Roznama Khabrein
No Result
View All Result
  • होम
  • समाचार
  • देश-विदेश
  • पड़ताल
  • एजुकेशन
  • विचार
  • हेट क्राइम
  • अन्य
  • रोजनामा खबरें विशेष
  • اردو
اردو
  • होम
  • समाचार
  • देश-विदेश
  • पड़ताल
  • एजुकेशन
  • विचार
  • हेट क्राइम
  • अन्य
  • रोजनामा खबरें विशेष
  • اردو
No Result
View All Result
No Result
View All Result
Home समाचार

उत्तराखंड के समान नागरिक संहिता विधायक पर भड़के जमीयत के प्रमुख अरशद मदनी, कहा संविधान की धार्मिक स्वतंत्रता से टकराता है यह कानून।

RK News by RK News
February 6, 2024
Reading Time: 1 min read
0

नई दिल्ली/देवबंद: उत्तराखंड की भाजपा सरकार द्वारा समान नागरिक संहिता लागू किए जाने को लेकर जमीयत उलेमा ए हिंद के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना सैयद अरशद मदीने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि हम किसी ऐसे कानून को स्वीकार नहीं करेंगे जो शरीयत के खिलाफ हो, क्योंकि मुसलमान हर चीज से समझौता कर सकता है लेकिन शरीयत में छेड़छाड़ से समझौता नहीं किया जा सकता है, देश संविधान से चल रहा है और यहां पहले से सारे कानून मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि आज उत्तराखंड विधानसभा में समान नागरिक संहिता (UCC) पेश किया गया,  जिसमें अनुसूचित जनजातियों को संविधान के अनुच्छेद जो 366ए अध्याय 25ए उपधारा 342 के तहत नए कानून से छूट दी गई है और यह तर्क दिया गया है कि संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत उन के अधिकारों को सुरक्षा प्रदान की गई है।
मौलाना मदनी ने सवाल उठाया  कि यदि संविधान की एक धारा के तहत अनुसूचित जनजातियों को इस कानून से अलग रखा जा सकता है तो हमें संविधान की धारा 25 और 26 के तहत धार्मिक आज़ादी क्यों नहीं दी जा सकती? जिसमें नागरिकों के मौलिक अधिकारों को मान्यता देकर धार्मिक स्वतंत्रता की गारंटी दी गई है, यदि यह समान नागरिक संहिता है तो फिर नागरिकों के बीच यह भेदभाव क्यों? 
मौलाना ने कहा कि सवाल मुस्लिम पर्सनल लॉ का नहीं है बोल के देश के धर्मनिरपेक्ष संविधान को बाकी रखने का है, संविधान का कोई धर्म नहीं है, इसलिए समान नागरिक संहिता मुसलमानों के लिए ना काबिल ए कबूल है और ये देश की एकता और अखण्डता के लिए भी हानिकारक है। संविधान में धार्मिक आजादी दी गई है, इस तरह देखा जाए तो समान नागरिक संहिता मूल अधिकारों को नकारता है, फिर भी हमारी सरकार कहती है कि एक देश में एक कानून होगा और यह कि एक घर में दो कानून नहीं हो सकते, यह अजीब बात है, हमारे यहां की आईपीसी और सीआरपीसी की धाराएं भी पूरे देश में समान नहीं हैं, राज्यों में इसका आकार तबदील हो जाता है, देश में गौहत्या का कानून भी समान नहीं है, जो कानून है वो पांच राज्यों में लागू नहीं है। देश में आरक्षण के सम्बंध में सुप्रीम कोर्ट ने इसकी सीमा 50 प्रतिशत तय की है लेकिन विभिन्न राज्यों में 50 प्रतिशत से अधिक आरक्षण दिया गया है। उन्होंने सवाल किया कि जब 
पूरे देश में सिविल लाॅ एक नहीं है तो फिर देश भर में एक फैमिली लाॅ लागू करने पर ज़ोर क्यों? हमारा देश बहु-सांस्कृतिक और बहु-धार्मिक देश है, यही उसकी विशेषता भी है। इसलिए यहां एक कानून नहीं चल सकता। जो लोग धारा 44 का आँख बंद कर के समर्थन करते हैं वह यह भूल जाते हैं कि इसी धारा के अंतर्गत यह मश्वरा भी दिया गया है कि पूरे देश में शराब पर पाबंदी लगाई जाए, अमीर गरीब के बीच की खाई को समाप्त किया जाए, सरकार यह काम क्यों नहीं करती? क्या यह जरूरी नहीं? सवाल यह है कि जिन बातों पर किसी का विरोध नहीं और जो सब के लिए स्वीकार्य हो सकता है, सरकार उसे करने से भागती क्यों है? दूसरी ओर जो चीज़ें विवादास्पद हैं उसे मुद्दा बना कर संविधान का लेबल लगा दिया जाता है।
मौलाना मदनी ने कहा कि हम यह स्पष्ट कर देना चाहते हैं कि हमारे जो फैमिली लाॅ हैं वो इन्सानों का बनाया कानून नहीं है, वो कुरआन और हदीस द्वारा बनाया गया है, इस पर न्यायशास्त्रीय बहस तो हो सकती है, लेकिन मूल सिद्धांतों पर हमारे यहां कोई मतभेद नहीं। मौलाना मदनी ने कहा कि यह कहना बिलकुल सही मालूम होता है कि समान नागरिक संहिता लागू करना नागरिकों की धार्मिक स्वतंत्रता पर आघात लगाने की एक सोची समझी साजिश है। उन्होंने यह भी कहा कि सांप्रदायिक ताकतें भावुक एवं धार्मिक मुद्दे खड़े करके देश के अल्पसंख्यकों विशेषकर मुसलमानों को निरंतर भय और अराजकता में रखना चाहती है लेकिन मुसलमानों को किसी भी तरह के भय और अराजकता में नहीं रहना चाहिए। देश में जब तक न्याय-प्रिय लोग बाक़ी हैं उनको साथ लेकर जमीअत उलमा-ए-हिंद उन ताक़तों के खिलाफ अपना संघर्ष जारी रखेगी, जो देश की एकता और अखण्डता के लिए ना केवल एक बड़ा खतरा है बल्कि समाज को भेदभाव के आधार पर बांटने वाली भी हैं। 
समीर चौधरी

