Roznama Khabrein
No Result
View All Result
  • होम
  • समाचार
  • देश-विदेश
  • पड़ताल
  • एजुकेशन
  • विचार
  • हेट क्राइम
  • अन्य
  • रोजनामा खबरें विशेष
  • اردو
اردو
  • होम
  • समाचार
  • देश-विदेश
  • पड़ताल
  • एजुकेशन
  • विचार
  • हेट क्राइम
  • अन्य
  • रोजनामा खबरें विशेष
  • اردو
No Result
View All Result
No Result
View All Result
Home समाचार

भारत की जेलें: क्षमता से ज्यादा कैदी, 10 में से आठ विचाराधीन- रिपोर्ट

RK News by RK News
September 14, 2022
Reading Time: 1 min read
0
भारत की जेलें: क्षमता से ज्यादा कैदी, 10 में से आठ विचाराधीन- रिपोर्ट

नई दिल्ली: देश की जेलों में बंद 10 में से करीब आठ कैदी विचाराधीन हैं यानी उन्हें मुकदमे का इंतजार है. वहीं, क्षमता से अधिक कैदियों के संदर्भ में बात करें तो 2020 की तुलना में 2021 में जेल का ऑक्यूपेंसी रेट 118 प्रतिशत से बढ़कर 130 हो गया है. इंडिया जस्टिस रिपोर्ट (आईजेआर) की तरफ से जेल के आंकड़ों के विश्लेषण में कुछ ऐसी ही तस्वीर उभरकर सामने आई है.

RELATED POSTS

रूसी तेल खरीदने पर भारत पर 100% टैरिफ का खतरा, अमेरिका में प्रतिबंध वाला बिल आगे बढ़ा

हूतियों का सऊदी अरब पर मिसाइल-ड्रोन हमला, मक्का की ओर ड्रोन भेजने से इनकार; बढ़ा तनाव

गुरुग्राम में महिला बाइकर का पीछा, ‘दूर रहो’ कहने पर कार से मारी टक्कर

आईजेआर एक स्वतंत्र वार्षिक अध्ययन है, जिसमें सरकारी आंकड़ों का विश्लेषण कर यह पता लगाया गया है कि न्याय मुहैया कराने के मामले में कौन-सा राज्य किस स्थिति में है. रिपोर्ट न्याय क्षेत्र में सुधार की दिशा में काम कर रहे संगठनों की तरफ से तैयार की गई है. इनमें सेंटर फॉर सोशल जस्टिस, कॉमन कॉज, कॉमनवेल्थ ह्यूमन राइट्स इनिशिएटिव, दक्ष, टिस-प्रयास, विधि सेंटर फॉर लीगल पॉलिसी और हाउ इंडिया लाइव्स आदि शामिल हैं.

इंडियन जस्टिस रिपोर्ट में विश्लेषण के लिए भारत की जेलों पर प्रिजन स्टेटिस्टिक इंडिया (पीएसआई) की तरफ से जारी 2021 का डेटा इस्तेमाल किया गया है. पीएसआई राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) की तरफ से की जाने वाली एक वार्षिक समीक्षा है.

2020 की तुलना में 2021 में गिरफ्तार लोगों की संख्या 7.7 लाख तक बढ़ी है. 2021 में जहां 1.47 करोड़ लोगों को गिरफ्तार किया गया, वहीं 2020 में विभिन्न मामलों में 1.39 करोड़ लोगों की गिरफ्तारी हुई. 1,319 जेलों में कैदियों की संख्या में 13 प्रतिशत की वृद्धि हुई है. दिसंबर 2020 में यह आंकड़ा 488,511 था जो दिसंबर 2021 में बढ़कर 554,034 हो गया.

आईजेआर रिपोर्ट में कहा गया है, ‘एक वर्ष में इतनी ज्यादा वृद्धि चिंताजनक है, खासकर यह देखते हुए कि 2021 कोविड प्रभावित दूसरा साल था जब पूरे देश में भीड़भाड़ घटाने के प्रयास किए जा रहे थे. पूरे वर्ष के दौरान जेलों पहुंचने वाले और वहां से छूटकर जाने वालों की कुल संख्या भी 2020 में 16.3 लाख के मुकाबले 10.8 प्रतिशत बढ़कर 2021 में कुल 18.1 लाख हो गई.’

आईजेआर ने पाया कि दिसंबर 2021 तक, 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में से 19 की जेलों में कैदियों की संख्या उनकी क्षमता से अधिक थी. उत्तराखंड में यह दर सबसे अधिक 185 प्रतिशत थी, जबकि राजस्थान में यह 100.2 प्रतिशत थी.

