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उत्तराखंड, गुजरात और असम के बाद अब महाराष्ट्र में लागू होगी UCC; फडणवीस सरकार ने बनाई विशेषज्ञ समिति

RK News by RK News
July 10, 2026
Reading Time: 1 min read
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महाराष्ट्र UCC

मुंबई: उत्तराखंड, गुजरात और असम के बाद अब महाराष्ट्र भी समान नागरिक संहिता (Uniform Civil Code-UCC) लागू करने की दिशा में आगे बढ़ गया है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने राज्य में यूसीसी का मसौदा तैयार करने के लिए सुप्रीम कोर्ट की पूर्व न्यायाधीश जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता में सात सदस्यीय विशेषज्ञ समिति के गठन की घोषणा की है।

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सरकार के अनुसार समिति छह महीने के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। इसके बाद समिति की सिफारिशों के आधार पर तैयार विधेयक को नागपुर में होने वाले शीतकालीन विधानसभा सत्र में पेश करने की योजना है।

छह महीने में तैयार होगा UCC का मसौदा

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि विशेषज्ञ समिति राज्य की सामाजिक, कानूनी और संवैधानिक परिस्थितियों का अध्ययन कर समान नागरिक संहिता का विस्तृत मसौदा तैयार करेगी। सरकार का उद्देश्य सभी नागरिकों के लिए समान नागरिक कानून की रूपरेखा तैयार करना है।

समिति की रिपोर्ट मिलने के बाद राज्य सरकार अंतिम मसौदे पर निर्णय लेगी और विधानसभा में विधेयक पेश करेगी।

जस्टिस रंजना देसाई पहले भी निभा चुकी हैं अहम भूमिका

Justice Ranjana Desai

दिलचस्प बात यह है कि जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई इससे पहले उत्तराखंड में लागू की गई यूसीसी के लिए गठित समिति की भी अध्यक्ष रह चुकी हैं।

हाल ही में पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने भी घोषणा की थी कि यदि राज्य में उनकी सरकार बनती है तो यूसीसी लागू करने के लिए जस्टिस रंजना देसाई की अध्यक्षता में समिति गठित की जाएगी।

किन राज्यों में लागू है UCC?

फिलहाल गोवा देश का एकमात्र राज्य है, जहां पुर्तगाली सिविल कोड के आधार पर लंबे समय से समान नागरिक संहिता जैसी व्यवस्था लागू है।

इसके अलावा:

  • उत्तराखंड आज़ाद भारत का पहला राज्य बना, जहां 27 जनवरी 2025 से यूसीसी लागू हुआ।
  • गुजरात ने 24 मार्च 2026 को यूसीसी विधेयक पारित किया। इसमें विवाह, तलाक, लिव-इन रिलेशनशिप, संपत्ति और बहुविवाह जैसे मामलों में समान कानूनी प्रावधान किए गए हैं।
  • असम भी समान नागरिक संहिता लागू करने की दिशा में कदम बढ़ा चुका है।

क्या है समान नागरिक संहिता (UCC)?

समान नागरिक संहिता का उद्देश्य विवाह, तलाक, उत्तराधिकार, गोद लेने और संपत्ति जैसे नागरिक मामलों में सभी धर्मों के नागरिकों के लिए एक समान कानून लागू करना है। इस मुद्दे पर लंबे समय से राजनीतिक और कानूनी बहस जारी है। समर्थक इसे समानता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानते हैं, जबकि विरोधी इसे धार्मिक स्वतंत्रता और व्यक्तिगत कानूनों से जुड़ा विषय बताते हैं।

Tags: Devendra FadnavisMaharashtra GovernmentMaharashtra UCCRanjana DesaiUCC BillUniform Civil Code
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