Roznama Khabrein
No Result
View All Result
  • होम
  • समाचार
  • देश-विदेश
  • पड़ताल
  • एजुकेशन
  • विचार
  • हेट क्राइम
  • अन्य
  • रोजनामा खबरें विशेष
  • اردو
اردو
  • होम
  • समाचार
  • देश-विदेश
  • पड़ताल
  • एजुकेशन
  • विचार
  • हेट क्राइम
  • अन्य
  • रोजनामा खबरें विशेष
  • اردو
No Result
View All Result
No Result
View All Result
Home Uncategorized

सुप्रीम कोर्ट का बड़ा सवाल- जेल में कटी उम्र और फिर निकले बेकसूर, तो क्यों ना मिले मुआवजा कहा, कानून बनाने पर विचार हो

RK News by RK News
July 16, 2025
Reading Time: 1 min read
0

लंबे समय तक जेल की सजा काट चुके लोग अगर बाद में दोषमुक्त हो जाएं, तो उनकी इतनी लंबी सजा की क्षतिपूर्ति कैसे होगी? इसको लेकर सुप्रीम कोर्ट ने कानून बनाने की राय दी है।;

RELATED POSTS

संसद में अकेले मोदी सरकार को घेरेगी कांग्रेस, खड़गे ने पीएम मोदी को लिखा पत्र;

हॉर्मुज़ से दूर रहें भारतीय नाविक! ईरान युद्ध के बीच भारत सरकार का बड़ा आदेश

“क्या तुम मुस्लिम हो?” पूछकर भारतीय युवक पर 15 बार चाकू से हमला, अमेरिका के मॉल में दिल दहला देने वाली वारदात

