मानसून सत्र के चौथे दिन भी संसद में पेपर लीक का मुद्दा छाया रहा और लोकसभा व राज्यसभा की कार्यवाही लगातार बाधित होती रही। विपक्ष जहां केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और पेपर लीक पर विस्तृत चर्चा की मांग कर रहा है, वहीं सत्तारूढ़ NDA गठबंधन विपक्ष पर संसद की कार्यवाही बाधित करने का आरोप लगा रहा है। संसद परिसर में गुरुवार को दोनों गठबंधनों के बीच राजनीतिक टकराव खुलकर सामने आया।
संसद भवन के मकर द्वार पर NDA के सांसदों ने कांग्रेस और INDIA गठबंधन के विरोध प्रदर्शन के खिलाफ प्रदर्शन किया। दूसरी ओर, INDIA गठबंधन के नेताओं और सांसदों ने पेपर लीक मामले, NEET-UG विवाद, शिक्षा व्यवस्था में कथित विफलताओं और कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संसद मार्च के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई के विरोध में प्रदर्शन किया। विपक्ष का आरोप है कि सरकार छात्रों के सवालों का जवाब देने से बच रही है और शिक्षा मंत्री को नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देना चाहिए।
गौरतलब है कि संसद का मानसून सत्र 20 जुलाई 2026 को शुरू हुआ था। सत्र के पहले ही दिन विपक्ष ने पेपर लीक के मुद्दे पर तत्काल चर्चा की मांग की थी। हालांकि, लोकसभा अध्यक्ष द्वारा प्रश्नकाल शुरू किए जाने के बाद विपक्षी सांसदों ने सदन के वेल में पहुंचकर नारेबाजी शुरू कर दी। लगातार हंगामे के चलते सदन की कार्यवाही बार-बार स्थगित करनी पड़ी। यही स्थिति राज्यसभा में भी देखने को मिली, जहां विपक्ष और सरकार के बीच गतिरोध बना हुआ है।
पिछले चार दिनों से संसद की कार्यवाही सुचारु रूप से नहीं चल पाई है। विपक्ष का कहना है कि जब तक सरकार पेपर लीक मामले पर चर्चा के लिए तैयार नहीं होती और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान जवाब नहीं देते, तब तक उनका विरोध जारी रहेगा। वहीं, NDA का कहना है कि सरकार इस मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है, लेकिन विपक्ष राजनीतिक लाभ के लिए संसद को चलने नहीं देना चाहता।