RELATED POSTS

‘रुबियो ने अपने कर्मचारी को मुंबई बुलाया’, जयशंकर की मुलाकात पर राहुल गांधी का तंज

सौरव दास और अशुतोष रांका की गिरफ्तारी पर राहुल गांधी और AISA ने जताया विरोध

प्रेस की आजादी पर बहस तेज , दिल्ली में पत्रकारों पर पुलिस की कार्रवाई के गंभीर आरोप; 20 से ज्यादा पत्रकारों ने उठाए सवाल

ShareTweetSend
RK News

RK News

Related Posts

‘रुबियो ने अपने कर्मचारी को मुंबई बुलाया’, जयशंकर की मुलाकात पर राहुल गांधी का तंज
समाचार

‘रुबियो ने अपने कर्मचारी को मुंबई बुलाया’, जयशंकर की मुलाकात पर राहुल गांधी का तंज

October 17, 2026
सौरव दास और अशुतोष रांका की गिरफ्तारी पर राहुल गांधी और AISA ने जताया विरोध
समाचार

सौरव दास और अशुतोष रांका की गिरफ्तारी पर राहुल गांधी और AISA ने जताया विरोध

October 14, 2026
प्रेस की आजादी पर बहस तेज , दिल्ली में पत्रकारों पर पुलिस की कार्रवाई के गंभीर आरोप; 20 से ज्यादा पत्रकारों ने उठाए सवाल
समाचार

प्रेस की आजादी पर बहस तेज , दिल्ली में पत्रकारों पर पुलिस की कार्रवाई के गंभीर आरोप; 20 से ज्यादा पत्रकारों ने उठाए सवाल

October 13, 2026
जंतर-मंतर में घुसने की कोशिश के बाद CJP नेता सौरव दास और आशुतोष रंका फिर हिरासत में
समाचार

जंतर-मंतर में घुसने की कोशिश के बाद CJP नेता सौरव दास और आशुतोष रंका फिर हिरासत में