कई आपराधिक मामलों में आपने सुना होगा कि किसी व्यक्ति को लंबे समय तक सजा काटनी पड़ी हो, लेकिन बाद में उसे निर्दोष बताकर रिहा कर दिया गया हो। ऐसा ही एक मामला केरल से सामने आया है, जहां एक शख्स को ट्रायल कोर्ट ने एक प्रेमी जोड़े की हत्या और बलात्कार के मामले में दोषी ठहराया गया था। बाद में हाई कोर्ट ने सजा को बरकरार रखा था, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने इस फैसले को पलट दिया है।
14 साल बाद अब सुप्रीम कोर्ट ने आरोपी शख्स को बेकसूर बताते हुए बरी कर दिया है। इस मामले पर फैसला सुनाते हुए देश की सर्वोच्च अदालत ने एक ऐसे कानून की जरूरत बताई, जो कैद में लंबा समय काट चुके बेगुनाहों को मुआवजा देने का मार्ग प्रशस्त करे। हालांकि कोर्ट ने ये भी कहा कि इस संदर्भ में फैसला लेना संसद के अधिकार क्षेत्र में आता है। संसद को इस पर कानून बनाने पर विचार करना चाहिए।
‘इस तरह की सजा अभियुक्त के लिए अन्याय’
सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस संजय करोल, जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की बेंच ने इस मामले में फैसला सुनाते हुए कहा, ‘जिस मामले की कोई बुनियाद नहीं थी, उस मामले में किसी इंसान को सालों तक जेल में रखा गया। ये एक बड़ा अन्याय है। कोर्ट ने अमेरिका समेत कई देशों की जिक्र करते हुए कहा कि दूसरे देशों में अगर किसी शख्स को लंबे समय तक जेल में रखा जाता है और बाद में बरी कर दिया जाता है, तो सरकार की तरफ से उसे मुआवजा मिलता है, लेकिन हमारे देश में ऐसा कोई कानून अब तक नहीं है।’
सुप्रीम कोर्ट ने संसद से की ये अपील
इस मामले को देखते हुए कोर्ट ने ऐसे कानून की जरूरत बताई, जिसमें बेगुनाहों को मुआवजा दिया जा सके। सुप्रीम कोर्ट ने संसद से अपील की है कि वे इस तरह के मामलों के बारे में सोचें और इसके लिए कानून बनाएं, जिससे बेगुनाहों को उनकी क्षतिपूर्ति के लिए कुछ हद तक राहत दी जा सके। कोर्ट ने कहा कि इस तरह के फैसले लेना संसद का काम है और संसद को इस पर विचार करना चाहिए।
‘पुलिस ने गैर-जिम्मेदाराना तरीके से जांच की’
SC ने साथ ही कहा कि इस मामले में पुलिस ने बेहद गैर-जिम्मेदाराना तरीके से जांच की। कोर्ट ने यहां तक कह दिया कि जेल में लंबा समय बिताने वाले ऐसे लोगों को मुआवजा मिलना चाहिए, जो सालों की सुनवाई के बाद बेगुनाह साबित हों। साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने देशभर की पुलिस ट्रेनिंग में बदलाव और डीएनए जांच के लिए नई गाइडलाइन भी दी है।
क्या है पूरा मामला?
बता दें कि हम जिस शख्स की बात कर रहे हैं, उसका नाम कत्तावेल्लई उर्फ देवाकर है। साल 2011 में एक युवक और युवती अपने घर से भाग गए थे और कुछ दिनों बाद उनकी लाश मिली थी। पुलिस ने जल्दबाजी में जांच कर देवाकर को पकड़ लिया। बिना पुख्ता सबूतों के देवाकर पर आरोप लगाया गया कि उसने लड़की का बलात्कार कर दोनों की हत्या कर दी। इस मामले में केरल की ट्रायल कोर्ट और हाईकोर्ट ने पुलिस की जांच पर भरोसा करते हुए देवाकर को मौत की सजा सुना दी। हालांकि देवाकर ने इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी, तब असलियत सामने आई।
सबूतों में पाई गईं खामियां
सुप्रीम कोर्ट ने सबूतों की गंभीरता से जांच की। इसमें कई बड़ी खामियां पाई गईं। युवा जोड़े की हत्या में जिस हथियार का जिक्र किया गया, उस पर खून के कोई निशान नहीं मिले। न ही डॉक्टरों की तरफ से इस बात पर मुहर लगी कि जोड़े को लगी चोटें इसी हथियार से दी गई थीं। सबसे ज्यादा चौंकाने वाली बात ये थी कि कपड़ों पर खून, सीमेन तक नहीं मिला। साफ शब्दों में कहा जाए, तो सबूतों की हालत ऐसी थी कि इन पर भरोसा करते हुए किसी को फांसी की सजा देना पूरी तरह से गलत था। आभार :हरी भूमि

Tags: compensationinnocentlifejailnews todaysupreme court
ShareTweetSend
RK News

RK News

Related Posts

संसद में अकेले मोदी सरकार को घेरेगी कांग्रेस, खड़गे ने पीएम मोदी को लिखा पत्र;
समाचार

संसद में अकेले मोदी सरकार को घेरेगी कांग्रेस, खड़गे ने पीएम मोदी को लिखा पत्र;

July 16, 2026
हॉर्मुज़ से दूर रहें भारतीय नाविक! ईरान युद्ध के बीच भारत सरकार का बड़ा आदेश
समाचार

हॉर्मुज़ से दूर रहें भारतीय नाविक! ईरान युद्ध के बीच भारत सरकार का बड़ा आदेश

July 16, 2026
“क्या तुम मुस्लिम हो?” पूछकर भारतीय युवक पर 15 बार चाकू से हमला, अमेरिका के मॉल में दिल दहला देने वाली वारदात
समाचार

“क्या तुम मुस्लिम हो?” पूछकर भारतीय युवक पर 15 बार चाकू से हमला, अमेरिका के मॉल में दिल दहला देने वाली वारदात

July 16, 2026
सोनम वांगचुक के अनशन पर मोदी सरकार की पहली प्रतिक्रिया, दिल्ली हाईकोर्ट को बताया ‘…के रूप में हस्तक्षेप करेंगे'”
समाचार

सोनम वांगचुक के अनशन पर मोदी सरकार की पहली प्रतिक्रिया, दिल्ली हाईकोर्ट को बताया ‘…के रूप में हस्तक्षेप करेंगे'”

