाल है। विपक्ष का तर्क है कि दिल्ली में हुई पुलिस कार्रवाई की जवाबदेही केंद्र सरकार की है, क्योंकि दिल्ली पुलिस केंद्रीय गृह मंत्रालय के अधीन आती है। इसलिए विपक्ष अमित शाह से जवाब मांग रहा है। दूसरी ओर NDA का कहना है कि अगर पुलिस कार्रवाई को लेकर विपक्ष राजनीतिक जवाबदेही की बात करता है, तो उसे झारखंड में छात्रों के खिलाफ कार्रवाई के मामले में भी समान मानदंड अपनाना चाहिए।

राजनीतिक तौर पर देखा जाए तो झारखंड का मुद्दा NDA के लिए एक counter-narrative तैयार करता है। जंतर-मंतर की कार्रवाई पर विपक्ष लगातार केंद्र को कटघरे में खड़ा कर रहा था, जबकि झारखंड का मामला कांग्रेस के नेतृत्व वाली राज्य सरकार पर सवाल उठाने का अवसर देता है। यही वजह है कि संसद में दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के छात्र आंदोलन से जुड़े मुद्दों को सामने रखकर अपनी राजनीतिक स्थिति मजबूत करने की कोशिश की।

हालांकि यह कहना कि बीजेपी ने “जंतर-मंतर से ध्यान हटाने के लिए झारखंड को ढाल बनाया” एक राजनीतिक व्याख्या है, स्थापित तथ्य नहीं। इतना जरूर है कि दोनों पक्ष अब पुलिस कार्रवाई और छात्र आंदोलनों को एक-दूसरे के खिलाफ राजनीतिक जवाबदेही के सवाल के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं।

बीजेपी का सवाल- राहुल गांधी झारखंड क्यों नहीं गए?

बीजेपी सांसदों ने खास तौर पर यह सवाल उठाया कि राहुल गांधी ने दिल्ली के छात्रों के समर्थन में जिस तरह मुखर भूमिका निभाई, वैसी भूमिका झारखंड के छात्रों के मामले में क्यों नहीं दिखाई। NDA सांसदों ने इसे कांग्रेस के दोहरे राजनीतिक मानदंड के रूप में पेश किया।

बीजेपी का कहना है कि छात्रों पर पुलिस कार्रवाई का विरोध किसी राज्य या सरकार के हिसाब से नहीं, बल्कि सिद्धांत के आधार पर होना चाहिए। अगर दिल्ली में प्रदर्शनकारियों पर बल प्रयोग लोकतांत्रिक अधिकारों का उल्लंघन है, तो झारखंड में ऐसी कार्रवाई पर भी विपक्ष को समान रूप से आवाज उठानी चाहिए।

यहीं से बीजेपी का राजनीतिक तर्क बनता है कि कांग्रेस और राहुल गांधी छात्र आंदोलनों को लेकर चयनात्मक रुख अपना रहे हैं। हालांकि विपक्ष इस आरोप को खारिज करता है और दिल्ली तथा झारखंड की प्रशासनिक जिम्मेदारियों को अलग-अलग बताता है।

प्रियंका गांधी ने दिया बीजेपी को जवाब

मकर द्वार पर NDA सांसदों के प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा भी वहां पहुंचीं। बीजेपी सांसद राहुल गांधी के झारखंड नहीं जाने को लेकर नारे लगा रहे थे। प्रियंका गांधी ने बीजेपी सांसदों के पोस्टर की ओर देखा और जवाब दिया कि राहुल गांधी झारखंड के छात्रों से मिल चुके हैं।

https://x.com/INCIndia/status/2087058428317573418?ref_src=twsrc%5Etfw%7Ctwcamp%5Etweetembed%7Ctwterm%5E2087058428317573418%7Ctwgr%5E6563b1456ac8c046cc72aa700a31d834e03f7fde%7Ctwcon%5Es1_c10&ref_url=https%3A%2F%2Fwww.satyahindi.com%2Findia%2Fbjp-nda-vs-india-in-parliament-over-jharkhand-protest-jantar-mantar-police-action-and-ram-mandir-donation-row-155583.html

