Roznama Khabrein
No Result
View All Result
  • होम
  • समाचार
  • देश-विदेश
  • पड़ताल
  • एजुकेशन
  • विचार
  • हेट क्राइम
  • अन्य
  • रोजनामा खबरें विशेष
  • اردو
اردو
  • होम
  • समाचार
  • देश-विदेश
  • पड़ताल
  • एजुकेशन
  • विचार
  • हेट क्राइम
  • अन्य
  • रोजनामा खबरें विशेष
  • اردو
No Result
View All Result
No Result
View All Result
Home समाचार

जमीअत उलमा-ए-हिंद का प्रतिनिधिमंडल ग्वालपारा जिले के प्रभावित इलाकों के दौरे पर, असम सरकार को ज्ञापन, मुआवजे और पुनर्वास की मांग

RK News by RK News
July 15, 2025
Reading Time: 1 min read
0


असम में मुस्लिम अल्पसंख्यकों के घरों पर बुलडोजर की कार्रवाई
नई दिल्ली/ग्वालपारा, 15 जुलाई, जमीअत उलेमा-ए-हिंद के अध्यक्ष मौलाना महमूद असद मदनी के निर्देश पर आज एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने असम के ग्वालपारा ज़िले का दौरा किया, जहां हाल ही में असम के आशडूबी और हसीलाबेल क्षेत्रों में असम सरकार द्वारा तोड़फोड़ कार्रावाई के तहत 3973 घरों को ध्वस्त कर दिए गया है। इन इलाक़ों में ज़्यादातर पीड़ित बंगाली मूल के मुसलमान हैं। गौरतलब है कि जमीअत उलमा-ए-असम ने विस्थापितों के लिए तत्काल तंबुओं की व्यवस्था की है।
यह प्रतिनिधिमंडल जमीअत उलमा-ए-हिंद के महासचिव मौलाना मोहम्मद हकीमुद्दीन कासमी के नेतृत्व में प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचा, प्रभावितों से मुलाकात की और उनकी स्थिति की समीक्षा की। प्रभावित लोगों की हालत देखकर प्रतिनिधिमंडल को बहुत दुख हुआ और उसने उनकी हर संभव मदद का आश्वासन दिया। प्रतिनिधिमंडल में इसके प्रमुख के अलावा, हाफिज बशीर अहमद कासमी, महासचिव, जमीअत उलमा असम, मौलाना अब्दुल कादिर कासमी, सहायक महासचिव, जमीअत उलेमा असम, मौलाना महबूब हसन, सहायक महासचिव, जमीअत उलेमा असम, मौलाना फजलुल करीम कासमी, सहायक महासचिव, जमीअत उलेमा असम, मौलाना इज्जत अली, अध्यक्ष, जमीअत उलेमा जिला ग्वालपारा, अब्दुल हई, महासचिव, जमीअत उलेमा जिला ग्वालपारा, मुफ्ती सादुद्दीन सचिव, मरकज अल-यतामी ग्वालपारा और मौलाना अबुल हाशिम कोकराझार भी शामिल हैं।
प्रतिनिधिमंडल ने ज़िला मजिस्ट्रेट के माध्यम से असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के नाम एक ज्ञापन भी सौंपा, जिसमें तोड़फोड़ कार्रवाई को अमानवीय, असंवैधानिक और धार्मिक भेदभाव पर आधारित बताया गया। ज्ञापन में कहा गया है कि यह तोड़फोड़ की कार्रवाइयां केवल उन इलाकों में की गईं, जहां विशेषकर बंगाली मुसलमान बसे हुए थे, जबकि उसी जमीन पर रहने वाले अन्य समुदायों के निवासियों को नहीं छेड़ा गया, जो कि भेदभावपूर्ण रवैया है और धार्मिक आधार पर पक्षपात का खुला उदाहरण है।
ज्ञापन में आगे कहा गया है कि प्रभावित लोग गत 70-80 वर्षों से इन्हीं ज़मीनों पर रह रहे हैं, जिनमें से अधिकांश संख्या ब्रह्मपुत्र नदी में बाढ़ के कारण विस्थापित हुए लोगों की है और वह सभी अधिकारिक रूप से भारतीय नागरिक हैं। उनको बेदखल करना न्याय और मानवीय मूल्यों के विरुद्ध है। कई क्षेत्रों में तोड़फोड़ की कार्रवाई औद्योगिक या निजी स्वार्थों के लिए की गई और प्रभावित लोगों को पूर्व सूचना देना भी ज़रूरी नहीं समझा गया, जो कानूनी बाध्यताओं और सुप्रीम कोर्ट के स्पष्ट निर्देशों का खुला उल्लंघन है।
ज्ञापन में मांग की गई है कि बेदखली से उत्पन्न होने वाले गंभीर मानवीय संकट से निपटने के लिए तत्काल प्रभावित लोगों के पुनर्वास के लिए कदम उठाए जाएं। असम में अभी भी विशेष सरकारी जमीन का एक बड़ा हिस्सा उपलब्ध है। सरकार को चाहिए कि वह इन बेदखल लोगों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था और मुआवज़ा देने के लिए आगे आए। जब तक स्थायी व्यवस्था न हो जाए, तब तक सरकार अस्थायी रूप से इन प्रभावित लोगों को भोजन और आश्रय प्रदान करना चाहिए। हमें उम्मीद है कि सरकार इस संबंध में आवश्यक कदम उठाएगी।
असम जमीअत उलमा की प्रारंभिक फैक्ट फाइंडिंग रिपोर्ट
जमीअत उलमा असम के अध्यक्ष मौलाना बदरुद्दीन अजमल और महासचिव हाफिज बशीर अहमद कासमी द्वारा प्रस्तुत की गई प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार ग्वालपारा, धुबरी और नलबारी जिलों सहित विभिन्न क्षेत्रों में कुल 8115 परिवार प्रभावित हुए हैं, जिसके परिणामस्वरूप 32530 से अधिक लोग जिनमें महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग शामिल हैं, बेघर हो चुके हैं। रिपोर्ट के अनुसार, नवंबर 2023 से जुलाई 2025 तक चलने वाली तोड़फोड़ की कार्रवाइयों में 21 मस्जिदों, 44 मकतब और मदरसों और 9 ईदगाहों को भी ध्वस्त किया जा चुका है। इस स्थिति से निपटने के लिए, जमीअत उलमा-ए-हिंद द्वारा इन प्रभावित लोगों के लिए आश्रय और भोजन की भी व्यवस्था की है, हालांकि यह व्यवस्थाएं अपर्याप्त हैं। अभी और व्यवस्थाओं की तत्काल आवश्यकता है।(प्रेस विज्ञप्ति)

