Roznama Khabrein
No Result
View All Result
  • होम
  • समाचार
  • देश-विदेश
  • पड़ताल
  • एजुकेशन
  • विचार
  • हेट क्राइम
  • अन्य
  • रोजनामा खबरें विशेष
  • اردو
اردو
  • होम
  • समाचार
  • देश-विदेश
  • पड़ताल
  • एजुकेशन
  • विचार
  • हेट क्राइम
  • अन्य
  • रोजनामा खबरें विशेष
  • اردو
No Result
View All Result
No Result
View All Result
Home समाचार

सुप्रीम कोर्ट ने कहा: एससी/एसटी लोगों की हर बेइज्जती एससी/एसटी कानून के तहत अपराध नहीं

RK News by RK News
August 24, 2024
Reading Time: 1 min read
0

नई दिल्ली:सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को कहा कि अनुसूचित जाति (एससी) या अनुसूचित जनजाति (एसटी) के किसी सदस्य का “अपमान या धमकी” एससी और एसटी (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 के तहत अपराध नहीं है। ऐसे मामलों में पीड़ित का एससी-एसटी समुदाय से होना जरूरी है। अपने फैसले में, जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस मनोज मिश्रा की बेंच ने यह भी कहा कि अधिनियम की धारा 18 अदालतों को यह जांच करने की पावर पर पूर्ण प्रतिबंध नहीं लगाती है कि क्या प्रथम दृष्टया 1989 के अधिनियम के प्रावधानों को आकर्षित करने वाला मामला बनता है या नहीं।
बेंच ने कहा, “अदालतों को यह तय करने के लिए शुरुआती जांच करने से नहीं कतराना चाहिए कि क्या शिकायत/एफआईआर में तथ्यों का विवरण वास्तव में अधिनियम, 1989 के तहत अपराध के आवश्यक आवश्यक तत्वों का खुलासा करता है।”
अदालत का यह फैसला मलयालम यूट्यूब समाचार चैनल ‘मरुनादान मलयाली’ के संपादक शाजन स्कारिया को अग्रिम जमानत देने के मामले में आया है। शाजन स्कारिया पर केरल पुलिस ने सीपीआई (एम) विधायक पीवी श्रीनिजन के खिलाफ कथित अपमानजनक टिप्पणी करने के लिए मामला दर्ज किया था।
केरल हाईकोर्ट ने अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989, एर्नाकुलम डिवीजन के विशेष जज के अग्रिम जमानत देने से इनकार करने के आदेश को बरकरार रखने के बाद स्केरिया ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। विधायक ने स्कारिया पर अपने समाचार चैनल पर उनकी आलोचना करने वाला एक वीडियो अपलोड करने का आरोप लगाया था, जिसका उद्देश्य उन्हें आम जनता के बीच अपमानित करना और उनका मजाक उड़ाना था। चैनल ने यह जानते हुए भी कि विधायक पुलाया समुदाय के सदस्य हैं, जो अनुसूचित जाति हैं
अदालत ने कहा कि अधिनियम की धारा 3(1) (आर) सार्वजनिक रूप से एससी/एसटी के सदस्य को अपमानित करने के इरादे से या जानबूझकर अपमान या धमकी के इरादे से उसकी जाति की पहचान से निकटता से जुड़ा हुआ है। अदालत ने कहा-  “अधिनियम, 1989 का मतलब यह नहीं है कि किसी ऐसे व्यक्ति द्वारा, जो एससी या एसटी का सदस्य नहीं है, किसी एससी या एसटी का अपमान करता है या धमकी देता है, तो जरूरी नहीं हर कृत्य में धारा 3 (1) लगेगी।
विधायक श्रीनिजन द्वारा संदर्भित स्कारिया के वीडियो पर, अदालत ने कहा, “अपलोड किए गए वीडियो के कंटेंट में ऐसा कुछ भी नहीं है जो यह बताता हो कि अपीलकर्ता ने केवल इस तथ्य के आधार पर आरोप लगाए थे कि शिकायतकर्ता अनुसूचित जाति से है।” यानी यूट्यूबर ने अपना वीडियो विधायक की जाति की बेइज्जती करने के मकसद से नहीं बनाया था
जस्टिस पारदीवाला ने कहा कि “अधिनियम, 1989 की धारा 18 में कहा गया है कि किसी भी मामले में जिसमें अधिनियम के तहत अपराध करने के आरोप में किसी भी व्यक्ति की गिरफ्तारी शामिल है, अग्रिम जमानत का लाभ दिया जाएगा। सीआरपीसी की धारा 438 का लाभ आरोपी को नहीं मिलेगा। हमने धारा 18 के पाठ में आने वाली अभिव्यक्ति ‘किसी भी व्यक्ति की गिरफ्तारी’ के महत्व पर विचार-विमर्श किया है…और हमारा विचार है कि यह केवल उन मामलों में अग्रिम जमानत के उपाय पर रोक लगाता है जहां आरोपी व्यक्ति की वैध गिरफ्तारी हो सकती है।  सीआरपीसी की धारा 60ए में प्रावधान है कि सीआरपीसी या उस समय लागू किसी अन्य कानून के प्रावधानों और गिरफ्तारी के प्रावधान के अलावा कोई गिरफ्तारी नहीं की जाएगी। सीआरपीसी की धारा 41 पुलिस को उसमें निर्दिष्ट कुछ स्थितियों में बिना वारंट के गिरफ्तार करने की शक्ति प्रदान करती है।
हालाँकि, फैसले में कहा गया है, “यदि अधिनियम, 1989 के तहत अपराध से संबंधित आवश्यक सामग्री शिकायत या एफआईआर में लगाए गए आरोपों को पहली नजर में पढ़ने पर प्रकट नहीं होती है, तो ऐसी परिस्थितियों में, धारा 18 की रोक लागू नहीं होगी और अदालतें आरोपी व्यक्तियों को गिरफ्तारी से पहले जमानत देने से बिल्कुल नहीं रोकी जाएंगी। “पहली नजर में ही ऐसे मामले के अस्तित्व को तय करने की जिम्मेदारी अदालतों पर डाला गयी है ताकि यह तय किया जा सके कि आरोपी का कोई अनावश्यक अपमान न हो।”आभार:सत्य हिंदी

