Roznama Khabrein
No Result
View All Result
  • होम
  • समाचार
  • देश-विदेश
  • पड़ताल
  • एजुकेशन
  • विचार
  • हेट क्राइम
  • अन्य
  • रोजनामा खबरें विशेष
  • اردو
اردو
  • होम
  • समाचार
  • देश-विदेश
  • पड़ताल
  • एजुकेशन
  • विचार
  • हेट क्राइम
  • अन्य
  • रोजनामा खबरें विशेष
  • اردو
No Result
View All Result
No Result
View All Result
Home समाचार

‘सीमांचल भारत का हिस्सा ‘अमित शाह के बयान का मतलब क्या है!

RK News by RK News
September 24, 2022
Reading Time: 1 min read
0
‘सीमांचल भारत का हिस्सा ‘अमित शाह के बयान का मतलब क्या है!

लेखक शादाब मुइजी

RELATED POSTS

देशभर में अवैध निर्माण पर चलेगा बुलडोजर? अवैध निर्माण पर सुप्रीम कोर्ट सख्त

जंतर-मंतर पर घिरी बीजेपी, झारखंड को बनाया ढाल ? संसद में NDA-INDIA आमने-सामने

अडानी रिश्वत केस अमेरिका में खारिज, लेकिन जज ने DOJ की प्रक्रिया पर उठाए गंभीर सवाल; क्या है पूरा मामला?

“जब लालू जी सरकार में जुड़ गए हैं और नीतीश जी लालू की गोद में बैठे हैं. अब यहां डर का माहौल बन गया है. मैं आपको कहने आया हूं कि ये सीमावर्ती जिले भारत का हिस्सा हैं. किसी को डरने की जरूरत नहीं है. यहां पर नरेंद्र मोदी सरकार है.”

शुक्रवार 23 सितंबर को बिहार के सीमांचल में पूर्णिया का रंगभूमि मैदान, चुनावी रणभूमि का गवाह बना. बीजेपी के ‘चाणक्य’ कहे जाने वाले और देश के गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) दो दिन के बिहार दौरे के पहले दिन आक्रामक रंग में दिखे. बिहार की जमीन पर कभी कश्मीर का जिक्र करते तो कभी लालू यादव (Lalu Yadav) और नीतीश कुमार की जोरी पर हमला बोलते दिखे.

अमित शाह के भाषण से कई अहम सवाल निकलकर आए हैं. पहला कि क्यों अमित शाह ने मुस्लिम बाहुल्य इलाके में ‘डरना नहीं है’, ‘सीमांचल भारत का हिस्सा है’ जैसी बात कही? क्यों अमित शाह ने सीबीआई का जिक्र किया? आइए अमित शाह के सीमांचल में दिए भाषण को डीकोड करें.

‘सीमांचल भारत का हिस्सा’

अमित शाह ने अपने भाषण की शुरुआत राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर को याद करते हुए की, लेकिन अगले ही पल वो नीतीश कुमार के खिलाफ हमलावर नजर आए. अमित शाह ने कहा,

जैसे ही मैं सीमांत जिलों में आया हूं, लालू और नीतीश की जोरी को पेट में दर्द आ रहा है. वो कह रहे हैं कि मैं यहां झगड़ा लगाने आया हूं. वो कह रहे हैं कुछ करके जाएंगे. झगड़ा लगाने के लिए मेरी जरूरत नहीं है लालू जी, आप पर्याप्त हो झगड़ा लगाने के लिए, आपने पूरा जीवन ये काम किया है.”

लेकिन अपने भाषण के अगले ही पल अमित शाह ने अपना एजेंडा साफ कर दिया. पश्चिम बंगाल, ओडीशा और नेपाल से सटे सीमांचल में अमित शाह ने कहा,

“मैं आज सीमावर्ती जिलों के 4 जिलों के भाइयों-बहनों को ये कहने जरूर आया हूं कि जब लालू जी सरकार में जुड़ गए हैं और नीतीश जी लालू की गोद में बैठ गए हैं, तब यहां जो डर का माहौल खड़ा हुआ है, मैं आपको कहने आया हूं कि ये सीमावर्ती जिले हिंदुस्तान का हिस्सा है. किसी को डरने की जरूरत नहीं है. नरेंद्र मोदी सरकार है यहां पर.”

अब सवाल है कि जब सीमांचल बिहार का और भारत का हिस्सा है तो फिर अमित शाह ने क्यों कहा सीमांचल भारत का हिस्सा है?