इसके बाद वह विपक्षी सांसदों के प्रदर्शन में शामिल हो गईं। प्रियंका गांधी ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि उन्होंने पहली बार सत्ता पक्ष के सांसदों को इस तरह प्रदर्शन करते देखा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार विपक्ष के दबाव के कारण ऐसी स्थिति में पहुंची है जहां उसके सांसद भी प्रदर्शन करने को मजबूर हैं। उन्होंने जंतर-मंतर मामले को लेकर एक बार फिर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से संसद में बयान देने की मांग दोहराई।

कांग्रेस का पलटवार- दिल्ली की पुलिस केंद्र के अधीन, झारखंड की राज्य सरकार के

कांग्रेस सांसद मणिकम टैगोर ने बीजेपी के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि दोनों मामलों की संवैधानिक और प्रशासनिक जिम्मेदारी अलग है। उनका तर्क है कि झारखंड में पुलिस राज्य सरकार के अधीन है, जबकि दिल्ली पुलिस केंद्रीय गृह मंत्रालय के अधीन आती है।कांग्रेस के मुताबिक, इसी वजह से दिल्ली में छात्रों पर पुलिस कार्रवाई के लिए केंद्रीय गृह मंत्री से जवाब मांगना स्वाभाविक है। कांग्रेस का कहना है कि राहुल गांधी से झारखंड की पुलिस कार्रवाई की सीधी जवाबदेही मांगना राजनीतिक रूप से मुद्दे को भटकाने की कोशिश है।यानी विपक्ष का मूल सवाल यह है कि जिस घटना की प्रशासनिक जिम्मेदारी केंद्र के पास है, उसके लिए केंद्रीय गृह मंत्री से जवाब क्यों न मांगा जाए। वहीं बीजेपी का सवाल है कि लोकतंत्र और छात्रों के अधिकारों की बात करने वाले राहुल गांधी को झारखंड के छात्रों के मामले में भी समान आवाज उठानी चाहिए।

झारखंड में आखिर छात्रों का आंदोलन क्यों?

झारखंड में छात्रों का आंदोलन JPSC और JSSC से जुड़ी कथित अनियमितताओं और भर्ती परीक्षाओं की पारदर्शिता के सवालों को लेकर तेज हुआ है। छात्रों की मांगों में परीक्षा प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच और कथित गड़बड़ियों पर कार्रवाई जैसे मुद्दे शामिल रहे हैं। जुलाई के अंत में झारखंड बीजेपी सांसदों ने भी संसद परिसर में इस मुद्दे को उठाते हुए जांच की मांग की थी। इसके बाद राज्य में आंदोलन और राजनीतिक दबाव बढ़ता गया। हालिया घटनाक्रम में झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने 14वीं JPSC सिविल सेवा परीक्षा रद्द करने की घोषणा की है और दो अन्य JPSC परीक्षाओं को भी रद्द करने की बात कही है। सरकार ने TDPL द्वारा आयोजित परीक्षाओं की जांच शुरू करने की भी घोषणा की है। इससे साफ है कि परीक्षा विवाद अब केवल राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तक सीमित नहीं रहा, बल्कि राज्य सरकार के स्तर पर भी प्रशासनिक फैसलों तक पहुंच गया है।

संसद के बाहर क्यों बढ़ा टकराव?

संसद के मकर द्वार पर NDA और INDIA गठबंधन का आमना-सामना केवल एक दिन की नारेबाजी नहीं है। मानसून सत्र के दौरान छात्र आंदोलन, NEET विवाद, पुलिस कार्रवाई और शिक्षा मंत्री से जुड़ी राजनीतिक मांगों ने पहले ही सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तनाव बढ़ा दिया था।

विपक्ष लगातार जंतर-मंतर पर हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर केंद्र सरकार को घेर रहा है। इसके जवाब में NDA ने झारखंड के छात्रों पर पुलिस कार्रवाई को सामने रख दिया। इस तरह संसद के भीतर होने वाली बहस धीरे-धीरे संसद परिसर के बाहर राजनीतिक प्रदर्शन में बदल गई है। दोनों पक्ष अब यह साबित करने की कोशिश कर रहे हैं कि दूसरा पक्ष छात्रों और लोकतांत्रिक विरोध के सवाल पर “चयनात्मक” रवैया अपना रहा है।

