तेहरान: अमेरिका और इज़रायल के हमलों में मारे गए ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार की रस्में शनिवार को पूरे राजकीय सम्मान के साथ शुरू हो गईं। राजधानी तेहरान की सड़कों पर लाखों लोगों का जनसैलाब उमड़ पड़ा। देशभर से आए लोग अपने नेता को अंतिम विदाई देने के लिए बड़ी संख्या में अंतिम यात्रा में शामिल हुए।
तेहरान में शोक का माहौल, परिवार के सदस्य भी हुए सुपुर्द-ए-खाक
अंतिम यात्रा के दौरान अयातुल्ला खामेनेई का ताबूत ईरान के राष्ट्रीय ध्वज में लिपटा हुआ था, जिसके ऊपर उनकी पहचान मानी जाने वाली काली पगड़ी रखी गई थी। उनके साथ उन परिजनों के ताबूत भी मौजूद थे, जिनकी मौत हालिया हमलों में हुई थी। इनमें उनकी 14 महीने की पोती का ताबूत भी शामिल था। पूरे समारोह के दौरान शोकाकुल माहौल देखने को मिला और बड़ी संख्या में लोगों की आंखें नम थीं।
ईरानी अधिकारियों का दावा है कि अगले कुछ दिनों में अंतिम दर्शन के लिए 1.5 से 2 करोड़ लोगों के तेहरान पहुंचने की संभावना है, जिससे यह देश के सबसे बड़े राजकीय अंतिम संस्कारों में शामिल हो सकता है।

ट्रंप के बयान पर छिड़ा विवाद
उधर, अमेरिका के 250वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने खामेनेई के अंतिम संस्कार को लेकर टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि अमेरिका ने ईरान को “बुरी तरह हराया” और अब वह समझौता करना चाहता है। ट्रंप ने यह भी कहा कि अमेरिका ने ईरान को अंतिम संस्कार के लिए “एक सप्ताह का समय” दिया क्योंकि “हम अच्छे हैं।”
ट्रंप के इस बयान के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई राजनीतिक बहस शुरू हो गई है। हालांकि ईरान की ओर से उनके बयान पर तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।










