Roznama Khabrein
No Result
View All Result
  • होम
  • समाचार
  • देश-विदेश
  • पड़ताल
  • एजुकेशन
  • विचार
  • हेट क्राइम
  • अन्य
  • रोजनामा खबरें विशेष
  • اردو
اردو
  • होम
  • समाचार
  • देश-विदेश
  • पड़ताल
  • एजुकेशन
  • विचार
  • हेट क्राइम
  • अन्य
  • रोजनामा खबरें विशेष
  • اردو
No Result
View All Result
No Result
View All Result
Home समाचार

मोदी की छवि चमकाने पर भाजपा ने 30 करोड़ खर्च किएः गूगल डेटा रिपोर्ट

RK News by RK News
March 6, 2024
Reading Time: 1 min read
0

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने अपने ऑनलाइन विज्ञापन पर पूरी ताकत लगा दी है। ऑनलाइन विज्ञापन के लिए बहुत अच्छा खासा पैसा चाहिए होता है। Google Ads Transparency Centre के आंकड़ों के अनुसार मुख्य रूप से उत्तर भारतीय राज्यों को टारगेट करते हुए, पिछले 30 दिनों में 29.7 करोड़ रुपये भाजपा ने खर्च किए हैं। 
रिपोर्ट के मुताबिक 2019 के पिछले चुनाव और उसके बाद हुए राज्यों के चुनाव के मुकाबले यह दोगुना से ज्यादा है। इन विज्ञापनों के केंद्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं का प्रचार है। कई भाषाओं में वीडियो बनाए गए हैं। जिन्हें उत्तर भारत के विभिन्न राज्यों में सोशल मीडिया पर दिखाया जा रहा है। 
गूगल डेटा रिपोर्ट कह रही है कि 2023 में कुछ राज्यों के चुनाव पर ही भाजपा ने 19 करोड़ रुपये खर्च किए थे। Google विज्ञापन से पता चलता है कि भाजपा ने 2023 में लगभग ₹19 करोड़ खर्च किए। इसमें विधानसभा चुनावों के दौरान विज्ञापन और पूरे वर्ष के दौरान मोदी सरकार की उपलब्धि को उजागर करने वाले विज्ञापन भी शामिल थे। काफी विज्ञापन यूट्यूब पर दिए गए थे
पिछले साल का खर्च मुख्य रूप से विधानसभा चुनावों के लिए था। कर्नाटक विधानसभा चुनावों में पार्टी ने Google विज्ञापनों पर ₹7.2 करोड़ खर्च किए। लेकिन भाजपा चुनाव नहीं जीत सकी। मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में बीजेपी ने गूगल ऐड पर 7.71 करोड़ रुपये खर्च किए। तेलंगाना भाजपा को कुछ भी हासिल नहीं हुआ लेकिन विज्ञापनों पर उसने बहुत खर्च किया। केसीआर के नेतृत्व वाली बीआरएस ₹12.1 करोड़ के विज्ञापन खर्च के साथ दूसरे स्थान पर रही। कांग्रेस ने Google Ads पर 4.59 करोड़ रुपये खर्च किए। हालांकि इसमें कर्नाटक में खर्च किया गया पैसा भी शामिल है।
Google की विज्ञापन लाइब्रेरी में 20 फरवरी, 2019 से डेटा है। तब से, ₹206.2 करोड़ के 73,246 विज्ञापन डाले जा चुके हैं। इस विज्ञापन खर्च में भाजपा का लगभग 24% हिस्सा है, जो करीब 50 करोड़ है, जबकि डीएमके का हिस्सा  21.3 करोड़, या 10.38%। कांग्रेस ने 2019 से Google विज्ञापनों पर ₹14.6 करोड़ खर्च किए हैं। यहां यह बताना जरूरी है कि भाजपा और अन्य पार्टियों ने मेटा के प्लैटफॉर्मों यानी फेसबुक, इंस्टाग्राम, वाट्सऐप पर जो विज्ञापन किए, उसका खर्च अलग है।
मेटा की विज्ञापन लाइब्रेरी मई 2018 में लॉन्च की गई थी और यह सात साल तक डेटा बरकरार रखती है। ट्विटर, जिसे अब एक्स कहा जाता है, ने जून 2018 में एक समान ट्रांसपिरेंसी केंद्र लॉन्च किया था, लेकिन जनवरी 2021 में इसे बंद कर दिया। क्योंकि इसने नवंबर 2019 से मंच पर किसी भी राजनीतिक विज्ञापन की सेवा बंद कर दी थी। लेकिन एक्स प्लेटफ़ॉर्म को अपने विज्ञापन ट्रांसपिरेंसी केंद्र को फिर से लॉन्च करने के लिए मजबूर होना पड़ा। क्योंकि यूरोपीय संघ ने डिजिटल सेवा अधिनियम का पालन करना जरूरी कर दिया है। जिसके तहत तथ्यों को बताना पड़ता है
Google किसी राजनीतिक दल, राजनीतिक उम्मीदवार या लोकसभा या विधानसभा के वर्तमान सदस्य द्वारा प्रदर्शित या चलाए जाने वाले किसी भी विज्ञापन को राजनीतिक विज्ञापन मानता है। चुनावी विज्ञापन चलाने की अनुमति देने से पहले विज्ञापनदाताओं को भारत चुनाव विज्ञापन का सत्यापन पूरा करना होता है। यही वजह है कि सारा डेटा सामने आ जाता ह
कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने भी मंगलवार को गूगल विज्ञापन का मुद्दा प्रेस कॉन्फ्रेंस में उठाया। सुप्रिया ने कहा-  इंटरनेट पर जहां देखो वहां PM मोदी नज़र आ रहे हैं। ये BJP के विज्ञापनों का ही कमाल है, क्योंकि वह पैसा पानी की तरह बहा रही है। पिछले महीने BJP ने Google वीडियो विज्ञापनों पर 22 करोड़ रुपये खर्च किए, जो पूरे देश में करोड़ों मतदाताओं ने देखे। 
बहरहाल, ऑनलाइन राजनीतिक विज्ञापन के प्रति भाजपा की वित्तीय प्रतिबद्धता सार्वजनिक चर्चा को आकार देने में डिजिटल प्लेटफार्मों के बढ़ते महत्व को उजागर करती है। 2019 के बाद से, पार्टी ने फेसबुक सहित हजारों विज्ञापनों के माध्यम से अपने संदेशों को प्रसारित करने के लिए पर्याप्त बजट खर्च किया है। विपक्ष इसी वजह से भाजपा को विज्ञापन आधारित पार्टी कहता है।
उत्तर भारत में हालांकि भाजपा मजबूत स्थिति में है। कई राज्यों में उसकी सरकार है। हाल ही में उसने बिहार में नीतीश कुमार को अपने पाले में शामिल कर लिया है। लेकिन इसके बावजूद विज्ञापनों का फोकस उत्तर भारत पर है तो अंदाजा लगाया जा सकता है कि भाजपा उत्तर भारत को लेकर आश्वस्त नहीं है। (साभार:सत्य हिन्दी)

