Roznama Khabrein
No Result
View All Result
  • होम
  • समाचार
  • देश-विदेश
  • पड़ताल
  • एजुकेशन
  • विचार
  • हेट क्राइम
  • अन्य
  • रोजनामा खबरें विशेष
  • اردو
اردو
  • होम
  • समाचार
  • देश-विदेश
  • पड़ताल
  • एजुकेशन
  • विचार
  • हेट क्राइम
  • अन्य
  • रोजनामा खबरें विशेष
  • اردو
No Result
View All Result
No Result
View All Result
Home समाचार

Iran US Conflict: जून ट्रूस पर लौटना चाहता है ईरान, ट्रंप ने दी और कड़े जवाब की चेतावनी

RK News by RK News
September 2, 2026
Reading Time: 1 min read
0
Iran US Conflict: जून ट्रूस पर लौटना चाहता है ईरान, ट्रंप ने दी और कड़े जवाब की चेतावनी

नई दिल्ली: अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य तनाव एक बार फिर बढ़ने के बीच तेहरान ने जून में हुए अंतरिम समझौते और ट्रूस की ओर लौटने का संकेत दिया है। ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने कहा है कि अगर अमेरिका जून में किए गए समझौते के तहत अपनी प्रतिबद्धताओं का सम्मान करता है तो ईरान भी तुरंत उसी के अनुरूप कदम उठाने के लिए तैयार है। दूसरी ओर, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान की हालिया जवाबी कार्रवाई के बाद चेतावनी दी है कि यदि ईरान ने दोबारा हमला किया तो अमेरिका पहले से कहीं ज्यादा कड़ा जवाब दे सकता है। इससे एक तरफ बातचीत और तनाव कम करने की संभावना दिखाई दे रही है, वहीं दूसरी तरफ सैन्य टकराव बढ़ने का खतरा भी बना हुआ है।

RELATED POSTS

रूसी तेल खरीदने पर भारत पर 100% टैरिफ का खतरा, अमेरिका में प्रतिबंध वाला बिल आगे बढ़ा

हूतियों का सऊदी अरब पर मिसाइल-ड्रोन हमला, मक्का की ओर ड्रोन भेजने से इनकार; बढ़ा तनाव

गुरुग्राम में महिला बाइकर का पीछा, ‘दूर रहो’ कहने पर कार से मारी टक्कर

ईरान ने जून के समझौते पर लौटने की इच्छा जताई

ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने कहा कि उनका देश शांति और बातचीत के रास्ते को खुला रखना चाहता है। उनका कहना है कि अगर अमेरिका जून में हुए अंतरिम समझौते में अपनी जिम्मेदारियां पूरी करता है तो ईरान भी तुरंत उसका पालन करेगा। पेजेशकियन ने यह बयान ऐसे समय दिया है जब दोनों देशों के बीच हालिया सैन्य कार्रवाई के बाद तनाव फिर से बढ़ गया है।

जून में हुआ समझौता संघर्ष को रोकने और आगे की बातचीत का रास्ता तैयार करने के उद्देश्य से किया गया था। हालांकि, बाद में दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर समझौते की शर्तों का उल्लंघन करने के आरोप लगाए और उसके बाद तनाव दोबारा बढ़ता गया।

अमेरिका की चेतावनी- दोबारा हमला हुआ तो जवाब और कड़ा होगा

ईरान के इस संकेत के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का रुख बेहद सख्त बना हुआ है। हालिया घटनाक्रम के बाद ट्रंप ने ईरान को चेतावनी दी है कि अगर उसकी ओर से अमेरिकी ठिकानों या अन्य लक्ष्यों पर फिर हमला किया गया तो अमेरिका और ज्यादा ताकत के साथ जवाब देगा।

अमेरिका और ईरान के बीच हालिया टकराव उस समय तेज हुआ जब अमेरिका ने ईरान के लारक द्वीप पर हमला किया। अमेरिकी पक्ष का दावा था कि वहां ईरानी बल रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य में समुद्री बारूदी सुरंगें बिछाने की तैयारी कर रहे थे। इसके बाद ईरान ने जॉर्डन में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाते हुए मिसाइल हमले किए।

जून ट्रूस के बाद फिर क्यों बिगड़े हालात?

जून का अंतरिम समझौता अमेरिका और ईरान के बीच संघर्ष को रोकने की कोशिश था, लेकिन इसके क्रियान्वयन को लेकर दोनों पक्षों के बीच मतभेद लगातार बने रहे। जुलाई में भी दोनों देशों के बीच फिर हमले हुए और एक-दूसरे पर समझौते की शर्तों को तोड़ने के आरोप लगाए गए। इसके बाद बातचीत का रास्ता और मुश्किल होता गया।

ईरान की ओर से अब यह संकेत देना कि वह जून के समझौते पर वापस जाने के लिए तैयार है, इस बात का संकेत माना जा रहा है कि तेहरान कम से कम कूटनीतिक विकल्प को पूरी तरह बंद नहीं करना चाहता। हालांकि, इसके लिए अमेरिका की ओर से भी समझौते की शर्तों को स्वीकार करना और उनका पालन करना जरूरी होगा।

