Roznama Khabrein
No Result
View All Result
  • होम
  • समाचार
  • देश-विदेश
  • पड़ताल
  • एजुकेशन
  • विचार
  • हेट क्राइम
  • अन्य
  • रोजनामा खबरें विशेष
  • اردو
اردو
  • होम
  • समाचार
  • देश-विदेश
  • पड़ताल
  • एजुकेशन
  • विचार
  • हेट क्राइम
  • अन्य
  • रोजनामा खबरें विशेष
  • اردو
No Result
View All Result
No Result
View All Result
Home समाचार

बिहार चुनाव से पहले जनगणना की आ गई तारीख,घर घर पहुंचकर जाति भी पूछी जाएगी

RK News by RK News
June 4, 2025
Reading Time: 1 min read
0

देश में अगली जनगणना, यानी देश की आबादी की विस्तृत गिनती 1 मार्च 2027 से होगी। एनडीटीवी ने बुधवार शाम को सूत्रों के हवाले से यह खबर दी। इस जनगणना में महत्वपूर्ण सामाजिक-आर्थिक विवरण होंगे। हालांकि, यह जनगणना कुछ क्षेत्रों में पहले ही अक्टूबर 2026 से शुरू हो जाएगी, विशेष रूप से बर्फ से ढके राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में जैसे कि लद्दाख, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में यह पहले शुरू हो सकती है।
यह जनगणना दो चरणों में कराई जाएगी और इसमें देशभर में पुरुषों और महिलाओं से पूछे जाने वाले सवालों की लंबी सूची में एक महत्वपूर्ण नया सवाल जोड़ा जाएगा — जाति और उप-जातियों से संबंधित। सरकार ने 30 अप्रैल को पुष्टि की थी कि अगली जनगणना में जाति आधारित प्रश्न यानी विभिन्न जातियों और उप-जातियों की गिनती और प्रत्येक में लोगों की संख्या शामिल की जाएगी।
भारत में आमतौर पर हर दस साल में जनगणना कराई जाती है। पिछली राष्ट्रीय जनगणना 2011 में हुई थी। 2021 की जनगणना महामारी के कारण स्थगित करनी पड़ी थी। ऐसे में 2027 की जनगणना 16 वर्षों में पहली जनगणना होगी। विपक्ष लगातार जनगणना कराने की मांग कर रहा है।जनगणना में जातिगत गणना को शामिल करने का निर्णय विपक्ष की एक लंबे समय से चली आ रही मांग के बाद लिया गया है। यह घोषणा बिहार में होने वाले एक महत्वपूर्ण विधानसभा चुनाव से कुछ महीने पहले की गई, जहां की 63 प्रतिशत से अधिक आबादी अत्यंत पिछड़े या पिछड़े वर्गों से आती है।
बिहार विधानसभा चुनाव, जो अक्टूबर-नवंबर 2025 में होने की संभावना है, के संदर्भ में जातिगत जनगणना के समय को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं। बिहार में जातिगत समीकरण राजनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, और केंद्र सरकार के इस कदम को विपक्षी दलों, खासकर कांग्रेस, राजद, और सपा, के एक प्रमुख चुनावी मुद्दे को कमजोर करने की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है।विपक्ष की प्रतिक्रिया: कांग्रेस और राजद जैसे विपक्षी दलों ने इसे अपनी मांग की जीत के रूप में पेश कर रहे हैं, लेकिन कुछ का मानना है कि इस घोषणा ने उनकी चुनावी रणनीति को कमजोर किया है। बिहार में क्रेडिट वॉर भी शुरू हो गया है, जहां जदयू, राजद, और कांग्रेस अपने-अपने नेताओं को इसका श्रेय दे रहे हैं।
चुनाव पर प्रभाव: बिहार की राजनीति में जातिगत समीकरण अहम हैं, और केंद्र का यह कदम एनडीए को ओबीसी और अन्य पिछड़े वर्गों के बीच अपनी स्थिति मजबूत करने में मदद कर सकता है। हालांकि, जनगणना 2027 में शुरू होगी, जो बिहार चुनाव (2025) के बाद होगी, लेकिन इसकी घोषणा का समय इसे एक राजनीतिक हथियार बनाता है।
जातिगत जनगणना की घोषणा का बिहार विधानसभा चुनाव से स्पष्ट संबंध है, क्योंकि यह विपक्ष के एक बड़े मुद्दे को कमजोर करने और एनडीए को जातिगत समीकरणों के आधार पर लाभ दिलाने की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। हालांकि, इसका वास्तविक प्रभाव इस बात पर निर्भर करेगा कि बिहार की जनता और राजनीतिक दल इसे कैसे देखते हैं। यह कदम केंद्र सरकार की ओर से एक सोची-समझी रणनीति प्रतीत होती है, जो बिहार जैसे जाति-संवेदनशील राज्य में सियासी समीकरण बदल सकता है।

RELATED POSTS

देशभर में अवैध निर्माण पर चलेगा बुलडोजर? अवैध निर्माण पर सुप्रीम कोर्ट सख्त

जंतर-मंतर पर घिरी बीजेपी, झारखंड को बनाया ढाल ? संसद में NDA-INDIA आमने-सामने

अडानी रिश्वत केस अमेरिका में खारिज, लेकिन जज ने DOJ की प्रक्रिया पर उठाए गंभीर सवाल; क्या है पूरा मामला?

