Roznama Khabrein
No Result
View All Result
  • होम
  • समाचार
  • देश-विदेश
  • पड़ताल
  • एजुकेशन
  • विचार
  • हेट क्राइम
  • अन्य
  • रोजनामा खबरें विशेष
  • اردو
اردو
  • होम
  • समाचार
  • देश-विदेश
  • पड़ताल
  • एजुकेशन
  • विचार
  • हेट क्राइम
  • अन्य
  • रोजनामा खबरें विशेष
  • اردو
No Result
View All Result
No Result
View All Result
Home समाचार

कश्‍मीर को लेकर क्‍या सोचते थे जवाहरलाल नेहरू!

RK News by RK News
November 14, 2022
Reading Time: 1 min read
0
कश्‍मीर को लेकर क्‍या सोचते थे जवाहरलाल नेहरू!

नई दिल्ली: 75 वर्ष पहले जम्मू-कश्मीर रियासत का भारत में विलय हुआ था। 26 अक्टूबर 1947 को महाराजा हरि सिंह ने ‘विलय पत्र’ पर हस्ताक्षर कर किया था।

RELATED POSTS

संसद में चौथे दिन भी हंगामा, NDA और INDIA गठबंधन आमने-सामने

पेपर लीक मामलों के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाएगी सरकार, राहुल गांधी ने पीएम मोदी पर साधा निशाना

धर्मेंद्र प्रधान का राहुल गांधी पर हमला, कहा- छात्रों को राजनीतिक मोहरा बना रही कांग्रेस

ऑनलाइन जनसत्ता रिपोर्ट अनुसार तब कश्मीर का मसला पूरी तरह हल नहीं हो पाया था, जिसके लिए आज भी भाजपा समेत तमाम हिंदू संगठन प्रथम प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू को जिम्मेदार ठहराते हैं।

सवाल उठता है कि नेहरू को ‘कश्मीर संकट’ के लिए दोषी ठहराना कितना सही है, और इस क्षेत्र को लेकर उनकी क्या नीति थी?

नेहरू को थी कबायली हमले की खबर

आजादी के बाद जब हरि सिंह को पाकिस्तान या भारत में से किसी एक में शामिल होने को कहा गया, तो उन्होंने मौन साध लिया। वह स्वतंत्र रहने के पक्ष में थे।

दिलचस्प यह है कि पाकिस्तान के जिस कबायली हमले के बाद हरि सिंह अपनी रियासत को भारत में मिलाने को मजबूर हुए, उस हमले की जानकारी नेहरू को पहले से थी। इंटेलिजेंस यूनिट ने नेहरू को पहले ही बता दिया था कि पाकिस्तान कबायली हमले की फिराक में है।

नेहरू ने इसे लेकर 27 सितंबर 1947 को पटेल को चिट्ठी ल‍िखी थी, ”कश्मीर की परिस्थिति तेजी से बिगड़ रही है। शीतकाल में कश्मीर का संबंध बाकी भारत से कट जाएगा।

हवाई मार्ग भी बंद हो जाता है, पाकिस्तान कश्मीर में घुसपैठियों को भेजना चाहता है, महाराजा का प्रशासन इस खतरे को झेल नहीं पाएगा। वक्त की जरूरत है कि महाराजा, शेख अब्दुल्ला को रिहा कर नेशनल कॉन्फ्रेंस से दोस्ती करें।”

शेख अब्दुल्ला को रिहा करवाने के पीछे भी नेहरू की रणनीति थी, जिसका जिक्र उनके इसी पत्र में मिलता है। वह पटेल को लिखते हैं, ”शेख अब्दुल्ला की मदद से महाराजा पाकिस्तान के खिलाफ जनसमर्थन हासिल करें, शेख अब्दुल्ला ने कहा है कि वो मेरी सलाह पर काम करेंगे।”

हरि सिंह ने शेख अब्दुल्ला को 1946 में राजद्रोह के मामले में तीन साल के लिए जेल भेज दिया था। 1932 में अब्दुल्ला ने हरि सिंह की नीतियों के खिलाफ राज्य के मुसलमानों को एकजुट कर ऑल जम्मू एंड कश्मीर मुस्लिम कॉन्फ्रेंस का गठन किया था, जो बाद में ‘नेशनल कॉन्फ्रेंस’ बना।

अब्दुल्ला हरि सिंह से एक ऐसे प्रतिनिधि सरकार की मांग कर रहे थे, जो सार्वभौमिक मताधिकार के आधार पर बनी हो। इसी दौरान वह नेहरू के संपर्क में आए थे और अच्छे दोस्त बन गए।

नेहरू की चिट्ठी के बाद पटेल ने हरि सिंह से संपर्क किया और 29 सितंबर 1947 को अब्दुल्ला रिहा कर दिए गए। जब कबाइलियों ने हमला किया, तब राजा ने शेख अब्दुल्ला को ही अपने प्रतिनिधि के रूप में सहायता के लिए दिल्ली भेजा था। और इस तरह जिद पर अड़े हरि सिंह को विलय पत्र पर हस्ताक्षर के लिए राजी होना पड़ा।

कश्मीर को लेकर नेहरू का नजरिया

नेहरू विश्व राजनीति की गहरी समझ रखते थे। कोल्ड वॉर तो जारी ही था। उन्हें उससे आगे की भी चिंता थी। यही वजह थी कि वह कश्मीर को सिर्फ भारत-पाकिस्तान के सीमा विवाद के रूप में नहीं देखते थे।

