अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि ईरान के साथ एक नए शांति समझौते की रूपरेखा पर सहमति बनने के बाद अमेरिका ने फिलहाल ईरान पर नए सैन्य हमले रोक दिए हैं। उन्होंने कहा कि बातचीत सकारात्मक दिशा में बढ़ रही है और यदि यह समझौता अंतिम रूप लेता है तो मध्य पूर्व में लंबे समय से जारी तनाव कम हो सकता है।
यह बयान ऐसे समय आया है जब खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी मिसाइलों और इंटरसेप्टरों के सीमित स्टॉक को लेकर भी रिपोर्टें सामने आ रही हैं।
होर्मुज़ जलडमरूमध्य और परमाणु कार्यक्रम पर फोकस
ट्रंप के अनुसार प्रस्तावित समझौते में दो प्रमुख बिंदु शामिल हैं।
- होर्मुज़ जलडमरूमध्य को सभी अंतरराष्ट्रीय जहाजों के लिए तत्काल और स्थायी रूप से खोलना।
- ईरान के परमाणु कार्यक्रम से जुड़े सुरक्षा जोखिमों को समाप्त करने के लिए नई व्यवस्था तैयार करना।
उन्होंने कहा कि यदि बातचीत सफल होती है तो यह पूरे क्षेत्र में स्थायी शांति की दिशा में महत्वपूर्ण कदम होगा।
पहले भी हुआ था समझौते का प्रयास
यह पहली बार नहीं है जब ट्रंप ने ईरान के साथ शांति समझौते का दावा किया है। इससे पहले भी अमेरिका और ईरान के बीच 14 बिंदुओं वाले एक समझौता मसौदे की घोषणा की गई थी, जिसका उद्देश्य दोनों देशों के बीच बढ़ते सैन्य तनाव को समाप्त करना था।
उस प्रस्ताव में सैन्य कार्रवाइयों पर रोक, एक-दूसरे के खिलाफ बल प्रयोग न करने की प्रतिबद्धता, समुद्री व्यापार की सुरक्षा तथा परमाणु विवाद के समाधान के लिए व्यापक वार्ता जैसे प्रावधान शामिल थे। हालांकि बाद में दोनों देशों के बीच तनाव दोबारा बढ़ गया और समझौते का प्रभावी क्रियान्वयन नहीं हो सका।
इसराइल के सहयोग का भी किया दावा
ट्रंप ने कहा कि इसराइल भी इस शांति प्रयास में अमेरिका के साथ खड़ा है और दोनों देश युद्ध समाप्त करने की दिशा में काम कर रहे हैं। हालांकि इसराइल सरकार की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि या बयान जारी नहीं किया गया है।
ईरान ने नहीं की पुष्टि
ट्रंप के दावों के बावजूद ईरान ने किसी नए शांति समझौते की पुष्टि नहीं की है। इसके विपरीत ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने हालिया बातचीत में स्पष्ट कहा कि यदि अमेरिका या इसराइल की ओर से कोई नया हमला होता है तो ईरान उसका कड़ा और निर्णायक जवाब देगा।उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि यदि क्षेत्र का कोई अन्य देश ऐसे किसी सैन्य अभियान में शामिल होता है तो उसके खिलाफ भी जवाबी कार्रवाई की जाएगी।
आधिकारिक घोषणा का इंतजार
फिलहाल अमेरिका की ओर से ट्रंप के बयान के अलावा किसी औपचारिक समझौते का दस्तावेज सार्वजनिक नहीं किया गया है। वहीं ईरान की ओर से भी इस कथित नई शांति पहल पर आधिकारिक सहमति सामने नहीं आई है। ऐसे में दोनों देशों के बीच संभावित समझौते को लेकर स्थिति अभी स्पष्ट नहीं मानी जा रही है।