RELATED POSTS

मोदी से लेकर खड़गे तक… खामेनेई के अंतिम संस्कार के लिए ईरान ने भेजा विशेष न्योता

ड्राइवर बना खजांची, सफाईकर्मी बने कैशियर..राम मंदिर ट्रस्ट की भर्तियों पर उठे सवाल

दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर भीषण हादसा, ट्रेलर से टकराकर बस में लगी आग; 8 यात्रियों की मौत

Tags: Delegation،Jamiat Ulama-e-Hind،affected areas،Goalpara district،memorandum،compensation،rehabilitation
ShareTweetSend
RK News

RK News

Related Posts

मोदी से लेकर खड़गे तक… खामेनेई के अंतिम संस्कार के लिए ईरान ने भेजा विशेष न्योता
समाचार

मोदी से लेकर खड़गे तक… खामेनेई के अंतिम संस्कार के लिए ईरान ने भेजा विशेष न्योता

July 2, 2026
राम मंदिर चढ़ावा विवाद
समाचार

ड्राइवर बना खजांची, सफाईकर्मी बने कैशियर..राम मंदिर ट्रस्ट की भर्तियों पर उठे सवाल

July 2, 2026
दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर भीषण हादसा, ट्रेलर से टकराकर बस में लगी आग; 8 यात्रियों की मौत
समाचार

दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर भीषण हादसा, ट्रेलर से टकराकर बस में लगी आग; 8 यात्रियों की मौत

July 1, 2026
हमारे फ़ोन टैप किए जा रहे हैं, अखिलेश का सनसनीखेज़ दावा
समाचार

‘आलसी-आरामतलबी वाली जिंदगी से बाहर निकलिए’…अखिलेश को जन्मदिन पर किसने दिया ऐसा ‘तोहफा’?