Tags: Bihar electionsbihar politicscastecensusdate of census
ShareTweetSend
RK News

RK News

Related Posts

SC ने UPSC इंजीनियरिंग सेवा परीक्षा को स्थगित करने की मांग वाली याचिका को किया खारिज
समाचार

देशभर में अवैध निर्माण पर चलेगा बुलडोजर? अवैध निर्माण पर सुप्रीम कोर्ट सख्त

August 12, 2026
जंतर-मंतर पर घिरी बीजेपी, झारखंड को बनाया ढाल ? संसद में NDA-INDIA आमने-सामने
समाचार

जंतर-मंतर पर घिरी बीजेपी, झारखंड को बनाया ढाल ? संसद में NDA-INDIA आमने-सामने

August 12, 2026
अडानी रिश्वत केस अमेरिका में खारिज, लेकिन जज ने DOJ की प्रक्रिया पर उठाए गंभीर सवाल; क्या है पूरा मामला?
समाचार

अडानी रिश्वत केस अमेरिका में खारिज, लेकिन जज ने DOJ की प्रक्रिया पर उठाए गंभीर सवाल; क्या है पूरा मामला?

August 12, 2026
बंगाल में मस्जिदों से लाउडस्पीकर हटाने का दबाव? मुस्लिम नेताओं ने अमित शाह को सौंपा ज्ञापन
समाचार

बंगाल में मस्जिदों से लाउडस्पीकर हटाने का दबाव? मुस्लिम नेताओं ने अमित शाह को सौंपा ज्ञापन

August 7, 2026
राहुल गांधी ने बताया बीजेपी में अपना पसंदीदा नेता; दिया चौंकाने वाला जवाब
समाचार

राहुल गांधी ने बताया बीजेपी में अपना पसंदीदा नेता; दिया चौंकाने वाला जवाब

August 7, 2026
SC ने UPSC इंजीनियरिंग सेवा परीक्षा को स्थगित करने की मांग वाली याचिका को किया खारिज
समाचार

जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शनों के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट सख्त, केंद्र सरकार को जारी किया नोटिस

August 3, 2026
Next Post

बिना आरोप पत्र के पासपोर्ट जब्त करना मौलिक अधिकारों का उल्लंघन' : J&K हाईकोर्ट

कुर्बानी पर रोक लगाने की मांग,बीजेपी विधायक बालमुकुंद आचार्य ने कहा, जरूरी है तो कुर्बानी नारियल और कद्दू की दी जाए.

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recommended Stories

मनी लॉन्ड्रिंग जांच में आप के दिल्ली विधायक अमानतुल्ला खान पर ईडी ने छापा मारा

October 10, 2023

प्रधानमंत्री देश में ‘एक पार्टी का राज’ चाहते हैं: सांसदों के निलंबन पर खड़गे

December 20, 2023
भाजपा के और राष्ट्रवाद के मुकाबले मंडल की राजनीति

भाजपा के और राष्ट्रवाद के मुकाबले मंडल की राजनीति

August 13, 2022

Popular Stories

  • दिल्ली में 1396 कॉलोनियां हैं अवैध, देखें इनमें आपका इलाका भी तो नहीं शामिल ?

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • मेवात के नूह में तनाव, 3 दिन इंटरनेट सेवा बंद, 600 परFIR

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • कौन हैं जामिया मिलिया इस्लामिया के नए चांसलर डॉक्टर सैय्यदना सैफुद्दीन?

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • NCERT Recruitment 2023 में नौकरी पाने का जबरदस्त मौका, कल से शुरू होगा आवेदन, जानें तमाम डिटेल

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • हमारे  पास ठोस सबूत नहीं, कनाडा  ने माना|भारत ने कहा- हमारे आरोपों की पुष्टि

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • पकिस्तान के लिए जासूसी के आरोप में महिला यूट्यूबर ज्योति गिरफ्तार, पूछताछ में किए बड़े खुलासे

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
Roznama Khabrein

The Roznama Khabrein advocates rule of law, human rights, minority rights, national interests, press freedom, and transparency on which the newspaper and newsportal has never compromised and will never compromise whatever the costs.

More... »

Recent Posts

  • देशभर में अवैध निर्माण पर चलेगा बुलडोजर? अवैध निर्माण पर सुप्रीम कोर्ट सख्त
  • जंतर-मंतर पर घिरी बीजेपी, झारखंड को बनाया ढाल ? संसद में NDA-INDIA आमने-सामने
  • अडानी रिश्वत केस अमेरिका में खारिज, लेकिन जज ने DOJ की प्रक्रिया पर उठाए गंभीर सवाल; क्या है पूरा मामला?

Categories

  • Uncategorized
  • अन्य
  • एजुकेशन
  • देश-विदेश
  • पड़ताल
  • रोजनामा खबरें विशेष
  • विचार
  • समाचार
  • हेट क्राइम

Quick Links

  • About Us
  • Support Us
  • Terms & Conditions
  • Privacy Policy
  • Grievance
  • Contact Us

© 2021 Roznama Khabrein Hindi

No Result
View All Result
  • होम
  • समाचार
  • देश-विदेश
  • पड़ताल
  • एजुकेशन
  • विचार
  • हेट क्राइम
  • अन्य
  • रोजनामा खबरें विशेष
  • اردو

© 2021 Roznama Khabrein Hindi