केंद्र शासित प्रदेशों में दादरा और नगर हवेली, दमन और दीव, दिल्ली, जम्मू और कश्मीर में ऑक्यूपेंसी रेट 100 प्रतिशत से अधिक रहा. कैदियों की कुल संख्या में 77 फीसदी अंडर-ट्रायल थे जो आंकड़ा 2020 की तुलना में एक फीसदी अधिक है. रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि आंकड़े एक दशक में दोगुने हो गए हैं जो 2010 में 2.4 लाख की तुलना में 2021 में 4.3 लाख पर पहुंच गए.

आईजेआर ने अपने विश्लेषण में पाया कि अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, अरुणाचल प्रदेश, मिजोरम और त्रिपुरा को छोड़, अन्य सभी राज्यों में विचाराधीन कैदियों की संख्या में 60 प्रतिशत की वृद्धि हुई है. दिल्ली में 10 में से नौ कैदी विचाराधीन थे.

पूरे देश में 24,003 विचारधीन कैदी पिछले तीन से पांच सालों से जेल में बंद हैं और 11,490 कैदी पांच साल से ज्यादा का समय जेल में बिता चुके हैं. इनमें सबसे ज्यादा संख्या उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र के कैदियों की है.

रिपोर्ट में कहा गया है कि अधिकांश कैदी आर्थिक रूप से पिछड़े वर्ग वाली पृष्ठभूमि से आते हैं जबकि 25.2 प्रतिशत निरक्षर थे.

कुल मिलाकर 51.7 फीसदी दोषियों में से 21.69 फीसदी अनुसूचित जाति के, 14.09 फीसदी अनुसूचित जनजाति के और 15.9 फीसदी मुस्लिम थे.

विचाराधीन 49 प्रतिशत कैदियों में से 21.08 प्रतिशत अनुसूचित जाति के, 9.88 प्रतिशत अनुसूचित जनजाति के और 18 प्रतिशत मुस्लिम थे. हिरासत में लिए गए 56.4 प्रतिशत बंदियों में से 27.7 प्रतिशत मुसलमान, क्रमशः 23.05 और 5.62 प्रतिशत अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के थे.

हालांकि, जेल कर्मियों की कुल रिक्तियां दिसंबर 2020 में 30.3 प्रतिशत से घटकर दिसंबर 2021 में 28 प्रतिशत रह गईं. इसके बावजूद पिछले साल के अंत तक आधे राज्य और केंद्र शासित प्रदेश एक-चौथाई पद रिक्त होने के साथ काम कर रहे थे. जेल कर्मियों की सबसे ज्यादा रिक्तियां लद्दाख, सिक्किम और झारखंड में दर्ज की गई हैं. वहीं, केंद्र शासित प्रदेशों में सबसे ज्यादा कमी जम्मू-कश्मीर में थी.

रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि मेडिकल स्टाफ—डॉक्टर, लैब टेक्नीशियन, फार्मासिस्ट और कंपाउंडर्स की संख्या भी घटी है. 14 राज्यों में 40 प्रतिशत से अधिक रिक्तियां हैं, और गोवा, पश्चिम बंगाल और कर्नाटक इस सूची में सबसे ऊपर हैं.

योग्य डॉक्टरों की रिक्तियों भी तेजी से बढ़ी है, 2020 में 34 प्रतिशत की कमी की तुलना में 2021 में यह कमी 48.2 प्रतिशत पर पहुंच गई. रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि मॉडल जेल मैनुअल के मुताबिक प्रत्येक 300 कैदियों पर एक डॉक्टर होना चाहिए लेकिन राष्ट्रीय औसत देखें तो यह आंकड़ा 842 कैदियों पर एक डॉक्टर का है.

कैदियों की कोर्ट और अस्पतालों तक पहुंच का आंकड़ा भी कोविड-पूर्व की स्थिति पर पहुंच गया है जो क्रमशः 34 और 24 प्रतिशत रहा है.

 

 

ShareTweetSend
RK News

RK News

Related Posts

रूसी तेल खरीदने पर भारत पर 100% टैरिफ का खतरा, अमेरिका में प्रतिबंध वाला बिल आगे बढ़ा
समाचार

रूसी तेल खरीदने पर भारत पर 100% टैरिफ का खतरा, अमेरिका में प्रतिबंध वाला बिल आगे बढ़ा

September 16, 2026
हूतियों का सऊदी अरब पर मिसाइल-ड्रोन हमला, मक्का की ओर ड्रोन भेजने से इनकार; बढ़ा तनाव
समाचार

हूतियों का सऊदी अरब पर मिसाइल-ड्रोन हमला, मक्का की ओर ड्रोन भेजने से इनकार; बढ़ा तनाव

September 16, 2026
गुरुग्राम में महिला बाइकर का पीछा, ‘दूर रहो’ कहने पर कार से मारी टक्कर
समाचार

गुरुग्राम में महिला बाइकर का पीछा, ‘दूर रहो’ कहने पर कार से मारी टक्कर

September 14, 2026
मोहसिन नकवी को फिर ट्रॉफी देने से भारत का इनकार, BCCI के फैसले के बावजूद क्यों पहुंचे मंच पर?
समाचार

मोहसिन नकवी को फिर ट्रॉफी देने से भारत का इनकार, BCCI के फैसले के बावजूद क्यों पहुंचे मंच पर?