तब कश्मीर एक ऐसा राज्य था जिसकी सीमाएं सोवियत संघ, चीन, अफगानिस्तान पाकिस्तान और भारत जैसे पांच बड़े देशों से जुड़ी थी। उन्हें कश्मीर की भौगोलिक स्थिति के गर्भ में छिपे वैश्विक राजनीति और युद्ध का अखाड़ा नजर आ रहा था। उन्हें आशंका थी कि अगर कश्मीर पाकिस्तान के हिस्से जाता है, तो अमेरिका उसे सोवियत संघ से भिड़ने का मंच बना देगा।

2 नवंबर 1947 को राष्ट्र के नाम संदेश देते हुए नेहरू ने कहा था, ”कश्मीर एक ऐसा भू-भाग है, जिसकी सीमाएं बड़े देशों को छूती हैं। इसलिए वहां हो रही गतिविधियों में हमें दिलचस्पी दिखानी चाहिए।”

ShareTweetSend
RK News

RK News

Related Posts

संसद में चौथे दिन भी हंगामा, NDA और INDIA गठबंधन आमने-सामने
समाचार

संसद में चौथे दिन भी हंगामा, NDA और INDIA गठबंधन आमने-सामने

July 23, 2026
पेपर लीक मामलों के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाएगी सरकार, राहुल गांधी ने पीएम मोदी पर साधा निशाना
समाचार

पेपर लीक मामलों के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाएगी सरकार, राहुल गांधी ने पीएम मोदी पर साधा निशाना

July 23, 2026
धर्मेंद्र प्रधान का राहुल गांधी पर हमला, कहा- छात्रों को राजनीतिक मोहरा बना रही कांग्रेस
समाचार

धर्मेंद्र प्रधान का राहुल गांधी पर हमला, कहा- छात्रों को राजनीतिक मोहरा बना रही कांग्रेस

July 22, 2026
CJP संसद मार्च पर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, लाठीचार्ज और आंसू गैस के गोले दागे गए
समाचार

मुंबई में NEET विरोध प्रदर्शन के बाद सैकड़ों युवाओं को व्हाट्सएप पर पुलिस नोटिस

July 22, 2026
राहुल गांधी हिरासत
समाचार

पीएम आवास के बाहर धरने से राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और अखिलेश यादव को हिरासत में लिया

July 21, 2026
CJP ने फिर संभाला जंतर-मंतर, संसद मार्च के बाद भी जारी रहेगा आंदोलन; पुलिस हाई अलर्ट पर
समाचार

CJP ने फिर संभाला जंतर-मंतर, संसद मार्च के बाद भी जारी रहेगा आंदोलन; पुलिस हाई अलर्ट पर

July 21, 2026
Next Post
केरल: हत्याकांड में RSS के 11 कार्यकर्ताओं को उम्रकैद

केरल: हत्याकांड में RSS के 11 कार्यकर्ताओं को उम्रकैद

धर्मांतरण क़ानूनन सही: जबरन करना बेहद गंभीर मुद्दा: SC

धर्मांतरण क़ानूनन सही: जबरन करना बेहद गंभीर मुद्दा: SC

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recommended Stories

दिल्ली वक्फ बोर्ड के चेयरमैन को पद से हटाने की एसीबी की एलजी से मांग

दिल्ली वक्फ बोर्ड के चेयरमैन को पद से हटाने की एसीबी की एलजी से मांग

August 10, 2022

आर-पार की लड़ाई :__प्रभु चावला

March 10, 2024

बांग्लादेश के साथ अडानी पावर डील की जाँच करेगी यूनुस सरकार

September 12, 2024

Popular Stories

  • दिल्ली में 1396 कॉलोनियां हैं अवैध, देखें इनमें आपका इलाका भी तो नहीं शामिल ?

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • मेवात के नूह में तनाव, 3 दिन इंटरनेट सेवा बंद, 600 परFIR

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • कौन हैं जामिया मिलिया इस्लामिया के नए चांसलर डॉक्टर सैय्यदना सैफुद्दीन?

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • NCERT Recruitment 2023 में नौकरी पाने का जबरदस्त मौका, कल से शुरू होगा आवेदन, जानें तमाम डिटेल

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • पकिस्तान के लिए जासूसी के आरोप में महिला यूट्यूबर ज्योति गिरफ्तार, पूछताछ में किए बड़े खुलासे

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • हमारे  पास ठोस सबूत नहीं, कनाडा  ने माना|भारत ने कहा- हमारे आरोपों की पुष्टि

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
Roznama Khabrein

The Roznama Khabrein advocates rule of law, human rights, minority rights, national interests, press freedom, and transparency on which the newspaper and newsportal has never compromised and will never compromise whatever the costs.

More... »

Recent Posts

  • संसद में चौथे दिन भी हंगामा, NDA और INDIA गठबंधन आमने-सामने
  • पेपर लीक मामलों के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाएगी सरकार, राहुल गांधी ने पीएम मोदी पर साधा निशाना
  • धर्मेंद्र प्रधान का राहुल गांधी पर हमला, कहा- छात्रों को राजनीतिक मोहरा बना रही कांग्रेस

Categories

  • Uncategorized
  • अन्य
  • एजुकेशन
  • देश-विदेश
  • पड़ताल
  • रोजनामा खबरें विशेष
  • विचार
  • समाचार
  • हेट क्राइम

Quick Links

  • About Us
  • Support Us
  • Terms & Conditions
  • Privacy Policy
  • Grievance
  • Contact Us

© 2021 Roznama Khabrein Hindi

No Result
View All Result
  • होम
  • समाचार
  • देश-विदेश
  • पड़ताल
  • एजुकेशन
  • विचार
  • हेट क्राइम
  • अन्य
  • रोजनामा खबरें विशेष
  • اردو

© 2021 Roznama Khabrein Hindi