नई दिल्ली: NEET पेपर लीक विवाद को लेकर जंतर-मंतर पर चल रहे युवाओं और छात्रों के विशाल आंदोलन के बीच बड़ी खबर सामने आई है। भारी दबाव के बाद केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को युवा और Gen-Z आंदोलनकारी अपनी पहली बड़ी जीत मान रहे हैं। हालांकि, कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने साफ कर दिया है कि जब तक उनकी सभी प्रमुख मांगें सरकार की ओर से लिखित में पूरी नहीं की जातीं, तब तक उनका प्रदर्शन खत्म नहीं होगा।
CJP की दो टूक: ‘जब तक लिखित में आश्वासन नहीं, तब तक आंदोलन जारी’
शिक्षा मंत्री के इस्तीफे के बाद CJP के प्रतिनिधियों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस और सोशल मीडिया के जरिए अपनी भावी रणनीति स्पष्ट की।
CJP के प्रवक्ताओं सौरव दास (Saurav Das) और आशुतोष रंका (Ashutosh Ranka) ने बताया कि सरकार के साथ हुई वार्ता में उनकी तीन मुख्य मांगों में से दो पर सकारात्मक संकेत मिले थे, लेकिन शिक्षा मंत्री का इस्तीफा सबसे प्रमुख मुद्दा बना हुआ था। अब धर्मेंद्र प्रधान के पद छोड़ने के बाद CJP ने कहा कि केवल मौखिक वादों पर आंदोलन खत्म नहीं किया जाएगा। जब तक केंद्र सरकार सभी मांगों पर लिखित आदेश जारी नहीं करती, तब तक छात्र जंतर-मंतर से नहीं हटेंगे।
केंद्र सरकार और CJP के बीच तीसरे दौर की बैठक
CJP प्रतिनिधियों और केंद्र सरकार के बीच आज तीसरे दौर की अहम बैठक होने जा रही है। इससे पहले की बैठकों में सरकार ने स्पष्ट किया था कि वह छात्रों के हितों की रक्षा और भविष्य में किसी भी परीक्षा में धांधली रोकने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
बैठक के दौरान केंद्र सरकार ने छात्रों के खिलाफ दर्ज मामलों को वापस लेने और प्रभावित परिवारों को राहत देने जैसे विषयों पर सहमति के संकेत दिए हैं।









