नई दिल्ली: फुटबॉल के महान खिलाड़ियों में शुमार क्रिस्टियानो रोनाल्डो का विश्व कप जीतने का सपना एक बार फिर अधूरा रह गया। फीफा विश्व कप 2026 के प्री-क्वार्टर फाइनल में पुर्तगाल को स्पेन के खिलाफ 1-0 से हार का सामना करना पड़ा, जिसके साथ ही रोनाल्डो का छठा विश्व कप अभियान भी समाप्त हो गया।
मैच खत्म होने के बाद 41 वर्षीय रोनाल्डो बेहद भावुक नजर आए। उन्होंने स्वीकार किया कि यह उनके करियर का आखिरी विश्व कप था और इस तरह टूर्नामेंट से बाहर होना उनके लिए बेहद निराशाजनक है।
‘मैंने अपनी ओर से पूरी कोशिश की’
हार के बाद रोनाल्डो ने कहा कि उन्होंने टीम के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ देने की पूरी कोशिश की और उन्हें इस बात का संतोष है कि उन्होंने कोई कसर नहीं छोड़ी।
उन्होंने कहा,
“इस तरह विश्व कप से बाहर होना दुखद है। मैंने अपना सब कुछ झोंक दिया। मेरा जमीर साफ है क्योंकि मैंने पूरी ईमानदारी से खेला। यह मेरा आखिरी विश्व कप था। अब मैं अपने परिवार के साथ समय बिताऊंगा और भविष्य को लेकर जल्दबाजी में कोई फैसला नहीं करूंगा।”

संन्यास पर अभी नहीं लिया फैसला
रोनाल्डो ने यह साफ नहीं किया कि क्या उन्होंने पुर्तगाल की राष्ट्रीय टीम के लिए अपना आखिरी मैच खेल लिया है। उन्होंने कहा कि वह भावनाओं में बहकर कोई फैसला नहीं लेना चाहते और उचित समय आने पर ही अपने भविष्य को लेकर निर्णय करेंगे।
उनके मुताबिक, किसी व्यक्तिगत घोषणा से टीम के प्रदर्शन और अभियान पर ध्यान नहीं हटना चाहिए।

शानदार करियर की छोड़ी अमिट छाप
क्रिस्टियानो रोनाल्डो ने दो दशक से अधिक समय तक अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल में पुर्तगाल का नेतृत्व किया। उनकी कप्तानी में पुर्तगाल ने यूईएफए यूरो 2016, यूईएफए नेशंस लीग 2019 और 2025 का खिताब जीता। हालांकि विश्व कप ट्रॉफी जीतने का सपना उनके करियर में अधूरा ही रह गया।
इसके बावजूद रोनाल्डो को फुटबॉल इतिहास के सबसे महान खिलाड़ियों में गिना जाता है और अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल में उनका योगदान हमेशा याद किया जाएगा।










