CJP की फंडिंग को लेकर उठे सवाल
दिल्ली के जंतर-मंतर पर चले छात्र आंदोलन के समाप्त होने के बाद कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके एक नए विवाद में घिरते नजर आ रहे हैं।उनकी कॉकरोच जनता पार्टी के लीगल डिफेंस फंड पर सवाल उठे हैं. एक सवाल यह भी पूछा गया है कि अभिजीत दिपके के पिता भगवानराव दिपके के पास उन्हें अमेरिका भेजने के लिए पैसे कहां से आए, जबकि वे एक रिटायर्ड कर्मचारी हैं? गुजरात के सूरत के RTI कार्यकर्ता अमित तिवारी ने भारतीय चुनाव आयोग (ECI) और केंद्रीय GST अधिकारियों को पत्र लिखकर CJP के कथित 1 करोड़ रुपये के लीगल डिफेंस फंड, पार्टी की कानूनी स्थिति और अभिजीत दीपके की आर्थिक पृष्ठभूमि की जांच कराने की मांग की है।
अमेरिका की पढ़ाई पर भी उठाया सवाल
RTI कार्यकर्ता ने अपने पत्र में यह भी सवाल उठाया है कि अभिजीत दीपके के पिता भगवानराव दीपके, जो एक सेवानिवृत्त सरकारी कर्मचारी बताए जाते हैं, उन्होंने अपने बेटे को उच्च शिक्षा के लिए अमेरिका कैसे भेजा। पत्र में इस आर्थिक स्रोत की जांच की मांग की गई है।हालांकि, इस संबंध में अभी तक अभिजीत दीपके या उनके परिवार की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
CJP के 1 करोड़ रुपये के लीगल डिफेंस फंड पर सवाल
पत्र में CJP द्वारा बनाए गए कथित 1 करोड़ रुपये के लीगल डिफेंस फंड पर भी सवाल उठाए गए हैं। RTI कार्यकर्ता ने मांग की है कि यह जांच की जाए कि इस फंड का स्रोत क्या है, इसका संचालन कैसे किया जा रहा है और इसका उपयोग किन उद्देश्यों के लिए किया जा रहा है।RTI कार्यकर्ता अमित तिवारी ने भारतीय चुनाव आयोग (ECI) और केंद्रीय GST बोर्ड के अधिकारियों को लिख लेटर में सवाल उठाया है कि रिटायर्ड सरकारी कर्मचारी अपने बेटे को हायर एजुकेशन के लिए अमेरिका कैसे भेज पाए? कॉकरोच जनता पार्टी के एक करोड़ के लीगल डिफेंस फंड का सच क्या है? CJP कार्यकर्ताओं को कानूनी मदद और इसके लिए फंड कैसे मिल रही है?यह लीगल डिफेंस फंड संसद मार्च और आंदोलन के दौरान घायल या कानूनी मामलों का सामना कर रहे प्रदर्शनकारियों को सहायता देने के उद्देश्य से घोषित किया गया था।
कपिल सिब्बल की घोषणा पर भी उठे सवाल
अमित तिवारी ने वरिष्ठ अधिवक्ता और राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल द्वारा CJP को 1 करोड़ रुपये की कानूनी सहायता देने की सार्वजनिक घोषणा का भी उल्लेख किया है।उन्होंने सवाल उठाया है कि यदि यह राशि दी गई है तो उस पर लागू कर नियमों, विशेषकर GST के प्रावधानों का पालन किया गया या नहीं। उन्होंने इस पूरे वित्तीय लेन-देन की जांच की मांग की है।
पार्टी के कानूनी दर्जे पर सवाल
RTI कार्यकर्ता ने चुनाव आयोग से यह भी पूछा है कि क्या कॉकरोच जनता पार्टी जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 29A के तहत एक पंजीकृत राजनीतिक दल है।उन्होंने कहा कि यदि पार्टी का पंजीकरण नहीं हुआ है तो वह राजनीतिक दल की तरह गतिविधियां कैसे संचालित कर रही है और सार्वजनिक रूप से राजनीतिक अभियान तथा फंडिंग कैसे जुटा रही है। उन्होंने इस पहलू की भी जांच कराने की मांग की है।
अभी तक कोई आधिकारिक जांच घोषित नहीं
फिलहाल चुनाव आयोग, केंद्रीय GST बोर्ड या अन्य संबंधित एजेंसियों की ओर से इस शिकायत पर किसी औपचारिक जांच की घोषणा नहीं की गई है। वहीं अभिजीत दीपके, CJP और कपिल सिब्बल की ओर से भी इन आरोपों और मांगों पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं हुआ है।