July 16, 2026
आजम खान की जौहर यूनिवर्सिटी पर बुलडोजर की तैयारी, 40 में से 38 भवनों को अवैध घोषित
समाचार

आजम खान की जौहर यूनिवर्सिटी पर बुलडोजर की तैयारी, 40 में से 38 भवनों को अवैध घोषित

July 15, 2026
शालिग्राम गर्ग गिरफ्तार
समाचार

बागेश्वर धाम में मची हलचल! धीरेंद्र शास्त्री के भाई शालिग्राम गर्ग गिरफ्तार, कोर्ट ने भेजा जेल

July 15, 2026
Next Post

जामिया मिल्लिया इस्लामिया में बनें असिस्टेंट प्रोफेसर, 86 पद खाली; गेस्ट फैकल्टी के भी 306 पदों पर भर्ती

health tips:क्या डायबिटीज के मरीज नारियल पानी पी सकते हैं?

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recommended Stories

भारतीय कफ़ सिरप से 18 बच्चों की मौत, उज़्बेकिस्तान का दावा

भारतीय कफ़ सिरप से 18 बच्चों की मौत, उज़्बेकिस्तान का दावा

December 29, 2022
शालिग्राम गर्ग गिरफ्तार

बागेश्वर धाम में मची हलचल! धीरेंद्र शास्त्री के भाई शालिग्राम गर्ग गिरफ्तार, कोर्ट ने भेजा जेल

July 15, 2026

40 मेडिकल कॉलेजों की मान्यता खत्म, कुल 150 कॉलेज रडार पर: सूत्र

May 30, 2023

Popular Stories

  • दिल्ली में 1396 कॉलोनियां हैं अवैध, देखें इनमें आपका इलाका भी तो नहीं शामिल ?

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • मेवात के नूह में तनाव, 3 दिन इंटरनेट सेवा बंद, 600 परFIR

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • कौन हैं जामिया मिलिया इस्लामिया के नए चांसलर डॉक्टर सैय्यदना सैफुद्दीन?

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • NCERT Recruitment 2023 में नौकरी पाने का जबरदस्त मौका, कल से शुरू होगा आवेदन, जानें तमाम डिटेल

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • पकिस्तान के लिए जासूसी के आरोप में महिला यूट्यूबर ज्योति गिरफ्तार, पूछताछ में किए बड़े खुलासे

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • हमारे  पास ठोस सबूत नहीं, कनाडा  ने माना|भारत ने कहा- हमारे आरोपों की पुष्टि

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
Roznama Khabrein

The Roznama Khabrein advocates rule of law, human rights, minority rights, national interests, press freedom, and transparency on which the newspaper and newsportal has never compromised and will never compromise whatever the costs.

More... »

Recent Posts

  • संसद में अकेले मोदी सरकार को घेरेगी कांग्रेस, खड़गे ने पीएम मोदी को लिखा पत्र;
  • हॉर्मुज़ से दूर रहें भारतीय नाविक! ईरान युद्ध के बीच भारत सरकार का बड़ा आदेश
  • “क्या तुम मुस्लिम हो?” पूछकर भारतीय युवक पर 15 बार चाकू से हमला, अमेरिका के मॉल में दिल दहला देने वाली वारदात

Categories

  • Uncategorized
  • अन्य
  • एजुकेशन
  • देश-विदेश
  • पड़ताल
  • रोजनामा खबरें विशेष
  • विचार
  • समाचार
  • हेट क्राइम

Quick Links

  • About Us
  • Support Us
  • Terms & Conditions
  • Privacy Policy
  • Grievance
  • Contact Us

© 2021 Roznama Khabrein Hindi

No Result
View All Result
  • होम
  • समाचार
  • देश-विदेश
  • पड़ताल
  • एजुकेशन
  • विचार
  • हेट क्राइम
  • अन्य
  • रोजनामा खबरें विशेष
  • اردو

© 2021 Roznama Khabrein Hindi