Roznama Khabrein
No Result
View All Result
  • होम
  • समाचार
  • देश-विदेश
  • पड़ताल
  • एजुकेशन
  • विचार
  • हेट क्राइम
  • अन्य
  • रोजनामा खबरें विशेष
  • اردو
اردو
  • होम
  • समाचार
  • देश-विदेश
  • पड़ताल
  • एजुकेशन
  • विचार
  • हेट क्राइम
  • अन्य
  • रोजनामा खबरें विशेष
  • اردو
No Result
View All Result
No Result
View All Result
Home समाचार

देशभर में अवैध निर्माण पर चलेगा बुलडोजर? अवैध निर्माण पर सुप्रीम कोर्ट सख्त

RK News by RK News
August 12, 2026
Reading Time: 1 min read
0
SC ने UPSC इंजीनियरिंग सेवा परीक्षा को स्थगित करने की मांग वाली याचिका को किया खारिज

नई दिल्ली: देश के कई शहरों में भवन निर्माण नियमों की अनदेखी और रिहायशी संपत्तियों में नियमों के खिलाफ व्यावसायिक गतिविधियां चलाए जाने के मामलों पर सुप्रीम कोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। अदालत ने दिल्ली, पटना और लखनऊ समेत अन्य शहरों में ऐसे मामलों की पहचान करने, सर्वे कराने और नियमों के उल्लंघन पर नियमानुसार कार्रवाई तेज करने के निर्देश दिए हैं। इसके बाद उन संपत्तियों पर सीलिंग, उपयोग में बदलाव रोकने या अवैध हिस्सों को हटाने जैसी कार्रवाई की संभावना बढ़ गई है। हालांकि, अदालत के निर्देश का अर्थ यह नहीं है कि सभी ऐसी इमारतों को सीधे बुलडोजर से गिरा दिया जाएगा। संबंधित प्राधिकरणों को पहले उल्लंघन की पहचान कर कानून और निर्धारित प्रक्रिया के तहत कार्रवाई करनी होगी।

RELATED POSTS

जंतर-मंतर पर घिरी बीजेपी, झारखंड को बनाया ढाल ? संसद में NDA-INDIA आमने-सामने

अडानी रिश्वत केस अमेरिका में खारिज, लेकिन जज ने DOJ की प्रक्रिया पर उठाए गंभीर सवाल; क्या है पूरा मामला?

बंगाल में मस्जिदों से लाउडस्पीकर हटाने का दबाव? मुस्लिम नेताओं ने अमित शाह को सौंपा ज्ञापन

सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बन सकता है अवैध निर्माण

जस्टिस अहसानुद्दीन अमानुल्लाह और जस्टिस आर. महादेवन की पीठ ने सुनवाई के दौरान भवन निर्माण नियमों के उल्लंघन और रिहायशी इलाकों में व्यावसायिक गतिविधियों को लेकर चिंता जताई। अदालत ने कहा कि भवन नियमों की अनदेखी केवल प्रशासनिक उल्लंघन नहीं है, बल्कि इससे लोगों की सुरक्षा पर गंभीर असर पड़ सकता है। खास तौर पर ऐसी इमारतें जहां बड़ी संख्या में लोग आते-जाते हैं, वहां अग्नि सुरक्षा, निकासी मार्ग, भवन की संरचनात्मक मजबूती और अन्य सुरक्षा मानकों का पालन बेहद महत्वपूर्ण है।

सुनवाई के दौरान अदालत ने दिल्ली के एक होटल और लखनऊ के कोचिंग सेंटर में हुई आग की घटनाओं का भी संदर्भ दिया। पीठ ने संकेत दिया कि जब रिहायशी या अन्य इमारतों का इस्तेमाल नियमों के विपरीत व्यावसायिक गतिविधियों के लिए किया जाता है, तो आपात स्थिति में इसका खामियाजा वहां मौजूद लोगों को भुगतना पड़ सकता है।

दिल्ली में सर्वे शुरू नहीं होने पर सुप्रीम कोर्ट नाराज

दिल्ली में नियमों के उल्लंघन से जुड़े मामलों की जांच को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने नगर निकायों की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताई। अदालत ने लाजपत नगर और सरोजनी नगर जैसे इलाकों में भवनों की स्थिति और नियमों के उल्लंघन की पहचान के लिए सर्वे कराने के निर्देश दिए थे, लेकिन निर्धारित प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ने पर पीठ ने संबंधित अधिकारियों से जवाब मांगा।

इससे पहले अदालत ने ऐसे निर्माणों की जांच के लिए आईआईटी दिल्ली के दो प्रोफेसरों समेत विशेषज्ञों की समिति गठित करने का निर्देश दिया था। समिति को भवनों के निर्माण, संरचनात्मक मजबूती और नियमों के उल्लंघन से जुड़े पहलुओं की जांच करनी थी। अदालत ने इस मामले में अधिकारियों से यह सुनिश्चित करने को कहा कि सर्वे और निरीक्षण का काम केवल कागजों तक सीमित न रहे, बल्कि जमीन पर प्रभावी तरीके से लागू किया जाए।