RELATED POSTS

ज्ञानेश कुमार के खिलाफ CJP का प्रदर्शन तेज; ट्रेनों पर रोक, हज़ारों युवा हिरासत में

ज्ञानेश कुमार के खिलाफ तीसरे दिन भी विपक्ष का प्रदर्शन, देशभर में SIR पर घमासान; क्या है पूरा विवाद?

42 पूर्व जजों ने चुनाव आयोग का किया बचाव, ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध के बीच खुला पत्र जारी

ShareTweetSend
RK News

RK News

Related Posts

ज्ञानेश कुमार के खिलाफ CJP का प्रदर्शन तेज; ट्रेनों पर रोक, हज़ारों युवा हिरासत में
समाचार

ज्ञानेश कुमार के खिलाफ CJP का प्रदर्शन तेज; ट्रेनों पर रोक, हज़ारों युवा हिरासत में

October 9, 2026
ज्ञानेश कुमार के खिलाफ तीसरे दिन भी विपक्ष का प्रदर्शन, देशभर में SIR पर घमासान; क्या है पूरा विवाद?
समाचार

ज्ञानेश कुमार के खिलाफ तीसरे दिन भी विपक्ष का प्रदर्शन, देशभर में SIR पर घमासान; क्या है पूरा विवाद?