राम मंदिर चंदे का मुद्दा भी विपक्ष के निशाने पर

इस टकराव में छात्र आंदोलन के अलावा अयोध्या में राम मंदिर के लिए मिले चंदे में कथित गड़बड़ी का मुद्दा भी विपक्ष ने उठाया। INDIA गठबंधन के सांसदों ने सरकार से इस मामले पर जवाब देने और चर्चा की मांग की।इससे संसद के बाहर का विरोध केवल छात्र आंदोलनों तक सीमित नहीं रहा। एक ओर विपक्ष जंतर-मंतर पर पुलिस कार्रवाई और राम मंदिर चंदे से जुड़े आरोपों को लेकर सरकार को घेर रहा था, वहीं NDA सांसद झारखंड में छात्रों पर हुई कार्रवाई को लेकर कांग्रेस और राहुल गांधी को निशाना बना रहे थे।

असली लड़ाई पुलिस कार्रवाई की नहीं, राजनीतिक नैरेटिव की?

पूरे घटनाक्रम को देखें तो दोनों गठबंधनों के बीच मूल संघर्ष जवाबदेही की परिभाषा को लेकर है। विपक्ष चाहता है कि दिल्ली में पुलिस कार्रवाई के लिए केंद्र सरकार और गृह मंत्रालय जवाब दें। सत्ता पक्ष चाहता है कि विपक्ष भी अपने शासन वाले राज्यों में पुलिस कार्रवाई की जिम्मेदारी स्वीकार करे।इस राजनीतिक लड़ाई में छात्र आंदोलन एक साझा मुद्दा होने के बावजूद दोनों पक्षों की व्याख्या अलग है। बीजेपी के लिए झारखंड यह दिखाने का माध्यम है कि पुलिस कार्रवाई केवल केंद्र सरकार के शासन में नहीं होती। विपक्ष के लिए दिल्ली का मामला इसलिए अलग है क्योंकि दिल्ली पुलिस सीधे केंद्र के अधीन है।

इसलिए मौजूदा टकराव का सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह है कि छात्र आंदोलनों का मुद्दा अब संसद में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच राजनीतिक जवाबी कार्रवाई का हिस्सा बन चुका है। जंतर-मंतर पर हुई कार्रवाई के बाद जिस जवाबदेही की मांग विपक्ष केंद्र से कर रहा था, उसी भाषा में NDA अब झारखंड सरकार और राहुल गांधी से जवाब मांग रहा है। आने वाले दिनों में यह बहस इस सवाल पर और तेज हो सकती है कि छात्रों के विरोध के अधिकार और पुलिस की कानून-व्यवस्था संबंधी जिम्मेदारी के बीच संतुलन कैसे बनाया जाए।

Tags: Amit ShahBJPCJP ProtestINDIA AllianceJantar Mantar ProtestJharkhand Student ProtestJPSCJSSCndaParliament Monsoon SessionRahul Gandhi
ShareTweetSend
RK News

RK News

Related Posts

अभिजीत दीपके का बीजेपी पर बड़ा हमला, बोले- ‘RSS की वजह से सत्ता में है BJP’
समाचार

अभिजीत दीपके का बीजेपी पर बड़ा हमला, बोले- ‘RSS की वजह से सत्ता में है BJP’

August 31, 2026
समाचार

खड़गे के ‘शुद्धिकरण’ विवाद में नया मोड़, राहुल गांधी पर FIR

August 31, 2026
नवी मुंबई में BJP कार्यकर्ता 3,404 SIR फॉर्म की कॉपी करते पकड़ा गया, 5 BLO सस्पेंड
समाचार

दिल्ली SIR: ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी, 47.7 लाख नाम बाहर

August 31, 2026
ट्रंप के टैरिफ का जवाब देने के लिए PM मोदी की नई रणनीति?
समाचार

ट्रंप के टैरिफ का जवाब देने के लिए PM मोदी की नई रणनीति?