पटना में 26,746 संपत्तियां जांच के दायरे में

पटना में रिहायशी संपत्तियों के व्यावसायिक इस्तेमाल का मामला सुनवाई के दौरान विशेष रूप से सामने आया। नगर निगम के सर्वे के मुताबिक पटना में 26,746 ऐसी संपत्तियां चिन्हित की गई हैं, जहां रिहायशी भवनों का इस्तेमाल व्यावसायिक गतिविधियों के लिए किया जा रहा है।इतनी बड़ी संख्या में मामलों के सामने आने पर सुप्रीम कोर्ट ने प्रशासनिक निगरानी और कार्रवाई की प्रक्रिया पर सवाल उठाए। अदालत के सामने यह सवाल भी आया कि इतने बड़े पैमाने पर नियमों का उल्लंघन होने के बावजूद संबंधित नगर निकायों को इन गतिविधियों की जानकारी समय रहते क्यों नहीं हुई। अदालत के निर्देश के बाद अब इन संपत्तियों की जांच और नियमों के अनुसार कार्रवाई की प्रक्रिया तेज होने की संभावना है। हालांकि प्रत्येक मामले में कार्रवाई संबंधित भवन के रिकॉर्ड, स्वीकृत नक्शे, भूमि उपयोग और लागू नियमों के आधार पर की जाएगी।

लखनऊ में भी व्यापक सर्वे का आदेश

सुप्रीम कोर्ट ने लखनऊ में भी भवन निर्माण नियमों के उल्लंघन और रिहायशी संपत्तियों में व्यावसायिक गतिविधियों की पहचान के लिए व्यापक सर्वे कराने का निर्देश दिया है। अदालत ने लखनऊ विकास प्राधिकरण यानी एलडीए को ऐसे मामलों की पहचान कर नियमानुसार कार्रवाई करने को कहा है।

सुनवाई के दौरान एलडीए के उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने अदालत को बताया कि अब तक 51 संपत्तियों की पहचान की जा चुकी है और इनके खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू हो गई है। प्राधिकरण ने अदालत को भरोसा दिलाया कि चिन्हित मामलों को अनावश्यक रूप से लंबित नहीं रखा जाएगा।एलडीए की ओर से दाखिल हलफनामे में कहा गया है कि प्राधिकरण के पूरे क्षेत्र में भवन नियमों के उल्लंघन से जुड़े मामलों की पहचान और उनके फॉलोअप का काम जारी रहेगा। संबंधित अधिकारियों को इस प्रक्रिया में सक्रिय किया गया है और सर्वे तथा संबंधित कार्रवाई की प्रक्रिया को निर्धारित समयसीमा में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

क्या हर अवैध इमारत पर चलेगा बुलडोजर?

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद यह सवाल उठ रहा है कि क्या देशभर में अवैध निर्माणों पर सीधे बुलडोजर कार्रवाई शुरू होगी। फिलहाल अदालत के निर्देश को इस रूप में देखना सही नहीं होगा कि हर चिन्हित संपत्ति को बिना प्रक्रिया के ध्वस्त कर दिया जाएगा। अदालत का मुख्य जोर ऐसे निर्माणों और रिहायशी संपत्तियों के व्यावसायिक इस्तेमाल की पहचान, सुरक्षा मानकों की जांच और नियमों के मुताबिक कार्रवाई पर है।

जहां निर्माण पूरी तरह या आंशिक रूप से नियमों के खिलाफ पाया जाएगा, वहां संबंधित स्थानीय निकाय और विकास प्राधिकरण लागू कानूनों के तहत नोटिस, सीलिंग, उपयोग रोकने या अवैध हिस्से को हटाने जैसी कार्रवाई कर सकते हैं। कार्रवाई का स्वरूप प्रत्येक मामले के तथ्यों और संबंधित भवन के कानूनी दस्तावेजों पर निर्भर करेगा।

सुप्रीम कोर्ट के रुख से बढ़ेगी निगरानी

सुप्रीम कोर्ट के इस सख्त रुख से दिल्ली, पटना और लखनऊ जैसे शहरों में अवैध निर्माण तथा रिहायशी संपत्तियों के व्यावसायिक इस्तेमाल के खिलाफ प्रशासनिक निगरानी बढ़ने की संभावना है। अदालत ने साफ संकेत दिया है कि भवन नियमों का पालन केवल कागजी प्रक्रिया नहीं है, बल्कि इसका सीधा संबंध नागरिकों की सुरक्षा से है।अब संबंधित नगर निकायों और विकास प्राधिकरणों के सामने चुनौती यह है कि वे सर्वे, दस्तावेजों की जांच और कार्रवाई की प्रक्रिया को पारदर्शी तरीके से पूरा करें और यह सुनिश्चित करें कि नियम सभी पर समान रूप से लागू हों।

