Roznama Khabrein
No Result
View All Result
  • होम
  • समाचार
  • देश-विदेश
  • पड़ताल
  • एजुकेशन
  • विचार
  • हेट क्राइम
  • अन्य
  • रोजनामा खबरें विशेष
  • اردو
اردو
  • होम
  • समाचार
  • देश-विदेश
  • पड़ताल
  • एजुकेशन
  • विचार
  • हेट क्राइम
  • अन्य
  • रोजनामा खबरें विशेष
  • اردو
No Result
View All Result
No Result
View All Result
Home समाचार

सुशीला कार्की संभालेंगी नेपाल की कमान? बालेन शाह ने नहीं दिखाई दिलचस्पी

RK News by RK News
September 10, 2025
Reading Time: 1 min read
0

नेपाल की राजनीति में एक नया मोड़ आता दिख रहा है. हिंसा और सत्ता संकट के बीच अब देश की कमान कौन संभालेगा, इसे लेकर Gen-Z आंदोलनकारियों ने वर्चुअल बैठक बुलाई. इस ऑनलाइन सभा में 5,000 से ज्यादा युवाओं ने हिस्सा लिया और सबसे ज़्यादा समर्थन पूर्व मुख्य न्यायाधीश सुशीला कार्की को मिला.काठमांडू के मेयर बालेन शाह, जिन्हें अब तक Gen-Z का पोस्टर लीडर माना जाता रहा है, उन्होंने युवाओं की अपील का कोई जवाब नहीं दिया. एक प्रतिनिधि ने कहा,उन्होंने हमारी कॉल नहीं उठाई, चर्चा फिर दूसरे नामों की ओर चली गई और सबसे अधिक समर्थन सुशीला कार्की को मिला.’ जेन ज़ी ने अपने फैसले के बारे में फोन करके सुशीला कार्की को अपना फैसला सुनाया जिसे उन्होंने स्वीकार कर लिया। इस तरह से नेपाल के लिए बड़ी खुशखबरी हो सकती है कि जैसे  सुशीला कार्की देश की पहली महिला चीफ जस्टिस बनीं और उसके बाद अब वे पहली महिला प्रधानमंत्री बन सकती हैं। जेन ज़ी ने आज की बैठक के बाद ये स्पष्ट कह दिया कि दुर्गा परसाईं, रासपा और राप्रपा का नई सरकार में किसी भी तरह का दखल नहीं होगा और कमान सुशीला कार्की सत्ता संभालें

RELATED POSTS

बंगाल में मस्जिदों से लाउडस्पीकर हटाने का दबाव? मुस्लिम नेताओं ने अमित शाह को सौंपा ज्ञापन

राहुल गांधी ने बताया बीजेपी में अपना पसंदीदा नेता; दिया चौंकाने वाला जवाब

जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शनों के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट सख्त, केंद्र सरकार को जारी किया नोटिस

साल 2017 में प्रमुख राजनीतिक दलों ने सुशीला कार्की पर पूर्वाग्रह और कार्यपालिका में हस्तक्षेप का आरोप लगाया था और फिर उनपर महाभियोग प्रस्ताव भी पेश किया गया था। लेकिन देश में उन्हें मिले भारी जन समर्थन और सुप्रीम कोर्ट के आदेश के कारण राजनीतिक दलों के इस प्रस्ताव को वापस ले लिया गया था। इसी बात से उनकी जनमानस में गहरी पैठ की बात पता चलती है।अपने रिटायरमेंट के बाद सुशीला कार्की ने दो किताबें लिखीं, जिसमें से  पहली उनकी आत्मकथा ‘न्याय’ है, जिसमें उन्होंने अपने जीवन, न्यायिक संघर्षों और राजनीतिक दबाव की कहानी लिखी है। उनकी लिखी दूसरी किताब ‘कारा’ नामक एक उपन्यास है, जो उनकी हिरासत के समय से प्रेरित है और महिलाओं के सामाजिक संघर्षों को उजागर करती है।

Tags: kp oliNepal? Balen Shahpmpublic movmentSushila Karkiunrest
ShareTweetSend
RK News

RK News

Related Posts

बंगाल में मस्जिदों से लाउडस्पीकर हटाने का दबाव? मुस्लिम नेताओं ने अमित शाह को सौंपा ज्ञापन
समाचार

बंगाल में मस्जिदों से लाउडस्पीकर हटाने का दबाव? मुस्लिम नेताओं ने अमित शाह को सौंपा ज्ञापन

August 7, 2026
राहुल गांधी ने बताया बीजेपी में अपना पसंदीदा नेता; दिया चौंकाने वाला जवाब
समाचार

राहुल गांधी ने बताया बीजेपी में अपना पसंदीदा नेता; दिया चौंकाने वाला जवाब

August 7, 2026
SC ने UPSC इंजीनियरिंग सेवा परीक्षा को स्थगित करने की मांग वाली याचिका को किया खारिज
समाचार

जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शनों के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट सख्त, केंद्र सरकार को जारी किया नोटिस

August 3, 2026
महिला पहलवानों के यौन उत्पीड़न मामले में बृजभूषण शरण सिंह बरी
समाचार

महिला पहलवानों के यौन उत्पीड़न मामले में बृजभूषण शरण सिंह बरी

August 3, 2026
अभिषेक दीपके पर स्याही फेंकने वाली बरखा त्रेहन कौन हैं? रेप आरोपी कुलदीप सेंगर के समर्थन को लेकर भी रही हैं चर्चा में
समाचार

1 करोड़ की फंडिंग पर घिरे अभिजीत दीपके? अमेरिका की पढ़ाई से CJP लीगल फंड तक, ECI से जांच की मांग

August 2, 2026
मुजतबा खामेनेई और डोनाल्ड ट्रंप
समाचार

ट्रंप ने ईरान पर नए हमले रोके, फिर शांति समझौते का दावा

August 2, 2026
Next Post

नेतन्याहू की कतर को धमकी:हमास नेताओं को निष्कासित करे या न्याय के कटघरे में लाए वरना----

"पूरा खाड़ी क्षेत्र खतरे में"कतर का अरब व इस्लामी देशों से एकजुट होकर इजरायल को कड़ा जवाब देनेकाआह्वान

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recommended Stories

भारतीय पत्रकार दानिश अफ़ग़ानिस्तान संघर्ष में मारे गए

भारतीय पत्रकार दानिश अफ़ग़ानिस्तान संघर्ष में मारे गए

July 16, 2021
लव जिहाद’ ब्रह्मास्त्र’ बीफ-एमपी में बीजेपी के हिंदुत्व की धार

लव जिहाद’ ब्रह्मास्त्र’ बीफ-एमपी में बीजेपी के हिंदुत्व की धार

September 11, 2022
किसानों और मानवाधिकार कार्यकर्ताओं पर बढ़ते दमन के विरुद्ध निंदा प्रस्ताव पारित। तीस्ता सीतलवाड़ और मोहम्मद ज़ुबैर की गिरफ्तारी का विरोध

किसानों और मानवाधिकार कार्यकर्ताओं पर बढ़ते दमन के विरुद्ध निंदा प्रस्ताव पारित। तीस्ता सीतलवाड़ और मोहम्मद ज़ुबैर की गिरफ्तारी का विरोध

July 3, 2022

Popular Stories

  • दिल्ली में 1396 कॉलोनियां हैं अवैध, देखें इनमें आपका इलाका भी तो नहीं शामिल ?

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • मेवात के नूह में तनाव, 3 दिन इंटरनेट सेवा बंद, 600 परFIR

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • कौन हैं जामिया मिलिया इस्लामिया के नए चांसलर डॉक्टर सैय्यदना सैफुद्दीन?

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • NCERT Recruitment 2023 में नौकरी पाने का जबरदस्त मौका, कल से शुरू होगा आवेदन, जानें तमाम डिटेल

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • हमारे  पास ठोस सबूत नहीं, कनाडा  ने माना|भारत ने कहा- हमारे आरोपों की पुष्टि

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • पकिस्तान के लिए जासूसी के आरोप में महिला यूट्यूबर ज्योति गिरफ्तार, पूछताछ में किए बड़े खुलासे

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
Roznama Khabrein

The Roznama Khabrein advocates rule of law, human rights, minority rights, national interests, press freedom, and transparency on which the newspaper and newsportal has never compromised and will never compromise whatever the costs.

More... »

Recent Posts

  • बंगाल में मस्जिदों से लाउडस्पीकर हटाने का दबाव? मुस्लिम नेताओं ने अमित शाह को सौंपा ज्ञापन
  • राहुल गांधी ने बताया बीजेपी में अपना पसंदीदा नेता; दिया चौंकाने वाला जवाब
  • जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शनों के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट सख्त, केंद्र सरकार को जारी किया नोटिस

Categories

  • Uncategorized
  • अन्य
  • एजुकेशन
  • देश-विदेश
  • पड़ताल
  • रोजनामा खबरें विशेष
  • विचार
  • समाचार
  • हेट क्राइम

Quick Links

  • About Us
  • Support Us
  • Terms & Conditions
  • Privacy Policy
  • Grievance
  • Contact Us

© 2021 Roznama Khabrein Hindi

No Result
View All Result
  • होम
  • समाचार
  • देश-विदेश
  • पड़ताल
  • एजुकेशन
  • विचार
  • हेट क्राइम
  • अन्य
  • रोजनामा खबरें विशेष
  • اردو

© 2021 Roznama Khabrein Hindi