October 13, 2026
ज्ञानेश कुमार के खिलाफ CJP का प्रदर्शन तेज; ट्रेनों पर रोक, हज़ारों युवा हिरासत में
समाचार

ज्ञानेश कुमार के खिलाफ CJP का प्रदर्शन तेज; ट्रेनों पर रोक, हज़ारों युवा हिरासत में

October 9, 2026
ज्ञानेश कुमार के खिलाफ तीसरे दिन भी विपक्ष का प्रदर्शन, देशभर में SIR पर घमासान; क्या है पूरा विवाद?
समाचार

ज्ञानेश कुमार के खिलाफ तीसरे दिन भी विपक्ष का प्रदर्शन, देशभर में SIR पर घमासान; क्या है पूरा विवाद?

October 8, 2026
Next Post

यूसीसी: बीजेपी ने समान नागरिक संहिता के लिए उत्तराखंड को क्यों चुना?
एक नज़रिया :अनंत प्रकाश

पाकिस्तान में मतदान जारी ; इंटरनेट सेवा सस्पेंड, कानून-व्यवस्था का हवाला

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recommended Stories

मैरीकॉम जीत के साथ दूसरे दौर में पहुंचीं

मैरीकॉम जीत के साथ दूसरे दौर में पहुंचीं

July 25, 2021

Umesh Pal Murder Case: अतीक अहमद के एक बेटे की एक-दो दिन में कर दी जाएगी हत्या, सपा नेता रामगोपाल यादव का दावा

March 7, 2023
आबकारी पॉलिसी: ED की चार्जशीट में सिसोदिया, संजय सिंह का भी नाम

आबकारी पॉलिसी: ED की चार्जशीट में सिसोदिया, संजय सिंह का भी नाम

December 21, 2022

Popular Stories

  • दिल्ली में 1396 कॉलोनियां हैं अवैध, देखें इनमें आपका इलाका भी तो नहीं शामिल ?

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • हमारे  पास ठोस सबूत नहीं, कनाडा  ने माना|भारत ने कहा- हमारे आरोपों की पुष्टि

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • मेवात के नूह में तनाव, 3 दिन इंटरनेट सेवा बंद, 600 परFIR

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • कौन हैं जामिया मिलिया इस्लामिया के नए चांसलर डॉक्टर सैय्यदना सैफुद्दीन?

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • NCERT Recruitment 2023 में नौकरी पाने का जबरदस्त मौका, कल से शुरू होगा आवेदन, जानें तमाम डिटेल

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • पकिस्तान के लिए जासूसी के आरोप में महिला यूट्यूबर ज्योति गिरफ्तार, पूछताछ में किए बड़े खुलासे

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
Roznama Khabrein

The Roznama Khabrein advocates rule of law, human rights, minority rights, national interests, press freedom, and transparency on which the newspaper and newsportal has never compromised and will never compromise whatever the costs.

More... »

Recent Posts

  • ‘रुबियो ने अपने कर्मचारी को मुंबई बुलाया’, जयशंकर की मुलाकात पर राहुल गांधी का तंज
  • सौरव दास और अशुतोष रांका की गिरफ्तारी पर राहुल गांधी और AISA ने जताया विरोध
  • प्रेस की आजादी पर बहस तेज , दिल्ली में पत्रकारों पर पुलिस की कार्रवाई के गंभीर आरोप; 20 से ज्यादा पत्रकारों ने उठाए सवाल

Categories

  • Uncategorized
  • अन्य
  • एजुकेशन
  • देश-विदेश
  • पड़ताल
  • रोजनामा खबरें विशेष
  • विचार
  • समाचार
  • हेट क्राइम

Quick Links

  • About Us
  • Support Us
  • Terms & Conditions
  • Privacy Policy
  • Grievance
  • Contact Us

© 2021 Roznama Khabrein Hindi

No Result
View All Result
  • होम
  • समाचार
  • देश-विदेश
  • पड़ताल
  • एजुकेशन
  • विचार
  • हेट क्राइम
  • अन्य
  • रोजनामा खबरें विशेष
  • اردو

© 2021 Roznama Khabrein Hindi