RELATED POSTS

पीएम आवास के बाहर धरने से राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और अखिलेश यादव को हिरासत में लिया

CJP ने फिर संभाला जंतर-मंतर, संसद मार्च के बाद भी जारी रहेगा आंदोलन; पुलिस हाई अलर्ट पर

NEET पेपर लीक पर पीएम मोदी का बड़ा बयान, कहा- “पेपर लीक रोकना…”

ShareTweetSend
RK News

RK News

Related Posts

राहुल गांधी हिरासत
समाचार

पीएम आवास के बाहर धरने से राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और अखिलेश यादव को हिरासत में लिया

July 21, 2026
CJP ने फिर संभाला जंतर-मंतर, संसद मार्च के बाद भी जारी रहेगा आंदोलन; पुलिस हाई अलर्ट पर
समाचार

CJP ने फिर संभाला जंतर-मंतर, संसद मार्च के बाद भी जारी रहेगा आंदोलन; पुलिस हाई अलर्ट पर

July 21, 2026
पीएम मोदी ने पुणे में तुकाराम महाराज मंदिर का किया उद्घाटन
समाचार

NEET पेपर लीक पर पीएम मोदी का बड़ा बयान, कहा- “पेपर लीक रोकना…”

July 21, 2026
शंभू बॉर्डर पर किसानों का दिल्ली मार्च रोका गया, भारत-अमेरिका ट्रेड डील के खिलाफ प्रदर्शन तेज
समाचार

