जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके पर स्याही फेंके जाने की घटना के बाद बरखा त्रेहन का नाम सुर्खियों में आ गया है। सोशल मीडिया पर खुद को पुरुषों के अधिकारों के लिए आवाज उठाने वाली कार्यकर्ता बताने वाली बरखा त्रेहन पहले भी कई विवादित मुद्दों पर खुलकर अपनी राय रख चुकी हैं। वह अक्सर टीवी डिबेट्स और सोशल मीडिया के माध्यम से चर्चित मामलों पर अपनी प्रतिक्रिया देती रही हैं।
बरखा त्रेहन के सोशल मीडिया अकाउंट्स पर पुरुषों के खिलाफ कथित अन्याय और हाई-प्रोफाइल मामलों से जुड़े कई पोस्ट देखने को मिलते हैं। उन्होंने केतन अग्रवाल, राजा रघुवंशी सहित कई चर्चित मामलों में अपनी राय सार्वजनिक रूप से रखी है। पुरुष अधिकारों से जुड़े आंदोलनों और अभियानों में भी उनकी सक्रिय भागीदारी देखी गई है।
अभिजीत दीपके पर स्याही फेंकने के पीछे क्या बताया कारण?
स्याही फेंकने की घटना के बाद बरखा त्रेहन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक पोस्ट साझा करते हुए इसकी जिम्मेदारी ली। उन्होंने लिखा कि वह वही महिला हैं जिन्होंने अभिजीत दीपके पर स्याही फेंकी थी। अपने पोस्ट में उन्होंने दावा किया कि कॉकरोच जनता पार्टी के मंच से भगवान श्रीराम का अपमान किया गया था और उस दौरान अभिजीत दीपके हंस रहे थे। उन्होंने स्वयं को कट्टर हिंदू बताते हुए कहा कि उन्होंने विरोध स्वरूप यह कदम उठाया और उन्हें अपने इस कार्य पर गर्व है।
बरखा त्रेहन के इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर इस घटना को लेकर तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। समर्थकों और विरोधियों के बीच इस मुद्दे को लेकर बहस तेज हो गई है।
जंतर-मंतर पर कैसे हुई घटना?
जानकारी के अनुसार, अभिजीत दीपके अन्य प्रदर्शनकारियों के साथ मंच के पास मौजूद थे, तभी वहां मौजूद एक महिला ने उनके ऊपर स्याही फेंक दी। स्याही सीधे उनके चेहरे पर गिरी, जबकि कुछ छींटे आसपास मौजूद लोगों के कपड़ों पर भी पड़े। घटना के बाद प्रदर्शन स्थल पर कुछ समय के लिए अफरा-तफरी की स्थिति बन गई।
मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए महिला को हिरासत में ले लिया। घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त कर दिया गया। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और घटना से जुड़े तथ्यों को खंगाल रही है।
कुलदीप सेंगर के समर्थन को लेकर भी रही हैं चर्चा में
स्याही फेंकने की घटना के बाद बरखा त्रेहन के पुराने सोशल मीडिया पोस्ट और सार्वजनिक गतिविधियां भी चर्चा में आ गई हैं। सोशल मीडिया पर उपलब्ध जानकारी के अनुसार, वह पिछले वर्ष जंतर-मंतर पर आयोजित एक प्रदर्शन में शामिल हुई थीं, जिसका आयोजन ‘पुरुष आयोग’ नामक एक गैर-सरकारी संगठन द्वारा किया गया था।इसी कार्यक्रम के दौरान उन्होंने पूर्व भाजपा विधायक कुलदीप सेंगर के समर्थन में अपनी बात रखी थी। कुलदीप सेंगर एक चर्चित आपराधिक मामले में दोषी ठहराए जा चुके हैं। बरखा त्रेहन का उस प्रदर्शन में शामिल होना और उनके समर्थन में दिए गए बयानों को लेकर उस समय भी विवाद खड़ा हुआ था।
बरखा त्रेहन लंबे समय से पुरुष अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर सक्रिय रही हैं और कई मामलों में उन्होंने मुख्यधारा की राय से अलग अपना पक्ष रखा है। हालांकि, अभिजीत दीपके पर स्याही फेंकने की घटना के बाद वह एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गई हैं।