July 1, 2026
योगी जी ने कहा :उवैसी का चैलेंज मंज़ूर
समाचार

“अगर ट्रस्ट में मुस्लिम होता तो…”ओवैसी का योगी सरकार पर तंज

June 30, 2026
डोनाल्ड ट्रंप
समाचार

US सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, ट्रंप के राष्ट्रपति पद की शक्तियों में हुआ बड़ा विस्तार

June 30, 2026
Next Post

लव जिहाद और गैरकानूनी धर्मांतरण विरोधी कानून को सुप्रीम कोर्ट में  चुनौती,यूपी सरकार को नोटिस 

सुप्रीम कोर्ट का बड़ा सवाल- जेल में कटी उम्र और फिर निकले बेकसूर, तो क्यों ना मिले मुआवजा कहा, कानून बनाने पर विचार हो

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recommended Stories

برطانیہ، فرانس اور کینیڈا کی اسرائیل کو دھمکی,کہا کہ غزہ میں فوجی کارروائی بند کرو ورنہ۔

May 20, 2025
चौथी लहर भारत में भी मचा सकती है तबाही? आईआईटी प्रोफेसर की वार्निंग

चौथी लहर भारत में भी मचा सकती है तबाही? आईआईटी प्रोफेसर की वार्निंग

December 29, 2022

वोटिंग का डेटा:कन्नौज में फंस गए या निकल गए अखिलेश?

May 14, 2024

Popular Stories

  • दिल्ली में 1396 कॉलोनियां हैं अवैध, देखें इनमें आपका इलाका भी तो नहीं शामिल ?

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • मेवात के नूह में तनाव, 3 दिन इंटरनेट सेवा बंद, 600 परFIR

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • कौन हैं जामिया मिलिया इस्लामिया के नए चांसलर डॉक्टर सैय्यदना सैफुद्दीन?

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • NCERT Recruitment 2023 में नौकरी पाने का जबरदस्त मौका, कल से शुरू होगा आवेदन, जानें तमाम डिटेल

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • पकिस्तान के लिए जासूसी के आरोप में महिला यूट्यूबर ज्योति गिरफ्तार, पूछताछ में किए बड़े खुलासे

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • नूपुर को सुप्रीम कोर्ट की फटकार, कहा- बयान के लिए टीवी पर पूरे देश से माफी मांगे

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
Roznama Khabrein

The Roznama Khabrein advocates rule of law, human rights, minority rights, national interests, press freedom, and transparency on which the newspaper and newsportal has never compromised and will never compromise whatever the costs.

More... »

Recent Posts

  • मोदी से लेकर खड़गे तक… खामेनेई के अंतिम संस्कार के लिए ईरान ने भेजा विशेष न्योता
  • ड्राइवर बना खजांची, सफाईकर्मी बने कैशियर..राम मंदिर ट्रस्ट की भर्तियों पर उठे सवाल
  • दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर भीषण हादसा, ट्रेलर से टकराकर बस में लगी आग; 8 यात्रियों की मौत

Categories

  • Uncategorized
  • अन्य
  • एजुकेशन
  • देश-विदेश
  • पड़ताल
  • रोजनामा खबरें विशेष
  • विचार
  • समाचार
  • हेट क्राइम

Quick Links

  • About Us
  • Support Us
  • Terms & Conditions
  • Privacy Policy
  • Grievance
  • Contact Us

© 2021 Roznama Khabrein Hindi

No Result
View All Result
  • होम
  • समाचार
  • देश-विदेश
  • पड़ताल
  • एजुकेशन
  • विचार
  • हेट क्राइम
  • अन्य
  • रोजनामा खबरें विशेष
  • اردو

© 2021 Roznama Khabrein Hindi