September 14, 2026
“UCC सभी एनडीए शासित राज्यों में 2029 लोकसभा चुनाव से पहले लागू होगा”… अमित शाह का बड़ा ऐलान,
समाचार

“UCC सभी एनडीए शासित राज्यों में 2029 लोकसभा चुनाव से पहले लागू होगा”… अमित शाह का बड़ा ऐलान,

September 14, 2026
ED रेड के बाद हरीश रावत ने कांग्रेस के पद से इस्तीफा दिया ; बोले- पार्टी की लड़ाई कमजोर नहीं होनी चाहिए
समाचार

ED रेड के बाद हरीश रावत ने कांग्रेस के पद से इस्तीफा दिया ; बोले- पार्टी की लड़ाई कमजोर नहीं होनी चाहिए

September 12, 2026
Next Post
गोवा में पूर्व CM समेत कांग्रेस के 8 MLA BJP में शामिल

गोवा में पूर्व CM समेत कांग्रेस के 8 MLA BJP में शामिल

7011311111 नंबर पर मिस्ड कॉल कर या वाट्सएप पर Hi भेजकर फार्म प्राप्त कर सकते हैं और उसे भर कर सब्सिडी की मांग कर सकते हैं- अरविंद केजरीवाल

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recommended Stories

Waqf Bill: सुप्रीम कोर्ट में वक्फ विधेयक को चुनौती देने की तैयारी; कांग्रेस،डी एम, के अदालत जाएं गी

April 4, 2025

जमीयत का प्रतिनिधिमंडल उत्तराखंड गया, बंद किए गए मदरसों का निरीक्षण किया, अधिकारियों से मुलाकात की, हरसंभव मदद का आश्वासन दिया.

March 16, 2025

Karnataka में क्या बनी बीजेपी की हार की वजह,कांग्रेस ने कैसे बाजी मारी; जानें कहां चूंकि बीजेपी

May 13, 2023

Popular Stories

  • दिल्ली में 1396 कॉलोनियां हैं अवैध, देखें इनमें आपका इलाका भी तो नहीं शामिल ?

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • मेवात के नूह में तनाव, 3 दिन इंटरनेट सेवा बंद, 600 परFIR

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • कौन हैं जामिया मिलिया इस्लामिया के नए चांसलर डॉक्टर सैय्यदना सैफुद्दीन?

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • हमारे  पास ठोस सबूत नहीं, कनाडा  ने माना|भारत ने कहा- हमारे आरोपों की पुष्टि

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • NCERT Recruitment 2023 में नौकरी पाने का जबरदस्त मौका, कल से शुरू होगा आवेदन, जानें तमाम डिटेल

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • पकिस्तान के लिए जासूसी के आरोप में महिला यूट्यूबर ज्योति गिरफ्तार, पूछताछ में किए बड़े खुलासे

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
Roznama Khabrein

The Roznama Khabrein advocates rule of law, human rights, minority rights, national interests, press freedom, and transparency on which the newspaper and newsportal has never compromised and will never compromise whatever the costs.

More... »

Recent Posts

  • रूसी तेल खरीदने पर भारत पर 100% टैरिफ का खतरा, अमेरिका में प्रतिबंध वाला बिल आगे बढ़ा
  • हूतियों का सऊदी अरब पर मिसाइल-ड्रोन हमला, मक्का की ओर ड्रोन भेजने से इनकार; बढ़ा तनाव
  • गुरुग्राम में महिला बाइकर का पीछा, ‘दूर रहो’ कहने पर कार से मारी टक्कर

Categories

  • Uncategorized
  • अन्य
  • एजुकेशन
  • देश-विदेश
  • पड़ताल
  • रोजनामा खबरें विशेष
  • विचार
  • समाचार
  • हेट क्राइम

Quick Links

  • About Us
  • Support Us
  • Terms & Conditions
  • Privacy Policy
  • Grievance
  • Contact Us

© 2021 Roznama Khabrein Hindi

No Result
View All Result
  • होम
  • समाचार
  • देश-विदेश
  • पड़ताल
  • एजुकेशन
  • विचार
  • हेट क्राइम
  • अन्य
  • रोजनामा खबरें विशेष
  • اردو

© 2021 Roznama Khabrein Hindi