होर्मुज जलडमरूमध्य बना सबसे बड़ा विवाद

अमेरिका और ईरान के बीच तनाव का सबसे महत्वपूर्ण मुद्दा होर्मुज जलडमरूमध्य भी है। यह दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा मार्गों में से एक है और इसके आसपास किसी भी सैन्य टकराव का असर केवल दोनों देशों तक सीमित नहीं रहता।

ईरानी राष्ट्रपति पेजेशकियन ने कहा है कि अगर अमेरिका समझौते का पालन करता है तो ईरान भी अपनी ओर से कदम उठाएगा और होर्मुज के जरिए मुक्त नौवहन सुनिश्चित करने की दिशा में आगे बढ़ेगा। दूसरी ओर, अमेरिका ईरान से जलडमरूमध्य को खुला रखने और जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग कर रहा है।

क्या फिर शुरू हो सकती है अमेरिका-ईरान बातचीत?

मौजूदा बयानों से संकेत मिलता है कि बातचीत की संभावना पूरी तरह खत्म नहीं हुई है। ईरान खुले तौर पर कह रहा है कि वह जून के समझौते की ओर लौटने को तैयार है, बशर्ते अमेरिका अपनी प्रतिबद्धताओं का पालन करे। लेकिन अमेरिका का रुख फिलहाल दबाव और सैन्य ताकत दोनों पर आधारित दिखाई दे रहा है।

हालिया घटनाक्रम में अमेरिका ने ईरान के सैन्य ठिकानों, एयर डिफेंस सिस्टम, रडार और अन्य सैन्य क्षमताओं को निशाना बनाया है। इसके जवाब में ईरान ने अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए हैं। इस स्थिति में किसी भी नई सैन्य कार्रवाई से बातचीत की संभावनाओं को बड़ा झटका लग सकता है।

ट्रंप बनाम पेजेशकियन: दबाव और बातचीत साथ-साथ

मौजूदा स्थिति में दोनों देशों के संदेशों में एक स्पष्ट विरोधाभास दिखाई देता है। ईरान बातचीत और जून के समझौते पर लौटने की संभावना की बात कर रहा है, लेकिन साथ ही अपनी सैन्य कार्रवाई को अमेरिकी हमलों का जवाब बता रहा है। दूसरी ओर, ट्रंप एक तरफ ईरान को भारी सैन्य प्रतिक्रिया की चेतावनी दे रहे हैं, जबकि पूर्ण युद्ध की संभावना को लेकर अमेरिकी रुख भी लगातार बदलता दिखाई दे रहा है।

यानी फिलहाल अमेरिका और ईरान के बीच स्थिति न तो पूरी तरह युद्ध की दिशा में तय हो चुकी है और न ही शांति की ओर लौटने का रास्ता साफ हुआ है। आने वाले दिनों में यह काफी हद तक इस बात पर निर्भर करेगा कि दोनों पक्ष जून के समझौते की शर्तों को लेकर किस स्तर तक समझौता करने को तैयार होते हैं।

आगे क्या होगा?

ईरान का जून के अंतरिम समझौते पर लौटने का संकेत कूटनीतिक रास्ते के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर हो सकता है, लेकिन हालिया सैन्य टकराव ने भरोसे की कमी को और गहरा कर दिया है। अमेरिका अगर ईरान की अगली कार्रवाई को नए हमले के रूप में देखता है तो सैन्य प्रतिक्रिया और तेज हो सकती है। वहीं, ईरान पर आर्थिक और सैन्य दबाव बढ़ने की स्थिति में तेहरान के लिए भी बातचीत की जरूरत बढ़ सकती है। इसलिए फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या दोनों देश सैन्य जवाबी कार्रवाई को रोककर जून के समझौते की शर्तों पर वापस आने का रास्ता खोज पाएंगे या फिर नई सैन्य कार्रवाई क्षेत्र को एक और बड़े संघर्ष की ओर धकेल देगी। होर्मुज जलडमरूमध्य, तेल आपूर्ति और क्षेत्रीय अमेरिकी सैन्य ठिकाने इस पूरे संकट के सबसे संवेदनशील बिंदु बने हुए हैं।

Tags: Donald TrumpIran CeasefireIran US ConflictIran WarJune TruceMasoud PezeshkianMiddle East CrisisStrait of HormuzUS Iran Tensions
ShareTweetSend
RK News

RK News

Related Posts

रूसी तेल खरीदने पर भारत पर 100% टैरिफ का खतरा, अमेरिका में प्रतिबंध वाला बिल आगे बढ़ा
समाचार

रूसी तेल खरीदने पर भारत पर 100% टैरिफ का खतरा, अमेरिका में प्रतिबंध वाला बिल आगे बढ़ा

September 16, 2026
हूतियों का सऊदी अरब पर मिसाइल-ड्रोन हमला, मक्का की ओर ड्रोन भेजने से इनकार; बढ़ा तनाव
समाचार

हूतियों का सऊदी अरब पर मिसाइल-ड्रोन हमला, मक्का की ओर ड्रोन भेजने से इनकार; बढ़ा तनाव

September 16, 2026
गुरुग्राम में महिला बाइकर का पीछा, ‘दूर रहो’ कहने पर कार से मारी टक्कर
समाचार

गुरुग्राम में महिला बाइकर का पीछा, ‘दूर रहो’ कहने पर कार से मारी टक्कर

September 14, 2026
मोहसिन नकवी को फिर ट्रॉफी देने से भारत का इनकार, BCCI के फैसले के बावजूद क्यों पहुंचे मंच पर?
समाचार

मोहसिन नकवी को फिर ट्रॉफी देने से भारत का इनकार, BCCI के फैसले के बावजूद क्यों पहुंचे मंच पर?