August 30, 2026
‘इस्लाम सभी धर्मों से बेहतर’, कर्नाटक के मंत्री बसवराज रायरेड्डी के बयान से बढ़ी सियासी हलचल
समाचार

‘इस्लाम सभी धर्मों से बेहतर’, कर्नाटक के मंत्री बसवराज रायरेड्डी के बयान से बढ़ी सियासी हलचल

August 30, 2026
नवी मुंबई में BJP कार्यकर्ता 3,404 SIR फॉर्म की कॉपी करते पकड़ा गया, 5 BLO सस्पेंड
समाचार

नवी मुंबई में BJP कार्यकर्ता 3,404 SIR फॉर्म की कॉपी करते पकड़ा गया, 5 BLO सस्पेंड

August 30, 2026
Next Post
SC ने UPSC इंजीनियरिंग सेवा परीक्षा को स्थगित करने की मांग वाली याचिका को किया खारिज

देशभर में अवैध निर्माण पर चलेगा बुलडोजर? अवैध निर्माण पर सुप्रीम कोर्ट सख्त

कोलकाता में CJP का कार्यक्रम रद्द, आशुतोष रांका ने BJP पर लगाया धमकी देने का आरोप

कोलकाता में CJP का कार्यक्रम रद्द, आशुतोष रांका ने BJP पर लगाया धमकी देने का आरोप

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recommended Stories

नई दिल्ली:नेवी का क्लर्क विशाल  जासूसी के आरोप में गिरफ्तार, पाक महिला हैंडलर ‘प्रिया शर्मा’ को गोपनीय सैन्य जानकारी दी

June 26, 2025
जितेंद्र त्यागी की किताब “मोहम्मद” पर पाबंदी लगाने से सुप्रीम कोर्ट का इंकार

जितेंद्र त्यागी की किताब “मोहम्मद” पर पाबंदी लगाने से सुप्रीम कोर्ट का इंकार

September 3, 2022

Up;बच्चों की याचिका खारिज,5,000 स्कूलों के मर्जर को हाईकोर्ट की हरी झंडी

July 7, 2025

Popular Stories

  • दिल्ली में 1396 कॉलोनियां हैं अवैध, देखें इनमें आपका इलाका भी तो नहीं शामिल ?

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • मेवात के नूह में तनाव, 3 दिन इंटरनेट सेवा बंद, 600 परFIR

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • कौन हैं जामिया मिलिया इस्लामिया के नए चांसलर डॉक्टर सैय्यदना सैफुद्दीन?

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • हमारे  पास ठोस सबूत नहीं, कनाडा  ने माना|भारत ने कहा- हमारे आरोपों की पुष्टि

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • NCERT Recruitment 2023 में नौकरी पाने का जबरदस्त मौका, कल से शुरू होगा आवेदन, जानें तमाम डिटेल

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • पकिस्तान के लिए जासूसी के आरोप में महिला यूट्यूबर ज्योति गिरफ्तार, पूछताछ में किए बड़े खुलासे

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
Roznama Khabrein

The Roznama Khabrein advocates rule of law, human rights, minority rights, national interests, press freedom, and transparency on which the newspaper and newsportal has never compromised and will never compromise whatever the costs.

More... »

Recent Posts

  • अभिजीत दीपके का बीजेपी पर बड़ा हमला, बोले- ‘RSS की वजह से सत्ता में है BJP’
  • खड़गे के ‘शुद्धिकरण’ विवाद में नया मोड़, राहुल गांधी पर FIR
  • दिल्ली SIR: ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी, 47.7 लाख नाम बाहर

Categories

  • Uncategorized
  • अन्य
  • एजुकेशन
  • देश-विदेश
  • पड़ताल
  • रोजनामा खबरें विशेष
  • विचार
  • समाचार
  • हेट क्राइम

Quick Links

  • About Us
  • Support Us
  • Terms & Conditions
  • Privacy Policy
  • Grievance
  • Contact Us

© 2021 Roznama Khabrein Hindi

No Result
View All Result
  • होम
  • समाचार
  • देश-विदेश
  • पड़ताल
  • एजुकेशन
  • विचार
  • हेट क्राइम
  • अन्य
  • रोजनामा खबरें विशेष
  • اردو

© 2021 Roznama Khabrein Hindi