Tags: Delhi Illegal ConstructionLucknow Building RulesPatna Illegal ConstructionResidential Commercial UseSupreme Court Illegal Construction
ShareTweetSend
RK News

RK News

Related Posts

जंतर-मंतर पर घिरी बीजेपी, झारखंड को बनाया ढाल ? संसद में NDA-INDIA आमने-सामने
समाचार

जंतर-मंतर पर घिरी बीजेपी, झारखंड को बनाया ढाल ? संसद में NDA-INDIA आमने-सामने

August 12, 2026
अडानी रिश्वत केस अमेरिका में खारिज, लेकिन जज ने DOJ की प्रक्रिया पर उठाए गंभीर सवाल; क्या है पूरा मामला?
समाचार

अडानी रिश्वत केस अमेरिका में खारिज, लेकिन जज ने DOJ की प्रक्रिया पर उठाए गंभीर सवाल; क्या है पूरा मामला?

August 12, 2026
बंगाल में मस्जिदों से लाउडस्पीकर हटाने का दबाव? मुस्लिम नेताओं ने अमित शाह को सौंपा ज्ञापन
समाचार

बंगाल में मस्जिदों से लाउडस्पीकर हटाने का दबाव? मुस्लिम नेताओं ने अमित शाह को सौंपा ज्ञापन

August 7, 2026
राहुल गांधी ने बताया बीजेपी में अपना पसंदीदा नेता; दिया चौंकाने वाला जवाब
समाचार

राहुल गांधी ने बताया बीजेपी में अपना पसंदीदा नेता; दिया चौंकाने वाला जवाब

August 7, 2026
SC ने UPSC इंजीनियरिंग सेवा परीक्षा को स्थगित करने की मांग वाली याचिका को किया खारिज
समाचार

जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शनों के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट सख्त, केंद्र सरकार को जारी किया नोटिस

August 3, 2026
महिला पहलवानों के यौन उत्पीड़न मामले में बृजभूषण शरण सिंह बरी
समाचार

महिला पहलवानों के यौन उत्पीड़न मामले में बृजभूषण शरण सिंह बरी

August 3, 2026

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recommended Stories

Waqf Bill: सुप्रीम कोर्ट में वक्फ विधेयक को चुनौती देने की तैयारी; कांग्रेस،डी एम, के अदालत जाएं गी

April 4, 2025

एक और संग ए मील पार:
जामिया ने एशिया यूनिवर्सिटी रैंकिंग में सुधार किया

June 24, 2023

आप-बीजेपी के बीच पोस्टर war, विज्ञापनों पर लुटा रहे हैं पैसे

December 31, 2024

Popular Stories

  • दिल्ली में 1396 कॉलोनियां हैं अवैध, देखें इनमें आपका इलाका भी तो नहीं शामिल ?

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • मेवात के नूह में तनाव, 3 दिन इंटरनेट सेवा बंद, 600 परFIR

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • कौन हैं जामिया मिलिया इस्लामिया के नए चांसलर डॉक्टर सैय्यदना सैफुद्दीन?

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • NCERT Recruitment 2023 में नौकरी पाने का जबरदस्त मौका, कल से शुरू होगा आवेदन, जानें तमाम डिटेल

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • हमारे  पास ठोस सबूत नहीं, कनाडा  ने माना|भारत ने कहा- हमारे आरोपों की पुष्टि

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • पकिस्तान के लिए जासूसी के आरोप में महिला यूट्यूबर ज्योति गिरफ्तार, पूछताछ में किए बड़े खुलासे

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
Roznama Khabrein

The Roznama Khabrein advocates rule of law, human rights, minority rights, national interests, press freedom, and transparency on which the newspaper and newsportal has never compromised and will never compromise whatever the costs.

More... »

Recent Posts

  • देशभर में अवैध निर्माण पर चलेगा बुलडोजर? अवैध निर्माण पर सुप्रीम कोर्ट सख्त
  • जंतर-मंतर पर घिरी बीजेपी, झारखंड को बनाया ढाल ? संसद में NDA-INDIA आमने-सामने
  • अडानी रिश्वत केस अमेरिका में खारिज, लेकिन जज ने DOJ की प्रक्रिया पर उठाए गंभीर सवाल; क्या है पूरा मामला?

Categories

  • Uncategorized
  • अन्य
  • एजुकेशन
  • देश-विदेश
  • पड़ताल
  • रोजनामा खबरें विशेष
  • विचार
  • समाचार
  • हेट क्राइम

Quick Links

  • About Us
  • Support Us
  • Terms & Conditions
  • Privacy Policy
  • Grievance
  • Contact Us

© 2021 Roznama Khabrein Hindi

No Result
View All Result
  • होम
  • समाचार
  • देश-विदेश
  • पड़ताल
  • एजुकेशन
  • विचार
  • हेट क्राइम
  • अन्य
  • रोजनामा खबरें विशेष
  • اردو

© 2021 Roznama Khabrein Hindi