देश के चर्चित पर्यावरणविद् और सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने अपनी भूख हड़ताल के 20वें दिन बड़ा बयान देते हुए कहा है कि वह किसी भी कीमत पर 20 जुलाई तक जिंदा रहेंगे। उन्होंने अपने समर्थकों से संसद मार्च में बड़ी संख्या में शामिल होने की अपील की है। लगातार बिगड़ती सेहत और डॉक्टरों की चेतावनी के बावजूद वांगचुक ने साफ कर दिया है कि वह फिलहाल अपना अनशन समाप्त नहीं करेंगे।
59 वर्षीय सोनम वांगचुक जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे हैं। उनका यह आंदोलन कथित NEET पेपर लीक मामले को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर चल रहा है। इस विरोध प्रदर्शन का आयोजन ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) द्वारा किया जा रहा है, जिसने 20 जुलाई को संसद के मानसून सत्र की शुरुआत के दिन संसद तक शांतिपूर्ण मार्च निकालने का ऐलान किया है।
अपने समर्थकों को संबोधित करते हुए सोनम वांगचुक ने कहा, “मैं बाहर से कमजोर हूं, लेकिन अंदर से बहुत मजबूत हूं। मुझे पूरा विश्वास है कि आप सभी भी अंदर से मजबूत हैं। हमें यही ऊर्जा 20 जुलाई के लिए चाहिए, जब हम लोकतंत्र के मंदिर संसद तक अपनी बात पहुंचाने के लिए शांतिपूर्ण मार्च निकालेंगे।”
उन्होंने भावुक अंदाज में कहा, “मैं किसी भी कीमत पर 20 जुलाई तक जिंदा रहूंगा। अगर आप लोग नहीं आए और 20 जुलाई सफल नहीं हुआ, तो मैं भूत बनकर वापस आ जाऊंगा।” उनके इस बयान पर वहां मौजूद लोगों ने जोरदार तालियां बजाकर उनका समर्थन किया।
डॉक्टरों ने हालत को गंभीर बताया
गौरतलब है कि सोनम वांगचुक पिछले 20 दिनों से केवल सीमित मात्रा में पानी और चिकित्सकीय निगरानी में अनशन कर रहे हैं। डॉक्टरों ने गुरुवार को चेतावनी दी थी कि उनकी हालत अब बेहद नाजुक हो चुकी है और लंबे समय तक भूखे रहने के कारण उनका शरीर गंभीर रूप से प्रभावित होने लगा है। चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार, उनकी शारीरिक स्थिति ‘क्रिटिकल स्टेज’ में पहुंच चुकी है और यदि जल्द उचित चिकित्सकीय हस्तक्षेप नहीं किया गया तो स्थिति और गंभीर हो सकती है।