September 14, 2026
“UCC सभी एनडीए शासित राज्यों में 2029 लोकसभा चुनाव से पहले लागू होगा”… अमित शाह का बड़ा ऐलान,
समाचार

“UCC सभी एनडीए शासित राज्यों में 2029 लोकसभा चुनाव से पहले लागू होगा”… अमित शाह का बड़ा ऐलान,

September 14, 2026
ED रेड के बाद हरीश रावत ने कांग्रेस के पद से इस्तीफा दिया ; बोले- पार्टी की लड़ाई कमजोर नहीं होनी चाहिए
समाचार

ED रेड के बाद हरीश रावत ने कांग्रेस के पद से इस्तीफा दिया ; बोले- पार्टी की लड़ाई कमजोर नहीं होनी चाहिए

September 12, 2026
Next Post
नेपाल की बाढ़ से बिहार पहुंची अज्ञात मछलियां, सरकार ने जारी की स्वास्थ्य चेतावनी

नेपाल की बाढ़ से बिहार पहुंची अज्ञात मछलियां, सरकार ने जारी की स्वास्थ्य चेतावनी

SIR विवाद बढ़ा: पंजाब में राघव चड्ढा का नाम कटा,’‘Permanently Shifted’ में चड्ढा का नाम दर्ज

SIR विवाद बढ़ा: पंजाब में राघव चड्ढा का नाम कटा,'‘Permanently Shifted’ में चड्ढा का नाम दर्ज

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recommended Stories

सहारनपुर कलेक्ट्रेट की मस्जिद पर चला बुलडोजर, सपा सांसद इकरा हसन हाउस अरेस्ट

सहारनपुर कलेक्ट्रेट की मस्जिद पर चला बुलडोजर, सपा सांसद इकरा हसन हाउस अरेस्ट

September 5, 2026

PFI पर कार्रवाई की SIO ने भर्त्सना की

September 22, 2022

बिहार: महागठबंधन में फूट! इन 8 सीटों पर “friendly figh”होगी

October 18, 2025

Popular Stories

  • दिल्ली में 1396 कॉलोनियां हैं अवैध, देखें इनमें आपका इलाका भी तो नहीं शामिल ?

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • मेवात के नूह में तनाव, 3 दिन इंटरनेट सेवा बंद, 600 परFIR

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • हमारे  पास ठोस सबूत नहीं, कनाडा  ने माना|भारत ने कहा- हमारे आरोपों की पुष्टि

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • कौन हैं जामिया मिलिया इस्लामिया के नए चांसलर डॉक्टर सैय्यदना सैफुद्दीन?

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • NCERT Recruitment 2023 में नौकरी पाने का जबरदस्त मौका, कल से शुरू होगा आवेदन, जानें तमाम डिटेल

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • पकिस्तान के लिए जासूसी के आरोप में महिला यूट्यूबर ज्योति गिरफ्तार, पूछताछ में किए बड़े खुलासे

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
Roznama Khabrein

The Roznama Khabrein advocates rule of law, human rights, minority rights, national interests, press freedom, and transparency on which the newspaper and newsportal has never compromised and will never compromise whatever the costs.

More... »

Recent Posts

  • रूसी तेल खरीदने पर भारत पर 100% टैरिफ का खतरा, अमेरिका में प्रतिबंध वाला बिल आगे बढ़ा
  • हूतियों का सऊदी अरब पर मिसाइल-ड्रोन हमला, मक्का की ओर ड्रोन भेजने से इनकार; बढ़ा तनाव
  • गुरुग्राम में महिला बाइकर का पीछा, ‘दूर रहो’ कहने पर कार से मारी टक्कर

Categories

  • Uncategorized
  • अन्य
  • एजुकेशन
  • देश-विदेश
  • पड़ताल
  • रोजनामा खबरें विशेष
  • विचार
  • समाचार
  • हेट क्राइम

Quick Links

  • About Us
  • Support Us
  • Terms & Conditions
  • Privacy Policy
  • Grievance
  • Contact Us

© 2021 Roznama Khabrein Hindi

No Result
View All Result
  • होम
  • समाचार
  • देश-विदेश
  • पड़ताल
  • एजुकेशन
  • विचार
  • हेट क्राइम
  • अन्य
  • रोजनामा खबरें विशेष
  • اردو

© 2021 Roznama Khabrein Hindi