दरअसल, सीमांचल मुस्लिम बहुल इलाका है. सीमांचल की 24 विधानसभा सीटों में से आधी से ज्यादा सीटों पर मुसलमानों की आबादी 50 फीसदी से ज्यादा है. बीजेपी लगातार सीमांचल को लेकर घुसपैठ, रोहिंग्या का मुद्दा उठाती रही है. ऐसे में एक बार फिर अमित शाह ने ‘भारत का हिस्सा’, ‘डरना नहीं है’ जैसी बात कहकर अपने कोर वोटर ‘हिंदुओं’ को मैसेज देने की कोशिश की है.

कश्मीर का जिक्र क्यों?

अमित शाह भले ही बिहार में थे लेकिन उन्होंने अपने भाषण में कश्मीर का जिक्र किया है. अमित शाह ने रैली में आई जनता से पूछा,

आप सब बताइए कश्मीर से धारा 370 हटनी चाहिए थी कि नहीं? कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है या नहीं? जोर से बोलिए. और जोर से बोलिए. अब मैं नीतीश जी से कहता हूं कि वो और लालू-जी एक बार बोल दें कि मोदी जी ने धारा 370 हटाकर अच्छा काम किया या नहीं. अरे आपकी हिम्मत नहीं है. मोदी जी ने 5 अगस्त 2019 को सालों से भारत माता के माथे पर लगा कलंक अपने डस्टर से पोछ दिया. आतंकवाद और नक्सलवाद पर जिस मुस्तैदी से और जिस कठोरता के साथ कदम उठाए हैं, लालू जी इसे विभाजन की राजनीति कहते हैं.

अमित शाह के बयान से एक और बात साफ है कि वो लोगों के दिमाग में धारा 370 हटाने की याद ताजा रखना चाहते हैं. भले ही बिहार के लोगों के लिए कश्मीर दूर हो, भले ही कश्मीर भारत का अभिन्न अंग पहले से हो लेकिन ऐसे भाषणों के जरिए ये बताने की कोशिश की जा रही है कि बीजेपी ने ही कश्मीर को भारत से जोड़े रखा है.

”कश्मीर और सीमांचल भी भारत का हिस्सा है”, एक बार फिर लोकल मुद्दों से हटकर राष्ट्रवाद के मुद्दे की ओर ले जाने की कोशिश हो सकती है.

जंगलराज का डर

अमित शाह ने अपने भाषण में एक बार फिर जंगलराज का जिक्र किया. अमित शाह ने पूर्णिया में कहा नीतीश कुमार ने लालू जी को साथ लेकर उनके जंगलराज का नजरिया स्पष्ट कर दिया है, जिस दिन से शपथ हुआ उसी दिन से कानून-व्यवस्था चरमरा गई, लालू के दबाव में CBI पर बैन लगाने की बात सोच रहे हैं.

अमित शाह के इस बयान को दो तरह से देख सकते हैं. पहला कि बार-बार जंगलराज को लालू से जोड़कर RJD के छवि पर डेंट लगाना और दूसरा कि CBI का नाम लेकर ये नैरेटिव सेट करना कि विपक्षी पार्टियां भ्रष्टाचार में लिप्त हैं और वो CBI को अपना काम करने से रोक रही हैं.

बहरहाल आरजेडी-जेडीयू इस रैली को लेकर सजग है. लिहाजा रैली खत्म होते ही तेजस्वी यादव ने इस रैली को कॉमेडी शो बता दिया. उन्होंने पूछा कि देश के गृहमंत्री पूर्णिया आए और पूर्णिया में ही पीएम के उस वादे का जिक्र तक नहीं किया, जिसमें उन्होंने बिहार को विशेष राज्य का दर्जा और खास तवज्जो देने का वादा किया था.

तेजस्वी ने ये भी पूछा कि सबसे ज्यादा क्राइम केंद्र शासित राज्य दिल्ली में है, जहां अमित शाह की पुलिस है तो फिर बिहार जंगल राज कैसे हो।

आभार द क्विंट

यह लेखक के निजी विचार हैं

 

ShareTweetSend
RK News

RK News

Related Posts

SC ने UPSC इंजीनियरिंग सेवा परीक्षा को स्थगित करने की मांग वाली याचिका को किया खारिज
समाचार

देशभर में अवैध निर्माण पर चलेगा बुलडोजर? अवैध निर्माण पर सुप्रीम कोर्ट सख्त

August 12, 2026
जंतर-मंतर पर घिरी बीजेपी, झारखंड को बनाया ढाल ? संसद में NDA-INDIA आमने-सामने
समाचार

जंतर-मंतर पर घिरी बीजेपी, झारखंड को बनाया ढाल ? संसद में NDA-INDIA आमने-सामने

August 12, 2026
अडानी रिश्वत केस अमेरिका में खारिज, लेकिन जज ने DOJ की प्रक्रिया पर उठाए गंभीर सवाल; क्या है पूरा मामला?
समाचार

अडानी रिश्वत केस अमेरिका में खारिज, लेकिन जज ने DOJ की प्रक्रिया पर उठाए गंभीर सवाल; क्या है पूरा मामला?