शंभू बॉर्डर पर किसानों का दिल्ली मार्च रोका गया, भारत-अमेरिका ट्रेड डील के खिलाफ प्रदर्शन तेज

July 21, 2026
CJP संसद मार्च पर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, लाठीचार्ज और आंसू गैस के गोले दागे गए
समाचार

CJP संसद मार्च पर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, लाठीचार्ज और आंसू गैस के गोले दागे गए

July 20, 2026
CJP संसद मार्च के बीच सरकार की पहल, जेपी नड्डा से मिलने पहुंचे प्रतिनिधि
समाचार

CJP संसद मार्च के बीच सरकार की पहल, जेपी नड्डा से मिलने पहुंचे प्रतिनिधि

July 20, 2026
Next Post

वक्फ बिल:मुसलमानों का विरोध देखते हुए JDU ने पलटी मारी’ TDP भी बिल के विरोध मे उत्तरी

बांग्लादेश के मीडिया में भारत की नीति को बताया जा रहा है नाकाम

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recommended Stories

अयोध्या की कहानी, इन पत्रकारों की ज़ुबानी

अयोध्या की कहानी, इन पत्रकारों की ज़ुबानी

December 6, 2022

क्या के.सी. त्यागी द्वारा इजरायल को हथियारों की आपूर्ति रोकने के आह्वान के कारण उन्हें अपना पद गँवाना पड़ा?

September 5, 2024
रामपुर: 26 साल में सबसे कम वोट, मैनपुरी में भी आई कमी। क्या है वजह?

रामपुर: 26 साल में सबसे कम वोट, मैनपुरी में भी आई कमी। क्या है वजह?

December 6, 2022

Popular Stories

  • दिल्ली में 1396 कॉलोनियां हैं अवैध, देखें इनमें आपका इलाका भी तो नहीं शामिल ?

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • मेवात के नूह में तनाव, 3 दिन इंटरनेट सेवा बंद, 600 परFIR

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • कौन हैं जामिया मिलिया इस्लामिया के नए चांसलर डॉक्टर सैय्यदना सैफुद्दीन?

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • NCERT Recruitment 2023 में नौकरी पाने का जबरदस्त मौका, कल से शुरू होगा आवेदन, जानें तमाम डिटेल

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • पकिस्तान के लिए जासूसी के आरोप में महिला यूट्यूबर ज्योति गिरफ्तार, पूछताछ में किए बड़े खुलासे

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • हमारे  पास ठोस सबूत नहीं, कनाडा  ने माना|भारत ने कहा- हमारे आरोपों की पुष्टि

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
Roznama Khabrein

The Roznama Khabrein advocates rule of law, human rights, minority rights, national interests, press freedom, and transparency on which the newspaper and newsportal has never compromised and will never compromise whatever the costs.

More... »

Recent Posts

  • पीएम आवास के बाहर धरने से राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और अखिलेश यादव को हिरासत में लिया
  • CJP ने फिर संभाला जंतर-मंतर, संसद मार्च के बाद भी जारी रहेगा आंदोलन; पुलिस हाई अलर्ट पर
  • NEET पेपर लीक पर पीएम मोदी का बड़ा बयान, कहा- “पेपर लीक रोकना…”

Categories

  • Uncategorized
  • अन्य
  • एजुकेशन
  • देश-विदेश
  • पड़ताल
  • रोजनामा खबरें विशेष
  • विचार
  • समाचार
  • हेट क्राइम

Quick Links

  • About Us
  • Support Us
  • Terms & Conditions
  • Privacy Policy
  • Grievance
  • Contact Us

© 2021 Roznama Khabrein Hindi

No Result
View All Result
  • होम
  • समाचार
  • देश-विदेश
  • पड़ताल
  • एजुकेशन
  • विचार
  • हेट क्राइम
  • अन्य
  • रोजनामा खबरें विशेष
  • اردو

© 2021 Roznama Khabrein Hindi