नई दिल्ली: लगातार सामने आए NEET पेपर लीक मामलों के बाद केंद्र सरकार राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET-UG) के स्वरूप में बड़ा बदलाव करने की तैयारी में है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, NEET-UG 2027 से कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट (CBT) के रूप में आयोजित की जाएगी। इसके साथ ही परीक्षा आयोजित करने वाली नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के ढांचे और कार्यप्रणाली में भी व्यापक बदलाव किए जाएंगे।
बताया जा रहा है कि ये सुधार ISRO के पूर्व अध्यक्ष डॉ. के. राधाकृष्णन की अध्यक्षता वाली सात सदस्यीय हाई-पावर्ड समिति की सिफारिशों के आधार पर किए जा रहे हैं। इस समिति का गठन 2024 में NEET पेपर लीक विवाद के बाद किया गया था।
परीक्षा प्रणाली को बनाया जाएगा ज्यादा सुरक्षित
सूत्रों के अनुसार, शिक्षा मंत्रालय परीक्षा प्रणाली को अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और तकनीक आधारित बनाने के लिए व्यापक सुधार योजना पर काम कर रहा है। इसका उद्देश्य पेपर लीक जैसी घटनाओं पर रोक लगाना और परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ाना है।
NEET-UG देशभर के मेडिकल कॉलेजों में MBBS, BDS और अन्य स्नातक चिकित्सा पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए आयोजित की जाती है। कंप्यूटर आधारित परीक्षा लागू होने के बाद परीक्षा केंद्रों, निगरानी प्रणाली और मूल्यांकन प्रक्रिया में भी बदलाव देखने को मिल सकते हैं।
NTA की कार्यप्रणाली में होगा व्यापक सुधार
रिपोर्ट के मुताबिक, सरकार केवल परीक्षा का प्रारूप ही नहीं बदल रही, बल्कि NTA के संगठनात्मक ढांचे, प्रशासनिक व्यवस्था, तकनीकी प्रणाली, परीक्षा संचालन, सुरक्षा तंत्र और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर में भी बड़े सुधार किए जाएंगे।
एक वरिष्ठ अधिकारी के हवाले से कहा गया है कि “NTA को ऊपर से नीचे तक पूरी तरह पुनर्गठित किया जाएगा।”
अक्टूबर 2026 तक पूरे होंगे सुधार
सूत्रों के अनुसार, NTA में प्रस्तावित सभी सुधारों को अक्टूबर 2026 तक लागू करने का लक्ष्य रखा गया है, ताकि 2027 से नई व्यवस्था के तहत NEET-UG परीक्षा आयोजित की जा सके।
सरकार का मानना है कि इन बदलावों से परीक्षा प्रणाली अधिक विश्वसनीय बनेगी और भविष्य में पेपर लीक जैसी घटनाओं की संभावना काफी हद तक कम होगी।