August 12, 2026
बंगाल में मस्जिदों से लाउडस्पीकर हटाने का दबाव? मुस्लिम नेताओं ने अमित शाह को सौंपा ज्ञापन
समाचार

बंगाल में मस्जिदों से लाउडस्पीकर हटाने का दबाव? मुस्लिम नेताओं ने अमित शाह को सौंपा ज्ञापन

August 7, 2026
राहुल गांधी ने बताया बीजेपी में अपना पसंदीदा नेता; दिया चौंकाने वाला जवाब
समाचार

राहुल गांधी ने बताया बीजेपी में अपना पसंदीदा नेता; दिया चौंकाने वाला जवाब

August 7, 2026
SC ने UPSC इंजीनियरिंग सेवा परीक्षा को स्थगित करने की मांग वाली याचिका को किया खारिज
समाचार

जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शनों के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट सख्त, केंद्र सरकार को जारी किया नोटिस

August 3, 2026
Next Post
चित्रा त्रिपाठी ‘आज तक’ से ‘एबीपी’ पहुंची, पैकेज सवा करोड़ का

चित्रा त्रिपाठी 'आज तक' से 'एबीपी' पहुंची, पैकेज सवा करोड़ का

आचार्य प्रमोद कृष्णम ने कहा, सचिन के साथ इंसाफ हो

आचार्य प्रमोद कृष्णम ने कहा, सचिन के साथ इंसाफ हो

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recommended Stories

लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर महिला सम्मान से 30 से अधिक महिलाओ को सम्मानित करेंगे केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी*

March 2, 2025

जामिया ने क्लाइमेट एक्शन गोल्स पर सहयोग के लिए अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल का किया स्वागत

January 5, 2023

मोदी और राहुल का फर्क: एक नज़रिया

June 4, 2023

Popular Stories

  • दिल्ली में 1396 कॉलोनियां हैं अवैध, देखें इनमें आपका इलाका भी तो नहीं शामिल ?

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • मेवात के नूह में तनाव, 3 दिन इंटरनेट सेवा बंद, 600 परFIR

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • कौन हैं जामिया मिलिया इस्लामिया के नए चांसलर डॉक्टर सैय्यदना सैफुद्दीन?

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • NCERT Recruitment 2023 में नौकरी पाने का जबरदस्त मौका, कल से शुरू होगा आवेदन, जानें तमाम डिटेल

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • हमारे  पास ठोस सबूत नहीं, कनाडा  ने माना|भारत ने कहा- हमारे आरोपों की पुष्टि

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • पकिस्तान के लिए जासूसी के आरोप में महिला यूट्यूबर ज्योति गिरफ्तार, पूछताछ में किए बड़े खुलासे

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
Roznama Khabrein

The Roznama Khabrein advocates rule of law, human rights, minority rights, national interests, press freedom, and transparency on which the newspaper and newsportal has never compromised and will never compromise whatever the costs.

More... »

Recent Posts

  • देशभर में अवैध निर्माण पर चलेगा बुलडोजर? अवैध निर्माण पर सुप्रीम कोर्ट सख्त
  • जंतर-मंतर पर घिरी बीजेपी, झारखंड को बनाया ढाल ? संसद में NDA-INDIA आमने-सामने
  • अडानी रिश्वत केस अमेरिका में खारिज, लेकिन जज ने DOJ की प्रक्रिया पर उठाए गंभीर सवाल; क्या है पूरा मामला?

Categories

  • Uncategorized
  • अन्य
  • एजुकेशन
  • देश-विदेश
  • पड़ताल
  • रोजनामा खबरें विशेष
  • विचार
  • समाचार
  • हेट क्राइम

Quick Links

  • About Us
  • Support Us
  • Terms & Conditions
  • Privacy Policy
  • Grievance
  • Contact Us

© 2021 Roznama Khabrein Hindi

No Result
View All Result
  • होम
  • समाचार
  • देश-विदेश
  • पड़ताल
  • एजुकेशन
  • विचार
  • हेट क्राइम
  • अन्य
  • रोजनामा खबरें विशेष
  • اردو

© 2021 Roznama Khabrein Hindi