October 8, 2026
42 पूर्व जजों ने चुनाव आयोग का किया बचाव, ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध के बीच खुला पत्र जारी
समाचार

42 पूर्व जजों ने चुनाव आयोग का किया बचाव, ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध के बीच खुला पत्र जारी

October 8, 2026
समाचार

महाराष्ट्र, बंगाल और तमिलनाडु में दोबारा चुनाव कराने की मांग; उद्धव, ममता और केजरीवाल क्या बोले?

September 24, 2026
14 बार उठी अंदर से आवाज… 10 महीने में दो Election Commissioners ने दर्ज कराई आपत्ति, चुनाव आयोग के भीतर क्या चल रहा था?
समाचार

14 बार उठी अंदर से आवाज… 10 महीने में दो Election Commissioners ने दर्ज कराई आपत्ति, चुनाव आयोग के भीतर क्या चल रहा था?

September 24, 2026
रूसी तेल खरीदने पर भारत पर 100% टैरिफ का खतरा, अमेरिका में प्रतिबंध वाला बिल आगे बढ़ा
समाचार

रूसी तेल खरीदने पर भारत पर 100% टैरिफ का खतरा, अमेरिका में प्रतिबंध वाला बिल आगे बढ़ा

September 16, 2026
Next Post

आर-पार की लड़ाई :__प्रभु चावला

गलतियों से कब सीखेगी कांग्रेस? 

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recommended Stories

MP मैं ‘हिंदुओं के बीच पैठ बनाने’ की कोशिश, कांग्रेस ने पुजारी प्रकोष्ठ बनाया

April 6, 2023

Up:अब दो के बजाय एक जमानती पर भी मिलेगी रिहाई, हाईकोर्ट का अहम फैसला ,सभी जिला जजों को निर्देश

August 15, 2025

‘उपद्रवियों को कुचल देगी सरकार’ :सीएम योगी की चेतावनी

September 27, 2025

Popular Stories

  • दिल्ली में 1396 कॉलोनियां हैं अवैध, देखें इनमें आपका इलाका भी तो नहीं शामिल ?

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • मेवात के नूह में तनाव, 3 दिन इंटरनेट सेवा बंद, 600 परFIR

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • हमारे  पास ठोस सबूत नहीं, कनाडा  ने माना|भारत ने कहा- हमारे आरोपों की पुष्टि

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • कौन हैं जामिया मिलिया इस्लामिया के नए चांसलर डॉक्टर सैय्यदना सैफुद्दीन?

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • NCERT Recruitment 2023 में नौकरी पाने का जबरदस्त मौका, कल से शुरू होगा आवेदन, जानें तमाम डिटेल

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • पकिस्तान के लिए जासूसी के आरोप में महिला यूट्यूबर ज्योति गिरफ्तार, पूछताछ में किए बड़े खुलासे

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
Roznama Khabrein

The Roznama Khabrein advocates rule of law, human rights, minority rights, national interests, press freedom, and transparency on which the newspaper and newsportal has never compromised and will never compromise whatever the costs.

More... »

Recent Posts

  • ज्ञानेश कुमार के खिलाफ CJP का प्रदर्शन तेज; ट्रेनों पर रोक, हज़ारों युवा हिरासत में
  • ज्ञानेश कुमार के खिलाफ तीसरे दिन भी विपक्ष का प्रदर्शन, देशभर में SIR पर घमासान; क्या है पूरा विवाद?
  • 42 पूर्व जजों ने चुनाव आयोग का किया बचाव, ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध के बीच खुला पत्र जारी

Categories

  • Uncategorized
  • अन्य
  • एजुकेशन
  • देश-विदेश
  • पड़ताल
  • रोजनामा खबरें विशेष
  • विचार
  • समाचार
  • हेट क्राइम

Quick Links

  • About Us
  • Support Us
  • Terms & Conditions
  • Privacy Policy
  • Grievance
  • Contact Us

© 2021 Roznama Khabrein Hindi

No Result
View All Result
  • होम
  • समाचार
  • देश-विदेश
  • पड़ताल
  • एजुकेशन
  • विचार
  • हेट क्राइम
  • अन्य
  • रोजनामा खबरें विशेष
  • اردو

© 2021 Roznama Khabrein Hindi